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अलविदा ‘फेरी वाले तूफान’, अब एयर स्ट्राइक का हीरो मिग-21 मुरादाबाद की शान
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डा. भीमराव आंबेडकर पुलिस अकादमी में रखा हॉकर हरिकेन विमान।
- फोटो : CITY
मुरादाबाद। वायुसेना का मिग-21 विमान डा. आंबेडकर पुलिस अकादमी की शान बढ़ाएगा। रविवार सुबह लखनऊ से वायुसेना ने मिग 21 विमान को मुरादाबाद भिजवाया है। पुलिस अकादमी में वर्षों से रखा हाकर हरिकेन विमान सोमवार को वायुसेना के अफसरों की सुपुर्दगी में सौंपा जाएगा। हाकर हरिकेन विमान दिल्ली में वायुसेना के म्यूजियम में रखा जाएगा।
सिविल लाइंस थानाक्षेत्र में चक्कर की मिलक स्थित राइडिंग ग्राउंड में वर्ष 1967 में हॉकर हरिकेन विमान आपात स्थिति में उतारा गया था। इसके बाद यह विमान को 23 वीं वाहिनी पीएसी के सुपुर्द कर दिया गया। इसके बाद 21 दिसंबर 2006 को इस विमान को पुलिस अकादमी में रखा गया था। हाल ही में एयरफोर्स ने हॉकर हरिकेन को मांगा था। इसके बदलने में वायु सेना ने मिग-21 विमान को सौंपनी की बात की थी। शासन से अनुमति मिलने के बाद हॉकर हरिकेन विमान के हस्तांतरण की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। रविवार सुबह लखनऊ से वायु सेना का मिग-21 विमान तीन वाहनों से पुलिस अकादमी पहुंचा। यहां क्रेन के जरिये उसे रखा जाएगा। पुलिस अकादमी के निदेशक राजीव कृष्ण ने बताया कि शासन की अनुमति के बाद ही विमान हस्तांतरण की प्रक्रिया शुरू की गई है।
हॉकर हरिकेन का इतिहास:
द्वितीय विश्व युद्घ (1936-1945) के बीच लड़ा गया था। उस वक्त हॉकर हरिकेन विमान इंग्लैंड की सेना का प्रमुख युद्घक विमान था। बाद में इस विमान को खरीदकर भारतीय वायुसेना में शामिल कर लिया गया था। इस विमान की अधिकतम गति 550 किलोमीटर प्रति घंटा थी। 22 हजार फीट की ऊंचाई पर 480 किलोमीटर की उड़ान भरने की थी। इसके अलावा मशीन गन से लैस विमान 227 किलो का बम भी ले जा सकता था।
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बालाकोट एयर स्ट्राइक के हीरो मिग 21 में खूबियां
मुरादाबाद। बालाकोट एयर स्ट्राइक का हीरो मिग 21 अब पुलिस अकादमी में स्थापित होगा। बताया जाता है कि 1964 में मिग 21 को भारतीय वायु सेना में प्रथम सुपर सैनिक लड़ाकू जेट के रूप में शामिल किया गया था। इसने 1971 में भारत पाक युद्घ और 1999 कारगिल युद्घ में अहम भूमिका निभाई थी। सिंगल सीटर ये फाइटर विमान अधिकतम 2175 किमी प्रति घंटे की गति से उड़ान भर सकता है। इसके अलावा 16.8 किलोमीटर की अधिकतम ऊंचाई भी हासिल कर सकता है। यह अधिकतम चार शक्तिशाली बम, रॉकेट और हवा में मार करने वाली मिसाइल व गन ले जा सकता है।
इसलिए भारतीय वायु सेना ने लिया था हॉकर हरिकेन लेने का निर्णय
मुरादाबाद। द्वितीय विश्व युद्घ में फेरीवाले तूफान के नाम से विख्यात रहा इंग्लैंड की वायुसेना के हॉकर हरिकेन से भारतीय वायु सेना का गहरा लगाव है। मार्शल आफ द एयर फोर्स रहे अर्जुन सिंह हॉकर हरिकेन पर उड़ान भर चुके थे। इसकी जानकारी मिलते ही भारतीय वायुसेना ने हॉकर हरिकेन लेने की प्रक्रिया शुरू कर दी थी। हॉकर हरिकेन के बदलने में भारतीय वायुसेना बालाकोट के हीरो मिग 21 विमान पुलिस अकादमी को सौंपने को तैयार हो गई।
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सिविल लाइंस थानाक्षेत्र में चक्कर की मिलक स्थित राइडिंग ग्राउंड में वर्ष 1967 में हॉकर हरिकेन विमान आपात स्थिति में उतारा गया था। इसके बाद यह विमान को 23 वीं वाहिनी पीएसी के सुपुर्द कर दिया गया। इसके बाद 21 दिसंबर 2006 को इस विमान को पुलिस अकादमी में रखा गया था। हाल ही में एयरफोर्स ने हॉकर हरिकेन को मांगा था। इसके बदलने में वायु सेना ने मिग-21 विमान को सौंपनी की बात की थी। शासन से अनुमति मिलने के बाद हॉकर हरिकेन विमान के हस्तांतरण की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। रविवार सुबह लखनऊ से वायु सेना का मिग-21 विमान तीन वाहनों से पुलिस अकादमी पहुंचा। यहां क्रेन के जरिये उसे रखा जाएगा। पुलिस अकादमी के निदेशक राजीव कृष्ण ने बताया कि शासन की अनुमति के बाद ही विमान हस्तांतरण की प्रक्रिया शुरू की गई है।
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हॉकर हरिकेन का इतिहास:
द्वितीय विश्व युद्घ (1936-1945) के बीच लड़ा गया था। उस वक्त हॉकर हरिकेन विमान इंग्लैंड की सेना का प्रमुख युद्घक विमान था। बाद में इस विमान को खरीदकर भारतीय वायुसेना में शामिल कर लिया गया था। इस विमान की अधिकतम गति 550 किलोमीटर प्रति घंटा थी। 22 हजार फीट की ऊंचाई पर 480 किलोमीटर की उड़ान भरने की थी। इसके अलावा मशीन गन से लैस विमान 227 किलो का बम भी ले जा सकता था।
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बालाकोट एयर स्ट्राइक के हीरो मिग 21 में खूबियां
मुरादाबाद। बालाकोट एयर स्ट्राइक का हीरो मिग 21 अब पुलिस अकादमी में स्थापित होगा। बताया जाता है कि 1964 में मिग 21 को भारतीय वायु सेना में प्रथम सुपर सैनिक लड़ाकू जेट के रूप में शामिल किया गया था। इसने 1971 में भारत पाक युद्घ और 1999 कारगिल युद्घ में अहम भूमिका निभाई थी। सिंगल सीटर ये फाइटर विमान अधिकतम 2175 किमी प्रति घंटे की गति से उड़ान भर सकता है। इसके अलावा 16.8 किलोमीटर की अधिकतम ऊंचाई भी हासिल कर सकता है। यह अधिकतम चार शक्तिशाली बम, रॉकेट और हवा में मार करने वाली मिसाइल व गन ले जा सकता है।
इसलिए भारतीय वायु सेना ने लिया था हॉकर हरिकेन लेने का निर्णय
मुरादाबाद। द्वितीय विश्व युद्घ में फेरीवाले तूफान के नाम से विख्यात रहा इंग्लैंड की वायुसेना के हॉकर हरिकेन से भारतीय वायु सेना का गहरा लगाव है। मार्शल आफ द एयर फोर्स रहे अर्जुन सिंह हॉकर हरिकेन पर उड़ान भर चुके थे। इसकी जानकारी मिलते ही भारतीय वायुसेना ने हॉकर हरिकेन लेने की प्रक्रिया शुरू कर दी थी। हॉकर हरिकेन के बदलने में भारतीय वायुसेना बालाकोट के हीरो मिग 21 विमान पुलिस अकादमी को सौंपने को तैयार हो गई।

लखनऊ से मुरादाबाद आया मिग 21 विमान।- फोटो : CITY