{"_id":"622e3fa1570561574269eb03","slug":"fatness-may-be-cause-of-brain-stoke-city-news-mbd421503382","type":"story","status":"publish","title_hn":"मोटापा, डायबिटीज और नशे की लत बन सकती है ब्रेन स्ट्रोक का कारण","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मोटापा, डायबिटीज और नशे की लत बन सकती है ब्रेन स्ट्रोक का कारण
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मुरादाबाद। कैंसर और हृदय रोग की तरह एक और घातक बीमारी खराब दिनचर्या वाले लोगों में आम होती जा रही है। उच्च रक्तचाप, हृदयरोग, डायबिटीज, मोटापा और माइग्रेन भी इसकी वजह बन सकता है। शुरूआती एक दो घटों में इलाज मिले तो मरीज की जान बचाई जा सकती है। रविवार को जौर्जीयन सोसायटी की वार्षिक मीट में न्यूरो सर्जन अर्पित कुमार ने ब्रेन स्ट्रोक से बचने और उसके खतरे को कम करने के विषय पर चर्चा की।
उन्होंने बताया कि ठंड में ब्रेन स्ट्रोक के मामले बढ़ जाते हैं। क्योंकि तापमान का सीधा असर शरीर की कार्यप्रणाली पर पड़ता है। नसों में सिकुड़न होने से दिमाग में रक्तप्रवाह कम हो जाता है। वहीं, डायबिटीज से पीड़ित, मोटे और अधिक वजन वाले लोगों को मौसम ज्यादा ठंडा न होने पर भी यह समस्या हो सकती है। अगर किसी शख्स के शरीर के अंग टेढ़े हो रहे हैं, उसके देखने, सुनने और समझने की क्षमता प्रभावित हो गई हो तो यह ब्रेन स्ट्रोक के लक्षण हो सकते हैं। ऐसी स्थिति में मरीज को फौरन डॉक्टर के पास ले जाना चाहिए। डॉ. अर्पित के मुताबिक ब्रेन स्ट्रोक दो प्रकार के होते हैं। पहला सिस्मिक स्ट्रोक होता है। इसमें दिमाग की नसों में रक्तप्रवाह रुक जाता है। दिमाग की नली में खून का थक्का जम जाने से भी ब्रेन हेमरेज हो जाता है, जबकि दूसरा प्रकार हेमरेजिक स्ट्रोक होता है। इसमें दिमाग की नस से रक्तस्राव होने लगता है। इसमें मरीज को लकवा मार जाता है। कई मामलों में मरीज की मौत भी हो जाती है।
विज्ञापन
उन्होंने बताया कि ठंड में ब्रेन स्ट्रोक के मामले बढ़ जाते हैं। क्योंकि तापमान का सीधा असर शरीर की कार्यप्रणाली पर पड़ता है। नसों में सिकुड़न होने से दिमाग में रक्तप्रवाह कम हो जाता है। वहीं, डायबिटीज से पीड़ित, मोटे और अधिक वजन वाले लोगों को मौसम ज्यादा ठंडा न होने पर भी यह समस्या हो सकती है। अगर किसी शख्स के शरीर के अंग टेढ़े हो रहे हैं, उसके देखने, सुनने और समझने की क्षमता प्रभावित हो गई हो तो यह ब्रेन स्ट्रोक के लक्षण हो सकते हैं। ऐसी स्थिति में मरीज को फौरन डॉक्टर के पास ले जाना चाहिए। डॉ. अर्पित के मुताबिक ब्रेन स्ट्रोक दो प्रकार के होते हैं। पहला सिस्मिक स्ट्रोक होता है। इसमें दिमाग की नसों में रक्तप्रवाह रुक जाता है। दिमाग की नली में खून का थक्का जम जाने से भी ब्रेन हेमरेज हो जाता है, जबकि दूसरा प्रकार हेमरेजिक स्ट्रोक होता है। इसमें दिमाग की नस से रक्तस्राव होने लगता है। इसमें मरीज को लकवा मार जाता है। कई मामलों में मरीज की मौत भी हो जाती है।
विज्ञापन