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कृषि कानूनों के विरोध में रेल पटरियों पर बैठे किसान, ट्रेनों का किया चक्का जाम, नजरबंद करने का लगाया आरोप
Thu, 18 Feb 2021 03:57 PM IST
सुशील कुमार कुमार
अमर उजाला ब्यूरो, मुरादाबाद
अमर उजाला ब्यूरो, मुरादाबाद
Published by: सुशील कुमार कुमार
Updated Thu, 18 Feb 2021 03:57 PM IST
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कृषि कानूनों के विरोध में रेल पटरियों पर बैठे किसान।
- फोटो : अमर उजाला
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कृषि कानूनों के विरोध में संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर आज मुरादाबाद में भारतीय किसान यूनियन के कार्यकर्ताओं ने ट्रेनों का चक्का जाम किया। महानगर अध्यक्ष रणधीर सिंह की अगुवाई में भारतीय किसान यूनियन के दर्जनों कार्यकर्ता और किसान एकत्रित होकर करीब 12:50 बजे मूंढापांडे रेलवे स्टेशन पर पहुंचे।
रेलवे ट्रैक पर बैठकर जमकर नारेबाजी की। इस दौरान उन्होंने साफ कहा कि कृषि कानून बिल किसानों को मंजूर नहीं है। इनकी वापसी के बिना किसान आंदोलन समाप्त नहीं होगा। चक्का जाम को देखते हुए रेलवे स्टेशन पर भारी पुलिस और पीएसी बल तैनात किया गया है। एसडीएम सदर प्रेरणा सिंह सीओ हाईवे, तहसीलदार आदि अधिकारी स्टेशन पर तैनात हैं।
ज्ञापन दिया, लेकिन अभी भी डटे हैं किसान
मुंडापांडे रेलवे स्टेशन पर अधिकारी भाकियू नेताओं को इस बात के लिए मनाने का प्रयास करते रहे कि वह अपना ज्ञापन देकर चले जाएं। लेकिन भाकियू नेता 4 बजे तक डटे रहने की बात कह रहे थे। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि वह चिंता ना करें। देशभर में ट्रेन रोक दी गई है और अब यहां पर ट्रेनें नहीं आएंगे। अधिकारी उन्हें रेलवे ट्रैक से हटाने का प्रयास करते रहे। करीब 1:35 बजे नेताओं ने एसडीएम सदर को अपनी मांगों का ज्ञापन दिया। लेकिन अभी तक स्टेशन पर ही बैठे हुए हैं। अधिकारी और पुलिस बल भी तैनात है।
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मालगाड़ी गुजरने के बाद पहुंचे भाकियू नेता
मूंढापांडे रेलवे स्टेशन पर मालगाड़ी 12 बज कर 46 मिनट पर गुजरी। इसके गुजरने के कुछ देर बाद ही भारतीय किसान यूनियन के कार्यकर्ता स्टेशन पर पहुंच गए थे।
कार्यकर्ताओं को नजरबंद करने का आरोप
भारतीय किसान यूनियन के महानगर अध्यक्ष रणधीर सिंह ने आरोप लगाया कि पुलिस प्रशासन ने पहले ही उनके किसान नेताओं को नजरबंद कर लिया था। उन पर चक्का जाम न करने का दबाव बनाया गया। उनके नेताओं को नजरबंद कर लिया गया है। जिस कारण बहुत से कार्यकर्ता यहां पर नहीं पहुंच सके।
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रेलवे ट्रैक पर बैठकर जमकर नारेबाजी की। इस दौरान उन्होंने साफ कहा कि कृषि कानून बिल किसानों को मंजूर नहीं है। इनकी वापसी के बिना किसान आंदोलन समाप्त नहीं होगा। चक्का जाम को देखते हुए रेलवे स्टेशन पर भारी पुलिस और पीएसी बल तैनात किया गया है। एसडीएम सदर प्रेरणा सिंह सीओ हाईवे, तहसीलदार आदि अधिकारी स्टेशन पर तैनात हैं।
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ज्ञापन दिया, लेकिन अभी भी डटे हैं किसान
मुंडापांडे रेलवे स्टेशन पर अधिकारी भाकियू नेताओं को इस बात के लिए मनाने का प्रयास करते रहे कि वह अपना ज्ञापन देकर चले जाएं। लेकिन भाकियू नेता 4 बजे तक डटे रहने की बात कह रहे थे। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि वह चिंता ना करें। देशभर में ट्रेन रोक दी गई है और अब यहां पर ट्रेनें नहीं आएंगे। अधिकारी उन्हें रेलवे ट्रैक से हटाने का प्रयास करते रहे। करीब 1:35 बजे नेताओं ने एसडीएम सदर को अपनी मांगों का ज्ञापन दिया। लेकिन अभी तक स्टेशन पर ही बैठे हुए हैं। अधिकारी और पुलिस बल भी तैनात है।
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मालगाड़ी गुजरने के बाद पहुंचे भाकियू नेता
मूंढापांडे रेलवे स्टेशन पर मालगाड़ी 12 बज कर 46 मिनट पर गुजरी। इसके गुजरने के कुछ देर बाद ही भारतीय किसान यूनियन के कार्यकर्ता स्टेशन पर पहुंच गए थे।
कार्यकर्ताओं को नजरबंद करने का आरोप
भारतीय किसान यूनियन के महानगर अध्यक्ष रणधीर सिंह ने आरोप लगाया कि पुलिस प्रशासन ने पहले ही उनके किसान नेताओं को नजरबंद कर लिया था। उन पर चक्का जाम न करने का दबाव बनाया गया। उनके नेताओं को नजरबंद कर लिया गया है। जिस कारण बहुत से कार्यकर्ता यहां पर नहीं पहुंच सके।