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कमजोर आंखों से सवारियां ढो रहे परिवहन निगम के ड्राइवर
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मुरादाबाद। परिवहन निगम के चालक आंखें कमजोर होने के बावजूद बस चला रहे हैं। सड़क सुरक्षा सप्ताह के तहत बस चालकों का स्वास्थ्य परीक्षण शिविर में इसकी जानकारी हुई। 58 चालकों की नजरों की जांच में दो बस चलाने में अक्षम पाए गए जबकि 10 से ज्यादा की नजर कमजोर पाई गई। अक्षम चालकों को उपचार के लिए जिला अस्पताल बुलाया गया है। शेष चालकों को डॉक्टर ने मौके पर ही दवाएं दीं।
रविवार सुबह 11 बजे परिवहन विभाग की ओर से पीतलनगरी डिपो में स्वास्थ्य परीक्षण शिविर लगाया गया। डॉक्टरों ने ड्राइवरों को मोबाइल का प्रयोग कम करने और मल्टीविटामिन का सेवन करने की सलाह दी। ज्ञात हो कि इससे पहले भी रोडवेज कर्मियों का नेत्र परीक्षण सड़क सुरक्षा सप्ताह के तहत तकरीबन छह माह पहले किया गया था। जानकारोें का मानना है कि यदि परिवहन निगम अपने स्तर पर इस तरह के शिविर आयोजित करे तो बस और यात्रियों की सुरक्षा के मद्देनजर अक्षम चालकों को बस नहीं सौंपी जाएगी। रविवार को सड़क सुरक्षा सप्ताह समापन कार्यक्रम के तहत स्टाफ को सुरक्षा नियमों की जानकारी भी दी गई। एंटी रोमियो दल की प्रभारी ज्योति सिंह ने रोडवेज कर्मियों को बसों में महिलाओं की सुरक्षा का विशेष ध्यान रखने की सलाह दी। साथ ही 108, 112, 1090, 1098 हेल्पलाइन नंबरों के विषय में बताया। टीएसआई ऋषि गोपाल, यात्री मालकर अधिकारी अनिल कुमार ने स्टाफ को सड़क पर वाहन चलाते समय ध्यान रखने वाले नियमों के विषय में बताया। डॉ. सिराज अहमद ने कहा कि हर तीन माह में रोडवेज कर्मियों को अपना नेत्र परीक्षण कराना चाहिए। यह उनकी और यात्रियों की सुरक्षा के लिए अहम है। एआरटीओ छवि सिंह ने कहा कि सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्ति को जल्द से जल्द अस्पताल पहुंचाना चाहिए। घायल व्यक्ति को अस्पताल पहुंचाने पर सरकार 5000 रुपये की प्रोत्साहन राशि देती है। दुर्घटना पीड़ित की मदद के लिए बेझिझक 102, 108 या 112 डायल कर सूचना देनी चाहिए। इस मौके पर पीतलनगरी डिपो के एआरएम शिबालक, एसपी सिंह, हिंमांशु चौहान, महावीर सिंह, लोकेश कुमार, वीरेंद्र सिंह, डीके चौहान, कपिल रस्तोगी आदि मौजूद रहे।
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रविवार सुबह 11 बजे परिवहन विभाग की ओर से पीतलनगरी डिपो में स्वास्थ्य परीक्षण शिविर लगाया गया। डॉक्टरों ने ड्राइवरों को मोबाइल का प्रयोग कम करने और मल्टीविटामिन का सेवन करने की सलाह दी। ज्ञात हो कि इससे पहले भी रोडवेज कर्मियों का नेत्र परीक्षण सड़क सुरक्षा सप्ताह के तहत तकरीबन छह माह पहले किया गया था। जानकारोें का मानना है कि यदि परिवहन निगम अपने स्तर पर इस तरह के शिविर आयोजित करे तो बस और यात्रियों की सुरक्षा के मद्देनजर अक्षम चालकों को बस नहीं सौंपी जाएगी। रविवार को सड़क सुरक्षा सप्ताह समापन कार्यक्रम के तहत स्टाफ को सुरक्षा नियमों की जानकारी भी दी गई। एंटी रोमियो दल की प्रभारी ज्योति सिंह ने रोडवेज कर्मियों को बसों में महिलाओं की सुरक्षा का विशेष ध्यान रखने की सलाह दी। साथ ही 108, 112, 1090, 1098 हेल्पलाइन नंबरों के विषय में बताया। टीएसआई ऋषि गोपाल, यात्री मालकर अधिकारी अनिल कुमार ने स्टाफ को सड़क पर वाहन चलाते समय ध्यान रखने वाले नियमों के विषय में बताया। डॉ. सिराज अहमद ने कहा कि हर तीन माह में रोडवेज कर्मियों को अपना नेत्र परीक्षण कराना चाहिए। यह उनकी और यात्रियों की सुरक्षा के लिए अहम है। एआरटीओ छवि सिंह ने कहा कि सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्ति को जल्द से जल्द अस्पताल पहुंचाना चाहिए। घायल व्यक्ति को अस्पताल पहुंचाने पर सरकार 5000 रुपये की प्रोत्साहन राशि देती है। दुर्घटना पीड़ित की मदद के लिए बेझिझक 102, 108 या 112 डायल कर सूचना देनी चाहिए। इस मौके पर पीतलनगरी डिपो के एआरएम शिबालक, एसपी सिंह, हिंमांशु चौहान, महावीर सिंह, लोकेश कुमार, वीरेंद्र सिंह, डीके चौहान, कपिल रस्तोगी आदि मौजूद रहे।
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