{"_id":"5e8f786e8ebc3e6fd43b5e07","slug":"exporter-city-news-mbd345694584","type":"story","status":"publish","title_hn":"बैंकों ने बंद की निर्यात को ब्याज में मिलने वाली रियायत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बैंकों ने बंद की निर्यात को ब्याज में मिलने वाली रियायत
विज्ञापन
मुरादाबाद। लॉक डाउन से उपजे हालात के मद्देनजर बैंकों ने निर्यातकों को ब्याज में दी जाने वाली साढ़े पांच फीसदी की सब्सिडी एक अप्रैल से बंद कर दी है। बैंकों की ओर से निर्यातकों को भेजे गए मेल में कहा गया है कि अब निर्यातकों को बैंकों की नियमित ब्याज दर के हिसाब से ही ब्याज चुकाना। इस मामले को लेकर निर्यातकों ने ईपीसीएच के जरिए सरकार में अपनी मांग रखी है।
निर्यातकों का तर्क है कि लॉक डाउन की वजह से फैक्ट्री में पहले ही तालाबंदी की स्थिति है अब यदि उनसे ब्याज की दरें बढ़ाकर वसूल की गई तो हस्तशिल्प उद्योग लंबे समय के लिए चौपट हो जाएगा। एक्सपोर्ट प्रमोशन काउंसिल फॉर हैंडीक्राफ्ट्स के पूर्व अध्यक्ष सतपाल का कहना है कि निर्यात इकाइयों को दिए जाने वाले लोन पर केंद्र सरकार की योजना के तहत बैंक ब्याज दर में साढे पांच फीसदी की छूट देते थे। लेकिन एक मेल जारी करके बैंकों ने अब यह छूट बंद करने की जानकारी दी है। बैंकों की ओर से छूट बंद किए जाने के आदेश एक अप्रैल से लागू हो गए हैं। सतपाल का कहना है कि बैंकों के इस कदम का हैंडीक्राफ्ट एक्सपोर्ट इंडस्ट्री पर बेहद प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा। उन्होंने कहा कि ड्रॉ बैक समेत दूसरी सभी सुविधाएं पहले ही निर्यातकों से छीनी जा चुकी हैं। लॉक डाउन की वजह से कारोबार चौपट है। कोरोना वायरस संक्रमण के चलते पूरी दुनिया के बाजारों में जबरदस्त मंदी है। इस स्थिति में निर्यातकों को बंद फैक्ट्रियों पर यदि प्याज की बढ़ी दरें चुकानी पड़ी तो हस्तशिल्प उद्योग लंबे समय के लिए तालाबंदी का शिकार हो सकता है।
विज्ञापन
निर्यातकों का तर्क है कि लॉक डाउन की वजह से फैक्ट्री में पहले ही तालाबंदी की स्थिति है अब यदि उनसे ब्याज की दरें बढ़ाकर वसूल की गई तो हस्तशिल्प उद्योग लंबे समय के लिए चौपट हो जाएगा। एक्सपोर्ट प्रमोशन काउंसिल फॉर हैंडीक्राफ्ट्स के पूर्व अध्यक्ष सतपाल का कहना है कि निर्यात इकाइयों को दिए जाने वाले लोन पर केंद्र सरकार की योजना के तहत बैंक ब्याज दर में साढे पांच फीसदी की छूट देते थे। लेकिन एक मेल जारी करके बैंकों ने अब यह छूट बंद करने की जानकारी दी है। बैंकों की ओर से छूट बंद किए जाने के आदेश एक अप्रैल से लागू हो गए हैं। सतपाल का कहना है कि बैंकों के इस कदम का हैंडीक्राफ्ट एक्सपोर्ट इंडस्ट्री पर बेहद प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा। उन्होंने कहा कि ड्रॉ बैक समेत दूसरी सभी सुविधाएं पहले ही निर्यातकों से छीनी जा चुकी हैं। लॉक डाउन की वजह से कारोबार चौपट है। कोरोना वायरस संक्रमण के चलते पूरी दुनिया के बाजारों में जबरदस्त मंदी है। इस स्थिति में निर्यातकों को बंद फैक्ट्रियों पर यदि प्याज की बढ़ी दरें चुकानी पड़ी तो हस्तशिल्प उद्योग लंबे समय के लिए तालाबंदी का शिकार हो सकता है।
विज्ञापन