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सरकार के खिलाफ लड़ाई का केंद्र बिंदु बने रामपुर, एक माह तक कैंप करें राष्ट्रीय अध्यक्ष-1234
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रामपुर। सपा के निवर्तमान जिलाध्यक्ष वीरेंद्र गोयल ने पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव को पत्र लिखकर रामपुर को सरकार विरोधी आंदोलन का केंद्र बनाने की मांग की है। आजम खां के खिलाफ कार्रवाइयों का हवाला देते हुए अखिलेश यादव से आंदोलन के लिए रामपुर में एक माह कैंप करने की अपेक्षा जताई है।
सपा अध्यक्ष को लिखी चिट्ठी में गोयल ने कहा है कि रामपुर में शासन और प्रशासन का अत्याचार, जुल्म और बर्बरता पिछले लगभग चार वर्षों से जारी है। बिजली और वाहन चेकिंग, कानून व्यवस्था के नाम पर जुल्म किए जा रहे हैं। सपाइयों को निशाना बनाया जा रहा है। सपा नेता आजम खां तथा उनके परिवार व साथियों पर निराधार और झूठे मुकदमे किए गए। अत्याचार भरी कार्रवाई अब भी जारी है। न्यायालय के आदेशों की अनदेखी की जा रही है। हाल ही में हुए लोकसभा के उपचुनाव में भी पुलिस ने लोगों को वोट के अधिकार से वंचित किया था। इन स्थितियों में जिले में सपा के भविष्य पर प्रश्न चिह्न लगने लगा है।
चिट्ठी में लिखा है कि जनपद में शासन और प्रशासन के अत्याचार के खिलाफ जनता की आवाज उठाने के लिए समाजवादी पार्टी रामपुर की ओर से 27 अगस्त से एक सप्ताह के धरने की अनुमति प्रशासन से मांगी गई थी। प्रशासन ने अनुमति से इन्कार कर दिया और धारा 144 लगाकर धरना स्थल (आंबेडकर पार्क) के गेट पर ताला डाल दिया। निवर्तमान जिला अध्यक्ष ने चिट्ठी में पूछा है कि रामपुर के इस माहौल के खिलाफ लड़ने के लिए शीर्ष नेतृत्व से क्या सहयोग मिल सकता है। साथ ही पूछा है कि स्थानीय स्तर पर क्या करना चाहिए।
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चिट्ठी में आगे लिखा है कि पार्टी पदाधिकारियों के साथ हुई बैठक में राय बनी है कि प्रदेश में लोकतांत्रिक मूल्यों की बहाली के लिए रामपुर को आंदोलन का केंद्र बनाया जाए। साथ ही राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव एक महीना रामपुर में कैंप करें। इसकी समस्त व्यवस्था रामपुर समाजवादी पार्टी द्वारा की जाएगी।
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सपा अध्यक्ष को लिखी चिट्ठी में गोयल ने कहा है कि रामपुर में शासन और प्रशासन का अत्याचार, जुल्म और बर्बरता पिछले लगभग चार वर्षों से जारी है। बिजली और वाहन चेकिंग, कानून व्यवस्था के नाम पर जुल्म किए जा रहे हैं। सपाइयों को निशाना बनाया जा रहा है। सपा नेता आजम खां तथा उनके परिवार व साथियों पर निराधार और झूठे मुकदमे किए गए। अत्याचार भरी कार्रवाई अब भी जारी है। न्यायालय के आदेशों की अनदेखी की जा रही है। हाल ही में हुए लोकसभा के उपचुनाव में भी पुलिस ने लोगों को वोट के अधिकार से वंचित किया था। इन स्थितियों में जिले में सपा के भविष्य पर प्रश्न चिह्न लगने लगा है।
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चिट्ठी में लिखा है कि जनपद में शासन और प्रशासन के अत्याचार के खिलाफ जनता की आवाज उठाने के लिए समाजवादी पार्टी रामपुर की ओर से 27 अगस्त से एक सप्ताह के धरने की अनुमति प्रशासन से मांगी गई थी। प्रशासन ने अनुमति से इन्कार कर दिया और धारा 144 लगाकर धरना स्थल (आंबेडकर पार्क) के गेट पर ताला डाल दिया। निवर्तमान जिला अध्यक्ष ने चिट्ठी में पूछा है कि रामपुर के इस माहौल के खिलाफ लड़ने के लिए शीर्ष नेतृत्व से क्या सहयोग मिल सकता है। साथ ही पूछा है कि स्थानीय स्तर पर क्या करना चाहिए।
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चिट्ठी में आगे लिखा है कि पार्टी पदाधिकारियों के साथ हुई बैठक में राय बनी है कि प्रदेश में लोकतांत्रिक मूल्यों की बहाली के लिए रामपुर को आंदोलन का केंद्र बनाया जाए। साथ ही राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव एक महीना रामपुर में कैंप करें। इसकी समस्त व्यवस्था रामपुर समाजवादी पार्टी द्वारा की जाएगी।