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Moradabad News: जिले में मानवाधिकार कोर्ट की स्थापना
Mon, 04 May 2026 02:07 AM IST
मुरादाबाद ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, मुरादाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, मुरादाबाद
Updated Mon, 04 May 2026 02:07 AM IST
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मुरादाबाद। दि बार एसोसिएशन एंड लाइब्रेरी की पहल पर जिला जज के निर्देश पर जिले में मानवाधिकार कोर्ट की स्थापना हो गई है। अब स्थानीय कोर्ट में मानवाधिकार उल्लंघन के मामले में विचारण किया जाएगा। अपर जनपद न्यायाधीश प्रथम का न्यायालय मानवाधिकार न्यायालय के रूप में कार्य करेगा।
दि बार एसोसिएशन एंड लाइब्रेरी के अध्यक्ष आनंद मोहन गुप्ता ने बताया कि 31 मार्च को प्रशासनिक न्यायाधीश न्यायमूर्ति नीरज तिवारी को जिले में न्यायिक सुधार एवं मानवाधिकारों के संरक्षण के लिए एक ज्ञापन दिया था। साथ ही जिले में मानवाधिकार कोर्ट के गठन की मांग भी की गई थी। उन्होंने बताया कि मानवाधिकार संरक्षण अधिनियम 1933 की धारा 30 के तहत जनपद स्तर पर एक समर्पित सत्र न्यायालय को मानवाधिकार न्यायालय के रूप में अधिसूचित करना जरूरी है। बार अध्यक्ष ने बताया कि इस संबंध में उनकी जिला जज से वार्ता हुई है। जिला जज ने उन्हें बताया कि जिले की स्थानीय सीमाओं के अंतर्गत मानवाधिकारों के उल्लंघन से उत्पन्न होने वाले अपराधों के विचारण के लिए मानवाधिकार न्यायालय की जिले में स्थापना की गई है। मुरादाबाद में अपर जनपद न्यायाधीश प्रथम का न्यायालय मानवाधिकार न्यायालय के रूप में कार्य करेगा। ब्यूरो
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दि बार एसोसिएशन एंड लाइब्रेरी के अध्यक्ष आनंद मोहन गुप्ता ने बताया कि 31 मार्च को प्रशासनिक न्यायाधीश न्यायमूर्ति नीरज तिवारी को जिले में न्यायिक सुधार एवं मानवाधिकारों के संरक्षण के लिए एक ज्ञापन दिया था। साथ ही जिले में मानवाधिकार कोर्ट के गठन की मांग भी की गई थी। उन्होंने बताया कि मानवाधिकार संरक्षण अधिनियम 1933 की धारा 30 के तहत जनपद स्तर पर एक समर्पित सत्र न्यायालय को मानवाधिकार न्यायालय के रूप में अधिसूचित करना जरूरी है। बार अध्यक्ष ने बताया कि इस संबंध में उनकी जिला जज से वार्ता हुई है। जिला जज ने उन्हें बताया कि जिले की स्थानीय सीमाओं के अंतर्गत मानवाधिकारों के उल्लंघन से उत्पन्न होने वाले अपराधों के विचारण के लिए मानवाधिकार न्यायालय की जिले में स्थापना की गई है। मुरादाबाद में अपर जनपद न्यायाधीश प्रथम का न्यायालय मानवाधिकार न्यायालय के रूप में कार्य करेगा। ब्यूरो
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