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32 घंटे के कार्य बहिष्कार के बाद काम पर लौटै बिजली कर्मी

Moradabad  Bureau मुरादाबाद ब्यूरो
Updated Wed, 07 Oct 2020 02:15 AM IST
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electricity department employees return on job
दिल्ली रोड स्थित बिजली कार्यालय पर धरने पर बैठे विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति के लोग। - फोटो : CITY
मुरादाबाद। निजीकरण के विरोध में पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम के आह्वान पर विरोध प्रदर्शन और कार्य बहिष्कार के 32 घंटे के बाद कर्मचारी मंगलवार को काम पर लौट आए। विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति के पदाधिकारियों और शासन स्तर की कैबिनेट उप समिति की बैठक में फिलहाल पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम का निजीकरण नहीं करने पर सहमति बनी। इसके बाद ही अधिकारियों और कर्मचारियों ने कार्य बहिष्कार की घोषणा की।
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सोमवार से कर्मचारी और अधिकारी कार्य बहिष्कार पर उतर आए। इससे शहर में जगह जगह आपूर्ति बाधित रही। छोटे-छोटे फाल्ट ठीक होने में समय लगा। बिल जमा करने के लिए भी उपभोक्ताओं को परेशानी झेलनी पड़ी। केवल आनलाइन बिल ही जमा हुए। मंगलवार शाम तक कार्य बहिष्कार होने से संकट गहराने लगा था। फाल्ट सही नहीं होने से लोगों ने विरोध तक किया। उपभोक्ताओं की समस्या के निवारण के लिए कंट्रोल रूम भी ज्यादा प्रभावी साबित नहीं हुए। लाइनपार स्थित मानसरोवर कालोनी में तार बाक्स में फाल्ट होने से बाक्स फट गया। कालोनी वासियों को चार घंटे बिना बिजली के रहना पड़ा। टाउन हाल, आशियाना कालोनी, रामगंगा विहार, प्रभात मार्केट, खदाना, डिडौरा आदि क्षेत्रों से उपभोक्ताओं की शिकायतें प्राप्त हुईं। मंगलवार को कंट्रोल रूम पर 22 शिकायतें दर्ज हुई। कंट्रोल रूम पर तैनात अधिशासी अभियंता नीरज कुमार ने बताया कि मानसरोवर कालोनी, आशियाना कालोनी और प्रभात मार्केट के फाल्ट को ठीक कर दिया गया है। इसके अलावा खदाना व डिडौरा क्षेत्र में फाल्ट ठीक करने के लिए देर शाम तक काम चला। उन्होंने बताया कि विद्युत कर्मियों के कार्य बहिष्कार के दौरान संविदा कर्मियों ने व्यवस्था बनाने में काफी सहायता की।
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मुख्य अभियंता संजय आनंद जैन ने बताया कि मंगलवार शाम कार्य बहिष्कार स्थगित हो गया। विद्युत कर्मचारियों और कैबिनेट उप समिति की बैठक में वितरण क्षेत्र को भ्रष्टाचार को मुक्त करने, बिलिंग व वसूली का लक्ष्य प्राप्त करने और उपभोक्ताओं की शिकायतों का पूर्ण समाधान किये जाने में संघर्ष समिति ने सहयोग पर सहमति जताई। जनवरी तक पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम के कार्य की निगरानी की जाएगी। तीन माह की स्थिति को परखने के बाद ही अग्रिम निर्णय लिया जा सकेगा।
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वर्जन
- फिलहाल पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम का निजीकरण न करने पर सहमति बन गई है। कर्मचारी काम पर वापस लौट आए हैं। - संजय आनंद जैन, मुख्य अभियंता
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