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Moradabad: हिंदू कॉलेज में छात्राओं के बुर्का पहनने पर हंगामा, 17 दिन पहले लागू हुआ है ड्रेस कोड
Thu, 19 Jan 2023 03:58 PM IST
शाहरुख खान
अमर उजाला नेटवर्क, मुरादाबाद
अमर उजाला नेटवर्क, मुरादाबाद
Published by: शाहरुख खान
Updated Thu, 19 Jan 2023 03:58 PM IST
सार
बुर्का पहनकर आईं छात्राओं को हिंदू कॉलेज के गेट पर रोकने से बुधवार दोपहर हंगामा हो गया। कॉलेज प्रशासन और छात्राओं की बहस के बीच वहां पहुंचे समाजवादी छात्र सभा पदाधिकारियों ने हंगामा शुरू कर दिया। धरना देकर कॉलेज प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। कॉलेज ने ड्रेस कोड का हवाला देते हुए परिसर में बुर्के या किसी अन्य पहनावे की छूट देने से इनकार कर दिया।
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मुरादाबाद में हिंदू कॉलेज में हंगामा
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
मुरादाबाद में हिंदू कॉलेज में 17 दिन पहले एक जनवरी से ड्रेस कोड लागू किया गया था। प्राचार्य से लेकर चीफ प्रॉक्टर आदि ने यह बयान दिया था कि ड्रेस कोड सख्ती से लागू कराया जाएगा। इसके बाद अब ड्रेस कोड को लेकर इस तरह का बवाल क्यों हुआ, इस पर प्रश्न उठ रहे हैं।
शिक्षकों का कहना है कि यह अनुशासन का मामला है। कॉलेज की कमेटी ने मिलकर इस पर निर्णय लिया है, सभी शिक्षकों की इसमें सहमति रही। सभी विद्यार्थियों को भी पहले ही सूचना दी गई थी। अब इसे कुछ लोग दूसरी दिशा में ले जाने की कोशिश कर रहे हैं।
प्रदर्शन करने वाले छात्रों ने बुधवार को प्राचार्य पर आरोप लगाया कि कॉलेज प्रशासन भाजपा की विचारधारा चला रहा है। इस पर प्राचार्य का जवाब था कि यह किसी पार्टी कि नहीं बल्कि अनुशासन की विचार धारा है। कुछ माह पहले प्रोफेसर डॉ. एनयू खान पर हुए हमले के बाद यह मुद्दा उठाया गया कि कॉलेज में ड्रेस कोड लागू होना चाहिए।
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इससे असमाजिक तत्व प्रवेश नहीं कर सकेंगे। ज्ञात हो कि कुछ अज्ञात युवकों ने कॉलेज के गेट पर प्रोफेसर डॉ. खान पर दो बार हमला किया था। सीसीटीवी के आधार पर युवकों को पकड़ा गया था। वे युवक विद्यार्थी नहीं थे।
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शिक्षकों का कहना है कि यह अनुशासन का मामला है। कॉलेज की कमेटी ने मिलकर इस पर निर्णय लिया है, सभी शिक्षकों की इसमें सहमति रही। सभी विद्यार्थियों को भी पहले ही सूचना दी गई थी। अब इसे कुछ लोग दूसरी दिशा में ले जाने की कोशिश कर रहे हैं।
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प्रदर्शन करने वाले छात्रों ने बुधवार को प्राचार्य पर आरोप लगाया कि कॉलेज प्रशासन भाजपा की विचारधारा चला रहा है। इस पर प्राचार्य का जवाब था कि यह किसी पार्टी कि नहीं बल्कि अनुशासन की विचार धारा है। कुछ माह पहले प्रोफेसर डॉ. एनयू खान पर हुए हमले के बाद यह मुद्दा उठाया गया कि कॉलेज में ड्रेस कोड लागू होना चाहिए।
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इससे असमाजिक तत्व प्रवेश नहीं कर सकेंगे। ज्ञात हो कि कुछ अज्ञात युवकों ने कॉलेज के गेट पर प्रोफेसर डॉ. खान पर दो बार हमला किया था। सीसीटीवी के आधार पर युवकों को पकड़ा गया था। वे युवक विद्यार्थी नहीं थे।
हिंदू कॉलेज में बुर्का पहनकर आईं छात्राओं को गेट पर रोका, हंगामा
बुर्का पहनकर आईं छात्राओं को हिंदू कॉलेज के गेट पर रोकने से बुधवार दोपहर हंगामा हो गया। कॉलेज प्रशासन और छात्राओं की बहस के बीच वहां पहुंचे समाजवादी छात्र सभा पदाधिकारियों ने हंगामा शुरू कर दिया। धरना देकर कॉलेज प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। कॉलेज ने ड्रेस कोड का हवाला देते हुए परिसर में बुर्के या किसी अन्य पहनावे की छूट देने से इन्कार कर दिया।
बुर्का पहनकर आईं छात्राओं को हिंदू कॉलेज के गेट पर रोकने से बुधवार दोपहर हंगामा हो गया। कॉलेज प्रशासन और छात्राओं की बहस के बीच वहां पहुंचे समाजवादी छात्र सभा पदाधिकारियों ने हंगामा शुरू कर दिया। धरना देकर कॉलेज प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। कॉलेज ने ड्रेस कोड का हवाला देते हुए परिसर में बुर्के या किसी अन्य पहनावे की छूट देने से इन्कार कर दिया।
पहली जनवरी से ड्रेस कोड लागू करने के बाद से हिंदू कॉलेज में गेट पर चेकिंग की जा रही है। बिना यूनिफॉर्म वाले छात्र-छात्राओं को प्रवेश नहीं दिया जा रहा है। इसी व्यवस्था के तहत बुधवार दोपहर गेट पर मौजूद महिला प्रोफेसर ने बुर्का पहनकर आईं कुछ लड़कियों को रोक लिया। वे खुद को छात्रा बताते हुए परिसर में प्रवेश दिए जाने की मांग करने लगीं। प्रोफेसर ने ड्रेस कोड के नियम पर सख्ती जरूरी बताई। दोनों के अपनी-अपनी जिद पर अड़े रहने से अन्य छात्र-छात्राएं व प्रोफेसर भी वहां जमा हो गए।
इस बीच समाजवादी छात्र सभा जिला अध्यक्ष मोहम्मद असलम चौधरी कुछ पदाधिकारियों के साथ वहां पहुंच गए। बुर्के के साथ छात्राओं को प्रवेश देने की मांग के साथ छात्र सभा ने धरना शुरू कर दिया। कॉलेज में नारेबाजी और हंगामे की सूचना पर पुलिस वहां पहुंच गई। एसपी सागर जैन ने समझाकर छात्र सभा की टीम से प्राचार्य को ज्ञापन दिलाया। इसके बाद धरना खत्म हुआ और स्थिति सामान्य हुई। करीब आधे घंटे की रस्साकशी के बाद बुर्के वाली छात्राओं को वापस लौटना पड़ा।