{"_id":"625f054b360877091a08e423","slug":"dps-open-and-children-reached-city-news-mbd425293152","type":"story","status":"publish","title_hn":"खुला डीपीएस तो चहके बच्चे, अभिभावकों केचेहरे खिले","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
खुला डीपीएस तो चहके बच्चे, अभिभावकों केचेहरे खिले
विज्ञापन
मुरादाबाद। यातायात और फ्रेंचाइजी विवाद के बाद दिल्ली पब्लिक स्कूल दस दिन बाद मंगलवार को खुल गया। स्कूल पहुंचने के दौरान विद्यार्थियों के चेहरे खिले हुए थे, जबकि फ्रेंचाइजी और फीस को लेकर अभिभावकों तनाव बरकरार है। प्रधानाचार्य डीपीएस का कहना है कि फ्रेंचाइजी मिलने के बाद ही फीस का निर्धारण हो पाएगा।
मंगलवार को स्कूल बिना यातायात की सुविधा के खोला गया था, इसलिए अभिभावक अपने बच्चों को स्कूल तक छोड़ने आए थे। दस दिन बाद स्कूल खुलने के वजह से विद्यार्थी सुबह से ही उत्साहित थे। वह उछलते-कूदते अपनी कक्षाओं तक पहुंचे। हालांकि इस दौरान फीस की जानकारी को लेकर कुछ अभिभावकों की शिक्षकों से कहासुनी भी हुई। अभिभावकों का आरोप है कि स्कूल प्रबंधन फ्रेंचाइजी लेने के लिए कब तक आवेदन करेगा, फीस क्या होगी, इस संबंध में कोई स्पष्ट जानकारी नहीं दे रहा है। इसकी वजह से उन्हें चिंता हो रही है।
स्कूल में करीब डेढ़ हजार विद्यार्थी अध्ययनरत हैं। स्कूल प्रशासन का कहना है कि अभिभावकों से यातायात सुविधा के लिए सहमति पत्र लिए जा रहे हैं। 22 अप्रैल से 16 स्कूली बसें संचालित करने की योजना है। इसमें 11 बसें स्कूल की हैं, जबकि शेष पांच बसों के लिए स्कूल प्रबंधन ने अनुबंध किया हुआ है।
विज्ञापन
डीपीएस की फ्रेंचाइजी निरस्त होने की वजह से स्कूल में नए प्रवेश नहीं हुए हैं। शिक्षकों की मानें तो तकनीकी और कानूनी समस्याओं से बचने के लिए नए प्रवेश नहीं लेने का फैसला लिया है। मई के महीने में डीपीएस सोसाइटी से फ्रेंचाइजी के लिए सकारात्मक रुझान मिलने के बाद ट्रस्टी नए एडमीशन के बारे में फैसला ले पाएंगे।
विज्ञापन
मंगलवार को स्कूल बिना यातायात की सुविधा के खोला गया था, इसलिए अभिभावक अपने बच्चों को स्कूल तक छोड़ने आए थे। दस दिन बाद स्कूल खुलने के वजह से विद्यार्थी सुबह से ही उत्साहित थे। वह उछलते-कूदते अपनी कक्षाओं तक पहुंचे। हालांकि इस दौरान फीस की जानकारी को लेकर कुछ अभिभावकों की शिक्षकों से कहासुनी भी हुई। अभिभावकों का आरोप है कि स्कूल प्रबंधन फ्रेंचाइजी लेने के लिए कब तक आवेदन करेगा, फीस क्या होगी, इस संबंध में कोई स्पष्ट जानकारी नहीं दे रहा है। इसकी वजह से उन्हें चिंता हो रही है।
विज्ञापन
स्कूल में करीब डेढ़ हजार विद्यार्थी अध्ययनरत हैं। स्कूल प्रशासन का कहना है कि अभिभावकों से यातायात सुविधा के लिए सहमति पत्र लिए जा रहे हैं। 22 अप्रैल से 16 स्कूली बसें संचालित करने की योजना है। इसमें 11 बसें स्कूल की हैं, जबकि शेष पांच बसों के लिए स्कूल प्रबंधन ने अनुबंध किया हुआ है।
विज्ञापन
डीपीएस की फ्रेंचाइजी निरस्त होने की वजह से स्कूल में नए प्रवेश नहीं हुए हैं। शिक्षकों की मानें तो तकनीकी और कानूनी समस्याओं से बचने के लिए नए प्रवेश नहीं लेने का फैसला लिया है। मई के महीने में डीपीएस सोसाइटी से फ्रेंचाइजी के लिए सकारात्मक रुझान मिलने के बाद ट्रस्टी नए एडमीशन के बारे में फैसला ले पाएंगे।