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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Moradabad News ›   Daughter got justice Seven got life imprisonment fine of one lakh seven thousand for burning alive two real sisters 

बेटी को मिला इंसाफ: मुरादाबाद में दो सगी बहनों को जिंदा जलाकर मारने में सात को उम्र कैद, एक लाख सात हजार का जुर्माना

Mon, 20 Sep 2021 09:27 PM IST
सुशील कुमार कुमार अमर उजाला ब्यूरो, मुरादाबाद
अमर उजाला ब्यूरो, मुरादाबाद Published by: सुशील कुमार कुमार Updated Mon, 20 Sep 2021 09:27 PM IST
सार

साल 2010 में भीड़ ने बिना सोचे समझे ही कानून अपने हाथ में ले लिया और दोनों बहनों के ऊपर तेल छिड़क कर आग लगा दी थी। जिसके बाद उनकी मृत्यु हो गई। 

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Daughter got justice Seven got life imprisonment fine of one lakh seven thousand for burning alive two real sisters 
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

मुरादाबाद में 11 साल पहले वाल्मीकि समाज की दो सगी बहनों को भीड़ ने पेट्रोल छिड़क कर आग लगा दी थी। जिससे उनकी मौत हो गई थी। उनका अपराध सिर्फ इतना ही था कि उनके भाइयों का नाम क्षेत्र में ही घटित एक घर में लूट और हत्या में आया था। अदालत ने उक्त घटना के सात आरोपियों को आजीवन कारावास के साथ साथ प्रत्येक पर एक लाख सात हजार रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई है।

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घटना वर्ष 2010 के सितंबर में कोतवाली क्षेत्र में हुई थी। यहां के रहने कपड़ा व्यापारी पंकज गगनेजा के घर में उनकी पत्नी पूजा व बेटी सान्या की हत्या लूट के दौरान कर दी गई थी। दूसरी घटना ठीक नौ दिन बाद इसी क्षेत्र में हुई। जिसमें दो सगी बहनों को जला कर मार दिया गया था। इन दोनों ही घटना के तार आपस में मिले हुए थे। 
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पहली घटना में वाल्मीकि समाज के राजेश व राकेश पुत्रगण रामचन्द्र। दोनों सगे भाइयों का नाम लूट व हत्या में सामने आया। जिसके बाद क्षेत्रवासी भड़क गए और नौ दिन बाद उन्होंने जुलूस निकाल कर आरोपियों के घर पर धावा बोल दिया। आरोपी तो उनके हाथ नहीं लगे। उनके घर के अन्य परिजन जिनमें माता राजो वाल्मीकि व उनकी दो बहन गीता व नीतू घर में मिल गई। भीड़ ने बिना सोचे समझे ही कानून अपने हाथ में ले लिया और दोनों बहनों के ऊपर तेल छिड़क कर आग लगा दी थी। जिसके बाद उनकी मृत्यु हो गई। 
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लड़कियों की मां राजो ने थाना कोतवाली में 18 दिसंबर 2010 को पंकज गगनेजा, गोलू, विनोद गुम्बर, विनोद ककड़, संजीव, बंटी, आशा, सोनिया, अमरजीत, सुनीता व सागर बन्दूला के खिलाफ मुकदमा दर्ज करा दिया। जिसमें आरोप लगाया कि उक्त लोगों ने मेरी बेटियों के साथ बदतमीजी करते हुए उनके ऊपर पेट्रोल छिड़क कर आग लगा दी और पूरे परिवार को जातिसूचक शब्दों से गालियां दीं। 

विवेचना के दौरान सात लोग जिनमें सतीश मदान सागर बन्दूला, विनोद ककड़, बंटी मलिक, सोनिया कोहली, आशा सचदेवा, व अमरजीत कौर के नाम घटना में सामने आए जिनके खिलाफ चार्जशीट अदालत में दाखिल की गई। उक्त मुकदमे की सुनवाई विशेष न्यायाधीश एससी-एसटी (पीए) संध्या चौधरी की अदालत में की गई। जिसमें बचाव पक्ष का कहना था कि घटना का कोई प्रत्यक्ष गवाह नहीं है, उन्हें झूठा फंसाया गया है। 

वहीं विशेष लोक अभियोजक आनंदपाल सिंह ने अदालत को बताया कि मुकदमे के आरोपियों ने ही घटना को अंजाम दिया है। जिनके खिलाफ 19 गवाहों ने अदालत के समक्ष उपस्थित हो कर इनके खिलाफ बयान दर्ज कराए हैं। जिन्होंने स्पष्ट कहा है कि घटना में आरोपी शामिल हैं, जिन्होंने इस घटना को अंजाम दिया है। अदालत ने दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद पत्रावली पर मौजूद सबूतों के आधार पर आरोपियों को घटना का दोषी करार देते हुए सतीश मदान, सागर बन्दूला, विनोद ककड़, बंटी मलिक, सोनिया कोहली, आशा सचदेवा, व अमरजीत कोर को आजीवन कारावास की सजा के साथ साथ प्रत्येक पर एक लाख सात हजार रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई है।

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