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इन्हीं के इशारे पर बैंकों में लाइन लगाते थे मजदूर
ब्यूरो/अमर उजाला/मुरादाबाद
Updated Mon, 23 Jan 2017 03:21 AM IST
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लाखों की करेंसी बरामद
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नोटबंदी के बाद एटीएम और बैंक के सामने लाइनें महीनों खत्म नहीं हुईं थी और आम आदमी कोपैसा भी नहीं मिल रहा था। सब हैरत में थे कि पैसा जा कहां रहा है। लेकिन पकड़े गए व्यापारियों ने जो खुलासा किया उससे साफ है कि पैसा मजदूरों को लाइन में लगाकर बदलवाया जा रहा था।
कपड़े की छोटी सी दुकान करने वाले दो व्यापारियों ने नोटबंदी को आमदनी का जरिया बना डाला। 16 लाख रुपये के पुराने नोटों के साथ पकड़े गए दोनों व्यापारियों ने खुलासा किया है कि नोटबंदी के दौरान उन्होंने मजदूरों का बैंक लाइनों में लगाकर करोड़ों रुपये की करेंसी एक्सचेंज कराई और फिर उसे बाजार में 30 से 40 फीसदी कमीशन पर बदला।
नोटबंदी के पचास दिन पूरे होने के बाद यह दोनों 50 फीसदी कमीशन पर करेंसी एक्सचेंज कर रहे थे। दोनों व्यापारी पुरानी करेंसी को नेपाल और दुबई के गैंग्स की मदद से नई करेंसी में बदलवा रहे थे। दोनों का दावा है कि बरामद रकम एक अधिवक्ता और उसके बेटे की है जिसे वह बदलने जा रहे थे।
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एसएसपी मनोज तिवारी ने प्रेस कांफ्रेंस करके करेंसी एक्सचेंज करने वाले इस सिंडिकेट के कारनामों का खुलासा किया। एसएसपी ने बताया कि कटघर क्षेत्र से पुलिस ने विकास भोला निवासी आदर्श नगर कटघर और मुनीर निवासी पीतलनगरी को 16 लाख रुपये के पुराने नोटों के साथ गिरफ्तार किया है।
दोनों को लाजपतनगर में चेकिंग के दौरान दो बैग में कैश ले जाते वक्त पकड़ा गया था। आरोपियों ने खुद को कपड़ा व्यापारी बताया है, इनका कहना दावा है कि टाउन हाल पर कपड़े की छोटी सी दुकान करते हैं।
दोनों का दावा है कि उनके पास से बरामद रकम नगर कोतवाली क्षेत्र में रहने वाले एक अधिवक्ता और उसके बेटे की है, जिसे उन्हाेंने अधिवक्ता से 50 प्रतिशत कमीशन पर बदलवाने के लिए लिया था। एसएसपी ने बताया कि पुरानी करेंसी को नई करेंसी में बदलवाने के बाद इस रकम का इस्तेमाल विधानसभा चुनाव में होने का अंदेशा है, इस संबंध में जांच की जा रही है।
पुलिस पूछताछ में दोनों ने बताया है कि नोटबंदी के दौरान वह मजदूरों को बैंक की लाइनों में लगाकर नोट बदलवाते थे। करेंसी बदलने वाले मजदूरों को पांच सौ रुपये प्रतिदिन के हिसाब से पेमेंट दिया जाता था।
इस खेल में उन्होंने करोड़ों रुपये की करेंसी एक्सचेंज कराई और फिर उसे बाजार में 30 से 40 प्रतिशत तक कमीशन लेकर पुराने नोटों को नए नोटों से बदला। आरोपियों ने बताया कि 30 दिसंबर को जब बैंकों ने पुराने नोट जमा करने बंद कर दिए तो उन्होंने नेपाल के एक गैंग से संपर्क किया। यह गैंग पुराने नोटों को दुबई में बैठे अपने आकाओं की मदद से भी बदलता है।
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कपड़े की छोटी सी दुकान करने वाले दो व्यापारियों ने नोटबंदी को आमदनी का जरिया बना डाला। 16 लाख रुपये के पुराने नोटों के साथ पकड़े गए दोनों व्यापारियों ने खुलासा किया है कि नोटबंदी के दौरान उन्होंने मजदूरों का बैंक लाइनों में लगाकर करोड़ों रुपये की करेंसी एक्सचेंज कराई और फिर उसे बाजार में 30 से 40 फीसदी कमीशन पर बदला।
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नोटबंदी के पचास दिन पूरे होने के बाद यह दोनों 50 फीसदी कमीशन पर करेंसी एक्सचेंज कर रहे थे। दोनों व्यापारी पुरानी करेंसी को नेपाल और दुबई के गैंग्स की मदद से नई करेंसी में बदलवा रहे थे। दोनों का दावा है कि बरामद रकम एक अधिवक्ता और उसके बेटे की है जिसे वह बदलने जा रहे थे।
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एसएसपी मनोज तिवारी ने प्रेस कांफ्रेंस करके करेंसी एक्सचेंज करने वाले इस सिंडिकेट के कारनामों का खुलासा किया। एसएसपी ने बताया कि कटघर क्षेत्र से पुलिस ने विकास भोला निवासी आदर्श नगर कटघर और मुनीर निवासी पीतलनगरी को 16 लाख रुपये के पुराने नोटों के साथ गिरफ्तार किया है।
दोनों को लाजपतनगर में चेकिंग के दौरान दो बैग में कैश ले जाते वक्त पकड़ा गया था। आरोपियों ने खुद को कपड़ा व्यापारी बताया है, इनका कहना दावा है कि टाउन हाल पर कपड़े की छोटी सी दुकान करते हैं।
दोनों का दावा है कि उनके पास से बरामद रकम नगर कोतवाली क्षेत्र में रहने वाले एक अधिवक्ता और उसके बेटे की है, जिसे उन्हाेंने अधिवक्ता से 50 प्रतिशत कमीशन पर बदलवाने के लिए लिया था। एसएसपी ने बताया कि पुरानी करेंसी को नई करेंसी में बदलवाने के बाद इस रकम का इस्तेमाल विधानसभा चुनाव में होने का अंदेशा है, इस संबंध में जांच की जा रही है।
पुलिस पूछताछ में दोनों ने बताया है कि नोटबंदी के दौरान वह मजदूरों को बैंक की लाइनों में लगाकर नोट बदलवाते थे। करेंसी बदलने वाले मजदूरों को पांच सौ रुपये प्रतिदिन के हिसाब से पेमेंट दिया जाता था।
इस खेल में उन्होंने करोड़ों रुपये की करेंसी एक्सचेंज कराई और फिर उसे बाजार में 30 से 40 प्रतिशत तक कमीशन लेकर पुराने नोटों को नए नोटों से बदला। आरोपियों ने बताया कि 30 दिसंबर को जब बैंकों ने पुराने नोट जमा करने बंद कर दिए तो उन्होंने नेपाल के एक गैंग से संपर्क किया। यह गैंग पुराने नोटों को दुबई में बैठे अपने आकाओं की मदद से भी बदलता है।