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कटघर पुलिस ने पकड़े कछुआ तस्कर
ब्यूरो/अमर उजाला मुरादाबाद
Updated Sun, 10 Jan 2016 07:00 PM IST
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कटघर पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार कर कछुओं की तस्करी का बड़ा खुलासा किया है। पुलिस ने शनिवार को इनकी निशानदेही पर तस्करी को ले जाए जा रहे नौ दुर्लभ प्रजाति के कछुए बरामद किए हैं। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया। दोपहर बाद पुलिस ने दोनों आरोपियों को कोर्ट में पेश किया। जहां से न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया।
कटघर इंस्पेक्टर वीरेंद्र सिंह यादव का कहना है कि पकड़े गए कछुआ तस्करों के नाम रवि पाल पुत्र महेश पाल निवासी इंदिरा कालोनी थाना टांडा (रामपुर) और सुनील पुत्र हरिराम निवासी लक्ष्मीनगर थाना बिलासपुर रामपुर) हैं। दोनों आरोपी काशीपुर तिराहे पर रहकर कछुओं की तस्करी कर रहे थे।
दोनों दिन में कोसी, रामगंगा और ढेला नदी से कछुए पकड़ने का काम करते थे। इसके बाद तस्करी करते थे। शनिवार को पुलिस ने काशीपुर तिराहे से दोनों को गिरफ्तार कर लिया। तलाशी ली गई तो इनकी बोरी में नौ दुर्लभ प्रजाति के कछुए मिल गए। पूछताछ में दोनों ने बताया कि वह तस्करी के लिए कछुआ ले जा रहे थे।
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आरोपियों के खिलाफ वन्य जीव संरक्षण अधिनियम एवं 11 पशु क्रूरता अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। शनिवार दोपहर बाद उन्हें जेल भेज दिया गया है। बरामद कछुओं को जिम कार्बेट पार्क भिजवाया जाएगा।
-यशवीर सिंह, सीओ कटघर
लाखों रुपये तक एक कछुए की कीमत
कछुआ तस्करी का बड़ा रैकेट मुरादाबाद में चल रहा था। पकड़े गए तस्करों ने कबूला है कि सामान्य तौर पर 18 पंजे वाला कछुआ मुरादाबाद और उसके आस पड़ोस के जिलों में मिल जाता है। इनकी कीमत भी कम होती है। लेकिन बीस पंजे वाले कछुए की कीमत लाखों रुपये में आंकी जाती है। कई कई दिन की तलाश के बाद कहीं जाकर एक कछुआ मिलता है। इसके बाद इस कछुआ की मुंह मांगी कीमत ली जाती है।
दवा-तंत्रमंत्र क्रिया में होता है इस्तेमाल
कछुए का इस्तेमाल कई तरह की बीमारियां दूर करने के लिए किया जाता है। जबकि तंत्रमंत्र क्रिया में भी इसे इस्तेमाल किया जाता है। तांत्रिक के कहने पर कुछ लोग कछुए के पंजे को अपने घर के दरवाजे पर टांग देते हैं। इसीलिए ही कछुआ की कीमत बढ़ती जा रही है।
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कटघर इंस्पेक्टर वीरेंद्र सिंह यादव का कहना है कि पकड़े गए कछुआ तस्करों के नाम रवि पाल पुत्र महेश पाल निवासी इंदिरा कालोनी थाना टांडा (रामपुर) और सुनील पुत्र हरिराम निवासी लक्ष्मीनगर थाना बिलासपुर रामपुर) हैं। दोनों आरोपी काशीपुर तिराहे पर रहकर कछुओं की तस्करी कर रहे थे।
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दोनों दिन में कोसी, रामगंगा और ढेला नदी से कछुए पकड़ने का काम करते थे। इसके बाद तस्करी करते थे। शनिवार को पुलिस ने काशीपुर तिराहे से दोनों को गिरफ्तार कर लिया। तलाशी ली गई तो इनकी बोरी में नौ दुर्लभ प्रजाति के कछुए मिल गए। पूछताछ में दोनों ने बताया कि वह तस्करी के लिए कछुआ ले जा रहे थे।
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आरोपियों के खिलाफ वन्य जीव संरक्षण अधिनियम एवं 11 पशु क्रूरता अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। शनिवार दोपहर बाद उन्हें जेल भेज दिया गया है। बरामद कछुओं को जिम कार्बेट पार्क भिजवाया जाएगा।
-यशवीर सिंह, सीओ कटघर
लाखों रुपये तक एक कछुए की कीमत
कछुआ तस्करी का बड़ा रैकेट मुरादाबाद में चल रहा था। पकड़े गए तस्करों ने कबूला है कि सामान्य तौर पर 18 पंजे वाला कछुआ मुरादाबाद और उसके आस पड़ोस के जिलों में मिल जाता है। इनकी कीमत भी कम होती है। लेकिन बीस पंजे वाले कछुए की कीमत लाखों रुपये में आंकी जाती है। कई कई दिन की तलाश के बाद कहीं जाकर एक कछुआ मिलता है। इसके बाद इस कछुआ की मुंह मांगी कीमत ली जाती है।
दवा-तंत्रमंत्र क्रिया में होता है इस्तेमाल
कछुए का इस्तेमाल कई तरह की बीमारियां दूर करने के लिए किया जाता है। जबकि तंत्रमंत्र क्रिया में भी इसे इस्तेमाल किया जाता है। तांत्रिक के कहने पर कुछ लोग कछुए के पंजे को अपने घर के दरवाजे पर टांग देते हैं। इसीलिए ही कछुआ की कीमत बढ़ती जा रही है।