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लूट का ड्रामा रचने को दोस्त से मरवाई थी गोली
ब्यूरो/अमर उजाला मुरादाबाद
Updated Wed, 20 Jan 2016 07:08 PM IST
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शनिवार तड़के नागफनी में स्क्रैप कारोबारी मोहम्मद उमर के साथ लूट नहीं हुई थी। बल्कि 32 लाख के कर्ज तले दबे उमर ने पौने तेरह लाख रुपये लूटे जाने का ड्रामा रचा था। तकादों से छुटकारा पाने के लिए स्क्रैप कारोबारी ने खुद को गोली मरवाकर लूट की स्क्रिप्ट तो ठीकठाक लिख डाली थी लेकिन पुलिस छानबीन में उसका खेल धड़ाम हो गया।
एसएसपी नितिन तिवारी ने मंगलवार को इस घटना का खुलासा कर दिया। स्क्रैप कारोबारी को गोली लुटेरों ने नहीं मारी थी बल्कि उसने अपने एक सटोरिये दोस्त को 60 हजार रुपये देकर खुद को गोली मरवाई थी। पुलिस ने गोली मारने वाले स्क्रैप कारोबारी के दोस्त शकील को गिरफ्तार कर लिया है। कथित तौर पर लूटे गई रकम स्क्रैप कारोबारी के घर से ही बरामद हो गई है।
एसएसपी नितिन तिवारी ने मंगलवार को पुलिस लाइन में प्रेस कांफ्रेंस करके इस घटना का खुलासा किया तो स्क्रैप कारोबारी का झूठ परत दर परत उजागर होता चला गया। शनिवार तड़के करीब साढ़े चार बजे दसवां घाट नई आबादी निवासी स्क्रैप कारोबारी मोहम्मद उमर ने अपने साथ पौने तेरह लाख रुपये लूट की सूचना देकर सनसनी फैला दी थी। उमर की जांघ में गोली लगी थी लिहाजा पहली नजर में पुलिस को भी घटना सच ही लगी।
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उसने पुलिस को बताया था कि बदमाशों ने उसे अगवा किया और रामगंगा किनारे ले जाकर गोली मारकर रकम लूट ली। लेकिन जब एसएसपी ने नागफनी पुलिस के साथ ही एसओजी और सर्विलांस सेल को लगाकर उमर की बातों की पड़ताल कराई तो उसका खेल खुल गया। जिन लोगों से उमर ने रकम लेने का दावा किया था उन्होंने साफ इंकार कर दिया।
उमर के मोबाइल नंबर की सीडीआर निकलवाई गई तो घटना वाले दिन आखिरी कॉल असातलपुरा निवासी सटोरिये शकील उर्फ अंडा के मोबाइल पर मिली। पुलिस ने शकील को हिरासत में लेकर पूछताछ की तो वह टूट गया और उमर के खेल का पर्दाफाश कर दिया। कथित तौर पर लूटे गए तीन लाख रुपये भी उमर और शकील ने बरामद करा दिए। एसएसपी ने बताया कि पुलिस ने शकील उर्फ अंडा को हत्या के प्रयास और साजिश रचने के आरोप में गिरफ्तार कर जेल भेजा जा रहा है।
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एसएसपी नितिन तिवारी ने मंगलवार को इस घटना का खुलासा कर दिया। स्क्रैप कारोबारी को गोली लुटेरों ने नहीं मारी थी बल्कि उसने अपने एक सटोरिये दोस्त को 60 हजार रुपये देकर खुद को गोली मरवाई थी। पुलिस ने गोली मारने वाले स्क्रैप कारोबारी के दोस्त शकील को गिरफ्तार कर लिया है। कथित तौर पर लूटे गई रकम स्क्रैप कारोबारी के घर से ही बरामद हो गई है।
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एसएसपी नितिन तिवारी ने मंगलवार को पुलिस लाइन में प्रेस कांफ्रेंस करके इस घटना का खुलासा किया तो स्क्रैप कारोबारी का झूठ परत दर परत उजागर होता चला गया। शनिवार तड़के करीब साढ़े चार बजे दसवां घाट नई आबादी निवासी स्क्रैप कारोबारी मोहम्मद उमर ने अपने साथ पौने तेरह लाख रुपये लूट की सूचना देकर सनसनी फैला दी थी। उमर की जांघ में गोली लगी थी लिहाजा पहली नजर में पुलिस को भी घटना सच ही लगी।
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उसने पुलिस को बताया था कि बदमाशों ने उसे अगवा किया और रामगंगा किनारे ले जाकर गोली मारकर रकम लूट ली। लेकिन जब एसएसपी ने नागफनी पुलिस के साथ ही एसओजी और सर्विलांस सेल को लगाकर उमर की बातों की पड़ताल कराई तो उसका खेल खुल गया। जिन लोगों से उमर ने रकम लेने का दावा किया था उन्होंने साफ इंकार कर दिया।
उमर के मोबाइल नंबर की सीडीआर निकलवाई गई तो घटना वाले दिन आखिरी कॉल असातलपुरा निवासी सटोरिये शकील उर्फ अंडा के मोबाइल पर मिली। पुलिस ने शकील को हिरासत में लेकर पूछताछ की तो वह टूट गया और उमर के खेल का पर्दाफाश कर दिया। कथित तौर पर लूटे गए तीन लाख रुपये भी उमर और शकील ने बरामद करा दिए। एसएसपी ने बताया कि पुलिस ने शकील उर्फ अंडा को हत्या के प्रयास और साजिश रचने के आरोप में गिरफ्तार कर जेल भेजा जा रहा है।