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एसओजी टीम की राजनीति के कारण ढाई माह से परेशान था आयुष
मुरादाबाद/अमर उजाला ब्यूरो
Updated Fri, 08 Dec 2017 11:57 PM IST
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पुलिस
- फोटो : अमर उजाला
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आयुष की मौत की गुत्थी घटना के छह दिन बाद भी उलझी हुई है। अब तक न तो 9एमएम की पिस्टल पुलिस को मिली है, न ही आयुष की मौत की वजह का पता लग पाया है। ऐसे में आयुष की मां ने एसओजी टीम पर सवाल उठाया है।
उनका कहना है कि एसओजी टीम में कार्यरत कुछ पुलिसकर्मियों की राजनीति के कारण आयुष परेशान था, वह एसओजी टीम से स्थानांतरण कराना चाहता है। फोन पर इसके बारे में आयुष ने खुद ही मां को जानकारी दी थी।
आयुष की मां राजेश्वरी ने बताया कि उनका बेटा इस वक्त अपने काम के बल पर एसओजी टीम में उफान में था। सभी अधिकारी उसको पसंद करते थे, उसकी तारीफ करते थे। इस वजह से एसओजी टीम के कुछ सदस्य उससे खफा भी हो गए थे।
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आयुष ने कुछ दिन पहले फोन पर बातचीत के दौरान मां को बताया था कि कुछ पुलिसकर्मी उसके खिलाफ राजनीति करने लगे थे। इस वजह से वह ढाई माह से परेशान था। वह अपना स्थानांतरण एसओजी से अलग कराना चाह रहा था। मां राजेश्वरी ने उसे समझा बुझाकर शांत किया था।
राजेश्वरी देवी का आरोप है कि अब पुलिस इस मामले में लीपापोती कर रही है, जांच में लापरवाही बरती जा रही है।मां को दी गई थी बेटे की मौत की सीधी सूचनाआयुष का शव मिलने के बाद एसओजी टीम के एक दरोगा ने राजेश्वरी देवी को फोन किया। आरोप है कि उन्होंने सीधे आयुष की मौत की सूचना उन्हें दी।
राजेश्वरी देवी ने बताया कि सूचना देने वाले दरोगा ने यह भी ख्याल नहीं रखा कि इकलौते बेटे की मौत की अचानक सूचना मिलने से उन पर क्या असर पडे़गा? राजेश्वरी खुद पुलिस विभाग में कार्यरत हैं। उन्होंने बताया कि आयुष का शव लेकर सहारनपुर वह लोग गए तो दो सिपाहियों को उनके साथ भेजा गया जो वहां पर शव पहुंचाकर वापस लौट आए, अंतिम संस्कार के वक्त तक भी पुलिसकर्मी वहां पर नहीं रुके।
‘युवती नहीं है मौत की वजह’
पुलिस जांच के दौरान आयुष की दोस्ती एक युवती से होने की बात भी सामने आई। आयुष की मां ने बताया कि उनका परिवार खुले विचारों वाला है। परिवार के लोग हर बात एक दूसरे को बताते हैं। आयुष और युवती के बीच महज दोस्ती का रिश्ता था, इससे अलावा कुछ नहीं। यह उसकी मौत की वजह से नहीं हो सकती।
बयान
‘आयुष की मौत हत्या है या आत्महत्या। इस संबंध में अभी स्थिति स्पष्ट नहीं हुई है। पुलिस अभी हत्या के एंगल से ही जांच कर रही है। गायब पिस्टल की तलाश भी की जा रही है। एसओजी टीम में राजनीति के बारे में मुझे जानकारी नहीं है, न ही मुझसे इस संबंध में आयुष ने कभी शिकायत की। अगर परिजन शिकायत करेंगे तो जांच कराई जाएगी।’
डॉ. प्रीतिंदर सिंह, एसएसपी
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उनका कहना है कि एसओजी टीम में कार्यरत कुछ पुलिसकर्मियों की राजनीति के कारण आयुष परेशान था, वह एसओजी टीम से स्थानांतरण कराना चाहता है। फोन पर इसके बारे में आयुष ने खुद ही मां को जानकारी दी थी।
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आयुष की मां राजेश्वरी ने बताया कि उनका बेटा इस वक्त अपने काम के बल पर एसओजी टीम में उफान में था। सभी अधिकारी उसको पसंद करते थे, उसकी तारीफ करते थे। इस वजह से एसओजी टीम के कुछ सदस्य उससे खफा भी हो गए थे।
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आयुष ने कुछ दिन पहले फोन पर बातचीत के दौरान मां को बताया था कि कुछ पुलिसकर्मी उसके खिलाफ राजनीति करने लगे थे। इस वजह से वह ढाई माह से परेशान था। वह अपना स्थानांतरण एसओजी से अलग कराना चाह रहा था। मां राजेश्वरी ने उसे समझा बुझाकर शांत किया था।
राजेश्वरी देवी का आरोप है कि अब पुलिस इस मामले में लीपापोती कर रही है, जांच में लापरवाही बरती जा रही है।मां को दी गई थी बेटे की मौत की सीधी सूचनाआयुष का शव मिलने के बाद एसओजी टीम के एक दरोगा ने राजेश्वरी देवी को फोन किया। आरोप है कि उन्होंने सीधे आयुष की मौत की सूचना उन्हें दी।
राजेश्वरी देवी ने बताया कि सूचना देने वाले दरोगा ने यह भी ख्याल नहीं रखा कि इकलौते बेटे की मौत की अचानक सूचना मिलने से उन पर क्या असर पडे़गा? राजेश्वरी खुद पुलिस विभाग में कार्यरत हैं। उन्होंने बताया कि आयुष का शव लेकर सहारनपुर वह लोग गए तो दो सिपाहियों को उनके साथ भेजा गया जो वहां पर शव पहुंचाकर वापस लौट आए, अंतिम संस्कार के वक्त तक भी पुलिसकर्मी वहां पर नहीं रुके।
‘युवती नहीं है मौत की वजह’
पुलिस जांच के दौरान आयुष की दोस्ती एक युवती से होने की बात भी सामने आई। आयुष की मां ने बताया कि उनका परिवार खुले विचारों वाला है। परिवार के लोग हर बात एक दूसरे को बताते हैं। आयुष और युवती के बीच महज दोस्ती का रिश्ता था, इससे अलावा कुछ नहीं। यह उसकी मौत की वजह से नहीं हो सकती।
बयान
‘आयुष की मौत हत्या है या आत्महत्या। इस संबंध में अभी स्थिति स्पष्ट नहीं हुई है। पुलिस अभी हत्या के एंगल से ही जांच कर रही है। गायब पिस्टल की तलाश भी की जा रही है। एसओजी टीम में राजनीति के बारे में मुझे जानकारी नहीं है, न ही मुझसे इस संबंध में आयुष ने कभी शिकायत की। अगर परिजन शिकायत करेंगे तो जांच कराई जाएगी।’
डॉ. प्रीतिंदर सिंह, एसएसपी