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कर्ज में डूबे गल्ला व्यापारी ने दी जान
Updated Mon, 03 Dec 2018 01:51 AM IST
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मुरादाबाद।
कोतवाली के पटपट सराय में रहने वाले एक गल्ला व्यापारी की जहर खाने से मौत हो गई। परिवार वालों का आरोप है कि उन्होंने उत्पीड़न से परेशान होकर आत्महत्या की है। व्यापार में घाटा होने के कारण उन पर कर्ज हो गया था। कर्ज उतारने के लिए वह अपने हिस्से की दुकान बेचना चाह रहे थे लेकिन कुछ लोग उनको दुकान नहीं बेचने देने दे रहे थे, इस वजह से उन्होंने आत्मघाती कदम उठाया है।
पटपट सराय में रहने वाले गल्ला व्यापारी कैलाश यादव (55) की कटरा नाज में गल्ले की दुकान है। इस दुकान में अन्य लोग भी हिस्सेदार हैं। बेटे दिव्यांशु यादव ने बताया कि एक साल पहले पिता को व्यापार में घाटा होे गया था। जिन लोगों का कर्ज उनके ऊपर था, वह कर्ज वापस करने के लिए दबाव बना रहे थे। फोन पर धमकी दी जा रही थी। इससे परेशान होकर पिता कैलाश ने कटरा नाज में अपने हिस्से की दुकान बेचने का निश्चय किया लेकिन इस दुकान को कुछ लोग उन्हें बेचने से रोक रहे थे, जिनमें एक राजनेता भी शामिल है। दिव्यांशु का आरोप है कि दुकान बेचने का विरोध करने वाले लोगों ने ही उनके पिता कैलाश को आत्महत्या करने के लिए मजबूर किया और उन्होंने 24 नवंबर को जहर खा लिया। उपचार के लिए दिल्ली रोड स्थित निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। जहां पर उनकी देर रात मौत हो गई है। रात को कोतवाली थाने जाकर आरोपियों के खिलाफ तहरीर दी लेकिन पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज नहीं की है। रविवार को शव का पोस्टमार्टम कराया गया है। जहर से मौत का अंदेशा जताया गया है, विसरा सुरक्षित किया गया है। एसएचओ कोतवाली रविंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि कैलाश के ऊपर एक करोड़ रुपये से अधिक का कर्ज बताया गया है। कर्ज के दबाव में उन्होंने आत्महत्या की है, ऐसा प्रारंभिक जांच में पता चला है। जांच कर इस संबंध में कार्यवाही की जाएगी।
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कोतवाली के पटपट सराय में रहने वाले एक गल्ला व्यापारी की जहर खाने से मौत हो गई। परिवार वालों का आरोप है कि उन्होंने उत्पीड़न से परेशान होकर आत्महत्या की है। व्यापार में घाटा होने के कारण उन पर कर्ज हो गया था। कर्ज उतारने के लिए वह अपने हिस्से की दुकान बेचना चाह रहे थे लेकिन कुछ लोग उनको दुकान नहीं बेचने देने दे रहे थे, इस वजह से उन्होंने आत्मघाती कदम उठाया है।
पटपट सराय में रहने वाले गल्ला व्यापारी कैलाश यादव (55) की कटरा नाज में गल्ले की दुकान है। इस दुकान में अन्य लोग भी हिस्सेदार हैं। बेटे दिव्यांशु यादव ने बताया कि एक साल पहले पिता को व्यापार में घाटा होे गया था। जिन लोगों का कर्ज उनके ऊपर था, वह कर्ज वापस करने के लिए दबाव बना रहे थे। फोन पर धमकी दी जा रही थी। इससे परेशान होकर पिता कैलाश ने कटरा नाज में अपने हिस्से की दुकान बेचने का निश्चय किया लेकिन इस दुकान को कुछ लोग उन्हें बेचने से रोक रहे थे, जिनमें एक राजनेता भी शामिल है। दिव्यांशु का आरोप है कि दुकान बेचने का विरोध करने वाले लोगों ने ही उनके पिता कैलाश को आत्महत्या करने के लिए मजबूर किया और उन्होंने 24 नवंबर को जहर खा लिया। उपचार के लिए दिल्ली रोड स्थित निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। जहां पर उनकी देर रात मौत हो गई है। रात को कोतवाली थाने जाकर आरोपियों के खिलाफ तहरीर दी लेकिन पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज नहीं की है। रविवार को शव का पोस्टमार्टम कराया गया है। जहर से मौत का अंदेशा जताया गया है, विसरा सुरक्षित किया गया है। एसएचओ कोतवाली रविंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि कैलाश के ऊपर एक करोड़ रुपये से अधिक का कर्ज बताया गया है। कर्ज के दबाव में उन्होंने आत्महत्या की है, ऐसा प्रारंभिक जांच में पता चला है। जांच कर इस संबंध में कार्यवाही की जाएगी।
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