{"_id":"5b60c9f84f1c1bb24b8b624c","slug":"81533069816-moradabad-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"दोस्त के हत्यारे को उम्रकैद की सजा","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
दोस्त के हत्यारे को उम्रकैद की सजा
Updated Wed, 01 Aug 2018 02:13 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मुरादाबाद।
जिला एवं सत्र न्यायाधीश शशिकांत शुक्ला की अदालत ने संभल के धीरेंद्र हत्याकांड में मुलजिम बनवारी को दोषी करार देते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई। जबकि बीस हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया। धीरेंद्र और बनवारी के बीच दोस्ती थी और घटना के समय दोनों रिश्तेदारी से घर लौट रहे थे।
कुढ़फतेहगढ़ थाने में ग्राम चचेरी जिला संभल निवासी एवरन सिंह ने जनवरी 2015 में मुकदमा दर्ज कराया कि उसके छोटे भाई धीरेंद्र की गांव के ही बनवारी ने गोली मार कर हत्या कर दी। मुकदमे की तफतीश के दौरान जानकारी हुई कि धीरेंद्र पास के ही गांव डिडौली में तेरहवीं में पूरन और मुकेश के साथ गया था। वहां से लौटते वक्त रास्ते में बनवारी भी मिल गया। जिन्होंने मिलकर पहले तो शराब पी बाद में बनवारी ने धीरेंद्र क ी गोली मार कर हत्या कर दी थी। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। इसके बाद आरोपी बनवारी के खिलाफ अदालत में आरोप पत्र दाखिल किया गया। इस मामले की सुनवाई जिला एवं सत्र न्यायाधीश शशिकांत शुक्ला की अदालत में चली। जिसमें सरकार की ओर से जिला शासकीय अधिवक्ता संजीव कुमार सिंह व सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता संजीव अग्रवाल ने पक्ष रखा। अदालत ने पुख्ता सबूतों के आधार पर मुलजिम बनवारी को हत्या का दोषी मानते हुए आजीवन कारावास के साथ बीस हजार रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई है। ब्यूरो
विज्ञापन
जिला एवं सत्र न्यायाधीश शशिकांत शुक्ला की अदालत ने संभल के धीरेंद्र हत्याकांड में मुलजिम बनवारी को दोषी करार देते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई। जबकि बीस हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया। धीरेंद्र और बनवारी के बीच दोस्ती थी और घटना के समय दोनों रिश्तेदारी से घर लौट रहे थे।
कुढ़फतेहगढ़ थाने में ग्राम चचेरी जिला संभल निवासी एवरन सिंह ने जनवरी 2015 में मुकदमा दर्ज कराया कि उसके छोटे भाई धीरेंद्र की गांव के ही बनवारी ने गोली मार कर हत्या कर दी। मुकदमे की तफतीश के दौरान जानकारी हुई कि धीरेंद्र पास के ही गांव डिडौली में तेरहवीं में पूरन और मुकेश के साथ गया था। वहां से लौटते वक्त रास्ते में बनवारी भी मिल गया। जिन्होंने मिलकर पहले तो शराब पी बाद में बनवारी ने धीरेंद्र क ी गोली मार कर हत्या कर दी थी। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। इसके बाद आरोपी बनवारी के खिलाफ अदालत में आरोप पत्र दाखिल किया गया। इस मामले की सुनवाई जिला एवं सत्र न्यायाधीश शशिकांत शुक्ला की अदालत में चली। जिसमें सरकार की ओर से जिला शासकीय अधिवक्ता संजीव कुमार सिंह व सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता संजीव अग्रवाल ने पक्ष रखा। अदालत ने पुख्ता सबूतों के आधार पर मुलजिम बनवारी को हत्या का दोषी मानते हुए आजीवन कारावास के साथ बीस हजार रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई है। ब्यूरो
विज्ञापन