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बेटे के दोस्त ने की थी किसान लाखन सिंह की हत्या
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कुंदरकी (मुरादाबाद)।
कुंदरकी थानाक्षेत्र के नानपुर में किसान लाखन सिंह की हत्या उसके ही बेटे के दोस्त मनोज ने की थी। पुलिस ने हत्यारोपी को गिरफ्तार कर इस सनसनीखेज हत्याकांड का खुलासा कर दिया। पुलिस का दावा है कि हत्यारोपी को शक था कि लाखन उसकी पत्नी पर बुरी नजर रखता था। पुलिस ने सोमवार दोपहर बाद आरोपी को अदालत में पेश किया। जहां से उसे जेल भेज दिया गया।
एएसपी/सीओ बिलारी अपर्णा गुप्ता ने सोमवार दोपहर इस घटना का खुलासा किया। उन्होंने बताया कि कुंदरकी थानाक्षेत्र के ग्राम नानपुर गांव में पांच दिसंबर की रात में पशुशाला में सोते समय किसान लाखन सिंह की चाकू से गला रेत कर हत्या कर दी गई थी। हत्या वाले दिन ही किसान के भतीजे ओमपाल का लगुन समारोह था। लाखन के बेटे सत्यपाल ने शक के आधार पर नरायन सिंह निवासी ग्राम सब्जीपुर थाना पाकबड़ा और अतर सिंह निवासी ग्राम गोसमपुर नानकार थाना पटवाई जिला रामपुर को नामजद कराते हुए दो अज्ञात लोगों के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पुलिस और इंटेलीजेंस विंग की टीम ने हत्या की गुत्थी सुलझा ली। मुकदमे की नामजदगी झूठी साबित हुई। तफ्तीश में सामने आया कि किसान लाखन सिंह की हत्या को पड़ोस में रहने वाले मनोज उर्फ मनोहर निवासी नानपुर थाना कुंदरकी ने अंजाम दिया था। सोते समय मनोज पशुशाला में घुुस गया था। जिसने अंधाधुंध चाकू से लाखन पर वार किए और बाद में गला रेतकर हत्या कर दी थी। कुंदरकी थाना प्रभारी निरीक्षक संजय धीर ने बताया कि मनोज ने किसान की हत्या इसलिए की थी कि उसकी पत्नी पर वह बुरी नजर रखता था। जिसकी शिकायत पत्नी ने उससे की थी। हत्यारोपी मनोज किसान के बेटे सुभाष का बचपन का दोस्त था, लेकिन कुछ समय ही दोनों के बीच दूरियां बन गई थीं। सोमवार दोपहर बाद पुलिस ने हत्यारोपी को कोर्ट में पेश किया। जहां से उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया।
थाने में जुटी ग्रामीणों की भीड़
कुंदरकी। किसान लाखन सिंह की हत्या को लेकर ग्राम नानपुर के ग्रामीण सन्न थे। पुलिस ने दो माह तक विवेचना की जिसमें पंद्रह लोगों से पूछताछ की गई थी। इस हत्याकांड के खुलासे के लिए ग्रामीण भी बार बार पुलिस से संपर्क कर जानना चाहते थे कि आखिर हत्या किसने की है। हत्या की गुत्थी सुलझाने को कुंदरकी पुलिस के साथ इंटेलीजेंस विंग भी लगाई ग्रइ थी। पुलिस की इस घटना की जैसे से ही सुराग लगा तो खुलासे का रास्ता आसान हो गया। पुलिस ने जब हत्यारोपी मनोज को उठाया तो थाने में उसके परिजन के साथ काफी संख्या ग्रामीण भी आ गए और उसको निर्दोष बताने लगे, लेकिन जब पुलिस की निशानदेही पर नानपुर गांव में आबादी के बीच आला कत्ल गटर से बरामद किया तो पीड़ित परिवार के साथ ग्रामीण संतुष्ट हो गए। खुलासे पर किसान बेटे सुभाष राजपूत, सत्यपाल के साथ बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने पुलिस टीम की प्रशंसा की।
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कुंदरकी थानाक्षेत्र के नानपुर में किसान लाखन सिंह की हत्या उसके ही बेटे के दोस्त मनोज ने की थी। पुलिस ने हत्यारोपी को गिरफ्तार कर इस सनसनीखेज हत्याकांड का खुलासा कर दिया। पुलिस का दावा है कि हत्यारोपी को शक था कि लाखन उसकी पत्नी पर बुरी नजर रखता था। पुलिस ने सोमवार दोपहर बाद आरोपी को अदालत में पेश किया। जहां से उसे जेल भेज दिया गया।
एएसपी/सीओ बिलारी अपर्णा गुप्ता ने सोमवार दोपहर इस घटना का खुलासा किया। उन्होंने बताया कि कुंदरकी थानाक्षेत्र के ग्राम नानपुर गांव में पांच दिसंबर की रात में पशुशाला में सोते समय किसान लाखन सिंह की चाकू से गला रेत कर हत्या कर दी गई थी। हत्या वाले दिन ही किसान के भतीजे ओमपाल का लगुन समारोह था। लाखन के बेटे सत्यपाल ने शक के आधार पर नरायन सिंह निवासी ग्राम सब्जीपुर थाना पाकबड़ा और अतर सिंह निवासी ग्राम गोसमपुर नानकार थाना पटवाई जिला रामपुर को नामजद कराते हुए दो अज्ञात लोगों के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पुलिस और इंटेलीजेंस विंग की टीम ने हत्या की गुत्थी सुलझा ली। मुकदमे की नामजदगी झूठी साबित हुई। तफ्तीश में सामने आया कि किसान लाखन सिंह की हत्या को पड़ोस में रहने वाले मनोज उर्फ मनोहर निवासी नानपुर थाना कुंदरकी ने अंजाम दिया था। सोते समय मनोज पशुशाला में घुुस गया था। जिसने अंधाधुंध चाकू से लाखन पर वार किए और बाद में गला रेतकर हत्या कर दी थी। कुंदरकी थाना प्रभारी निरीक्षक संजय धीर ने बताया कि मनोज ने किसान की हत्या इसलिए की थी कि उसकी पत्नी पर वह बुरी नजर रखता था। जिसकी शिकायत पत्नी ने उससे की थी। हत्यारोपी मनोज किसान के बेटे सुभाष का बचपन का दोस्त था, लेकिन कुछ समय ही दोनों के बीच दूरियां बन गई थीं। सोमवार दोपहर बाद पुलिस ने हत्यारोपी को कोर्ट में पेश किया। जहां से उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया।
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थाने में जुटी ग्रामीणों की भीड़
कुंदरकी। किसान लाखन सिंह की हत्या को लेकर ग्राम नानपुर के ग्रामीण सन्न थे। पुलिस ने दो माह तक विवेचना की जिसमें पंद्रह लोगों से पूछताछ की गई थी। इस हत्याकांड के खुलासे के लिए ग्रामीण भी बार बार पुलिस से संपर्क कर जानना चाहते थे कि आखिर हत्या किसने की है। हत्या की गुत्थी सुलझाने को कुंदरकी पुलिस के साथ इंटेलीजेंस विंग भी लगाई ग्रइ थी। पुलिस की इस घटना की जैसे से ही सुराग लगा तो खुलासे का रास्ता आसान हो गया। पुलिस ने जब हत्यारोपी मनोज को उठाया तो थाने में उसके परिजन के साथ काफी संख्या ग्रामीण भी आ गए और उसको निर्दोष बताने लगे, लेकिन जब पुलिस की निशानदेही पर नानपुर गांव में आबादी के बीच आला कत्ल गटर से बरामद किया तो पीड़ित परिवार के साथ ग्रामीण संतुष्ट हो गए। खुलासे पर किसान बेटे सुभाष राजपूत, सत्यपाल के साथ बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने पुलिस टीम की प्रशंसा की।
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