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आटो चालकों की हड़ताल से शहर हुआ जाम

Fri, 30 Nov 2018 02:14 AM IST
Updated Fri, 30 Nov 2018 02:14 AM IST
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आटो चालकों की हड़ताल से शहर हुआ जाम
मुरादाबाद।
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चार दिन पहले शहर में आटो और ई-रिक्शा के लिए लागू किए गए जोन सिस्टम के विरोध में वृहस्पतिवार को आटो चालक सड़कों पर उतर आए। उन्होेंने दिल्ली हाईवे पर आटो खड़ा कर करीब डेढ़ घंटे तक जाम लगा दिया और सड़कों पर लेट गए। आटो चालकों की हड़ताल के कारण सैकड़ों लोगों को परेशान होकर पैदल ही सफर करना पड़ा। पुलिस आटो चालकों को वार्ता के लिए पुलिस लाइन ले गई, वहां पर भी उन्होंने जमकर हंगामा और नारेबाजी की। आटो चालकों का आरोप है कि जोन सिस्टम की वजह से न केवल उन्हें बल्कि जनता को भी परेशान होकर दुगना किराया देना पड़ रहा है।
बृहस्पतिवार सुबह आटो का संचालन जोन के हिसाब से नहीं हुआ तो पुलिस ने उनके चालान काटे और थाने ले आई। पुलिस की इस कार्रवाई के विरोध में आटो चालक जगह जगह अपने आटो रोक कर खडे़ हो गए। उन्होंने दूसरे जोन में आटो चलाने और आटो की छत रंगी हुई न होने का आरोप लगाया। दोपहर को रोडवेज चौकी पर भी आटो रोक लिए गए। इसकी जानकारी एसपी यातायात, एसएसपी को दी गई लेकिन आटो नहीं छोड़े गए। आरोप है कि आटो रोक कर पुलिस ने उत्पीड़न किया और अवैध वसूली करने की कोशिश की। जिसके विरोध में वह लोग दिल्ली हाईवे पर आ गए और कपूर कंपनी के पास आटो खड़ा कर जाम लगा दिया।
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करीब तीन बजे से शाम चार बजे तक वहां पर जाम लगा रहा। इस दौरान लोगों को सवारी वाहन न मिलने के कारण परेशानी हुई। सिविल लाइन इंस्पेक्टर अवधेश और यातायात निरीक्षक ने मौके पर पहुंचकर आटो चालकों को समझाकर शांत करने का प्रयास किया। इसके बाद सभी आटो चालक वार्ता के लिए वहां से पुलिस लाइन आ गए। यहां पर आटो खड़े कर दिए और नारेबाजी कर जोन सिस्टम को खत्म करने की मांग की।
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आटो चालकों का कहना है कि जोन सिस्टम लागू करने से पहले जो व्यवस्था लागू करने का वादा यातायात पुलिस ने किया था, उसे पूरा नहीं किया गया है। अधूरी व्यवस्था के तहत ही जोन सिस्टम लागू कर दिया गया है, जिसे खत्म किया जाए। यातायात निरीक्षक धर्मेंद्र राठौर ने उनको समझाकर शांत करने का प्रयास किया। आटो चालक वहां से एक घंटे बाद वापस लौटे लेकिन उन्होंने जोन सिस्टम का विरोध करना जारी रखा है। विरोध प्रदर्शन के लिए नई रणनीति बनाई जा रही है।

जोन सिस्टम लागू होने से दोगुना हुआ किराया
मुरादाबाद। शहर में जोन सिस्टम लागू किए जाने के बाद अब जनता को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। बृहस्पतिवार को जब आटो चालक विरोध करने के लिए सड़कों पर उतरे तो राहगीरों ने भी उनका समर्थन किया। उन्होंने बताया कि अब रेलवे स्टेशन पर ही उनको एक आटो से उतरकर दूसरा आटो पकड़ना पड़ रहा है। इस व्यवस्था से उनको दोगुना किराया देना पड़ रहा है। आटो भी बदलने पड़ रहे हैं।

ई-रिक्शा चालक भी विरोध में उतरे
मुरादाबाद। ई-रिक्शा चालक भी प्रदर्शन के दौरान आटो चालकों के समर्थन में आ गए। उन्होंने भी पुलिस पर उत्पीड़न का आरोप लगाया है। दूसरे जोन में खाली ई-रिक्शा लेकर जाते हुए भी उनका ई-रिक्शा रोक लिया जा रहा है। जिसकी वजह से परेशानी हो रही है। उनकी जीविका पर संकट उत्पन्न हो गया है। प्रदर्शन के दौरान वहां मौजूद ई-रिक्शा चालक ओमपाल ने बताया कि बृृहस्पतिवार को वह दवा लेने जा रहे थे तो कांठ रोड पर ही उनका ई रिक्शा रोक लिया गया। ।

पहले दस रुपये था किराया अब देने पड़ रहे हैं 20 रुपये
मुरादाबाद। प्रदर्शन के दौरान वहां से गुजर रहे राहगीरों ने भी आटो चालकों की मांग का समर्थन किया है। उनका कहना है कि जोन सिस्टम की वजह से पहले वह मझोला, फव्वारा, पीली कोठी से डबल फाटक तक 10 रुपये देते थे लेकिन अब उनको स्टेशन पर ही आटो से उतरकर दूसरे आटो में बैठना पड़ता और दोनों आटो चालक दस - दस रुपये किराया ले रहे हैं। जिसकी वजह से उनका खर्च बढ़ गया है। इस तरह की व्यवस्था को परिवर्तित कर यात्रियों की जेब पर भार न पड़े।

स्कूली बच्चाें को लाने ओर ले जाने में भी दिक्कत
मुरादाबाद। शहर में कई आटो और ई-रिक्शा ऐसे हैं। जिनको अभिभावकों ने बच्चों को स्कूल से लाने और ले जाने के लिए लगा रखा है। जोन सिस्टम लागू होेने के बाद आटो और ई-रिक्शा को बच्चों को स्कूल से लाने और ले जाने के लिए दूसरे जोन में जाना पड़ता है। वहां पर पुलिस वाहन चालकों को रोक ले रही है। इससे स्कूली बच्चों को ले जाने में परेशानी हो रही है। अभिभावकों का कहना है कि जिसमें सुधार किया जाए।

दिव्यांग, महिलाओं को पैदल ही करना पड़ा सफर
मुरादाबाद। करीब 50 से अधिक आटो चालकों ने दिल्ली हाईवे पर दोपहर तीन बजे आटो खड़े कर दिए। जिसकी वजह से वहां पर जाम की स्थिति बनी रही। जो आटो चालक प्रदर्शन में शामिल नहीं हुए उनको भी जबरन प्रदर्शन में शामिल कर लिया। इसकी वजह से स्टेशन रोड पर लोगाें को अपने गंतव्य को जाने के लिए आटो नहीं मिले। वह पैदल ही सफर करने को मजबूर हुए। सबसे ज्यादा परेशानी तो दिव्यांग, महिलाओं और बच्चों को उठानी पड़ी। उन्हें सिर पर सामान रखकर भी लोग पैदल जाना पड़ा।

‘मुझे े पाकबड़ा जाना है लेकिन आटो नहीं मिले। इस वजह से सिर पर ही सामान से भरा कट्टा रखकर पैदल ही जाना पड़ रहा है।’
शादाब, राहगीर

‘टैंपों न मिलने के कारण पैदल ही मझोली तिराहे तक जाना पड़ रहा है। रास्ते में कई आटो चालकों को रोककर उनको मझोला तिराहे तक चलने के लिए कहा लेकिन उन्होंने आटो में नहीं बैठाया।’
जमुना, राहगीर

ये हैं आटो चालकों की मां
- आटो के लिए चारो जोन में आटो स्टैंड बनाए जाएं।
- स्टेशन परिसर से सवारियों को बैठाने की अनुमति मिले।
- प्रतिबंधित सवारी वाहनों को स्टेशन पर आने से रोकें
- स्कूली बच्चों को लाने- ले जाने को दूसरे जोन की अनुमति मिले
- आटो चालकों की सुविधा के लिए जोन सिस्टम खत्म हो

पहले व्यवस्था पूरी करें और आटो चालकों से मिलकर नई योजना बनाकर जोन का क्षेत्र बढ़ाया जाए। आटो चालकों का उत्पीड़न बर्दाश्त नहीं होगा, उनको जगह जगह न रोका जाए।

किशन लाल, आटो यूनियन के अध्यक्ष

जोन व्यवस्था तो लागू होकर रहेगी: एसपी यातायात
मुरादाबाद। एसपी यातायात का कहना है कि शहर में जोन सिस्टम आटो चालक और ई-रिक्शा के लिए लागू रहेगी। यातायात को सुचारू बनाने के लिए इसे सड़क परिवहन प्राधिकरण ने लागू किया है। निश्चित जोन से दूसरे जोन में जो आटो और ई-रिक्शा जाने पर उनको रोका गया है। उत्पीड़न के आरोप गलत हैं। सिर्फ चेतावनी देकर आटो और ई-रिक्शा चालकों को छोड़ था। जनता से जुड़ी जो परेशानी है, उनका जल्दी ही समाधान किया जाएगा। चालकों की मांगों पर विचार कर राहत दी जाएगी।
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