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सिक्योरिटी गार्डों की रंगबाजी से दहला एरौला गांव
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मुरादाबाद।
सिक्योरिटी गार्ड के रिश्तेदार की शादी में साथी सिक्योरिटी गार्डों की रंगबाजी से एरौला उर्फ मुकुट पुर गांव दहल गया। दुल्हन के दादा के भाइयों के बीच द्वारचार के दौरान हर्ष फायरिंग करने को लेकर ऐसी होड़ मची की दो महिलाओं की जिंदगी खत्म हो गई। सिक्योरिटी गार्ड अपने साथ साथियों को भी लेकर शादी समारोह में शिरकत करने पहुंचे थे। सभी ताबड़तोड़ फायरिंग कर रहे थे। इतनी देर तक फायरिंग की गई कि डीजे बंद कर लोग फायरिंग करने वालों को देखने लगे। कोई भी अपनी बंदूक की नाल नीचे को तैयार में नहीं था। इसी बीच गोली लगने से दो महिलाओं की मौत हो गई। जबकि तीन लड़कियां और एक महिला के घायल होने के बाद चीख पुकार मच गई। यह देख फायरिंग करने वाले मौके से भाग निकले।
बबलू सिंह के पिता जसवीर सिंह गांव में ही रहते है। जबकि उसके चाचा भूरे उर्फ कृष्णपाल व नेपाल एकता कालोनी में आकर बस गए हैं। दोनों भाइयों के पास लाइसेंसी बंदूक हैं। सिक्योरिटी कंपनी में नौकरी करते हैं। बताया गया है कि कृष्णपाल और नेपाल भी शादी समारोह में शामिल होने गए थे। इनके साथ सिक्योरिटी गार्ड साथी भी शादी समारोह में गए थे। ग्रामीणों ने बताया कि बारात चढ़त हो गई थी। पंडाल में एक तरफ डीजे लगा था। जहां बाराती और रिश्तेदार डांस कर रहे थे। जबकि दूल्हा द्वारचार के लिए घर पहुंचा। घर की महिलाएं और रिश्तेदार उनका स्वागत करने के लिए गेट पर खड़े थे। गांव की महिलाएं भी यहां मौजूद थे। इसी दौरान वहां कृष्ण पाल, उसका भाई नेपाल और उनके साथी अपनी अपनी बंदूक लेकर पहुंच गए। सभी नशे में धुत थे। इन्होंने हर्ष फायरिंग शुरू कर दी। जिसमें दूूल्हा भी बाल-बाल बच गया। इसके बाद भी हर्ष फायरिंग बंद नहीं की गई। दो दर्जन से ज्यादा राउंड हर्ष फायरिंग की गई। जिसमें दो महिलाओं की मौत हो गई। जबकि तीन युवती और एक महिला घायल हो गई।
महिलाओं और बच्चों को साथ लेकर भागे रिश्तेदार
मुरादाबाद। हर्ष फायरिंग की घटना के बाद शादी समारोह में भगदड़ मच गई थी। सूचना मिलने पर पुलिस गांव में पहुंची तो रिश्तेदार महिलाओं और बच्चों को लेकर जंगल की ओर भागे। इन्हें डर सता रहा था कि पुलिस कहीं उन्हें न पकड़ ले। रिश्तेदार पैदल की दस किलोमीटर दूर मूंढ़ापांड़े पहुंचे। यहां से वाहनों में बैठकर अपने अपने घर पहुंच पाए।
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सिक्योरिटी गार्ड के रिश्तेदार की शादी में साथी सिक्योरिटी गार्डों की रंगबाजी से एरौला उर्फ मुकुट पुर गांव दहल गया। दुल्हन के दादा के भाइयों के बीच द्वारचार के दौरान हर्ष फायरिंग करने को लेकर ऐसी होड़ मची की दो महिलाओं की जिंदगी खत्म हो गई। सिक्योरिटी गार्ड अपने साथ साथियों को भी लेकर शादी समारोह में शिरकत करने पहुंचे थे। सभी ताबड़तोड़ फायरिंग कर रहे थे। इतनी देर तक फायरिंग की गई कि डीजे बंद कर लोग फायरिंग करने वालों को देखने लगे। कोई भी अपनी बंदूक की नाल नीचे को तैयार में नहीं था। इसी बीच गोली लगने से दो महिलाओं की मौत हो गई। जबकि तीन लड़कियां और एक महिला के घायल होने के बाद चीख पुकार मच गई। यह देख फायरिंग करने वाले मौके से भाग निकले।
बबलू सिंह के पिता जसवीर सिंह गांव में ही रहते है। जबकि उसके चाचा भूरे उर्फ कृष्णपाल व नेपाल एकता कालोनी में आकर बस गए हैं। दोनों भाइयों के पास लाइसेंसी बंदूक हैं। सिक्योरिटी कंपनी में नौकरी करते हैं। बताया गया है कि कृष्णपाल और नेपाल भी शादी समारोह में शामिल होने गए थे। इनके साथ सिक्योरिटी गार्ड साथी भी शादी समारोह में गए थे। ग्रामीणों ने बताया कि बारात चढ़त हो गई थी। पंडाल में एक तरफ डीजे लगा था। जहां बाराती और रिश्तेदार डांस कर रहे थे। जबकि दूल्हा द्वारचार के लिए घर पहुंचा। घर की महिलाएं और रिश्तेदार उनका स्वागत करने के लिए गेट पर खड़े थे। गांव की महिलाएं भी यहां मौजूद थे। इसी दौरान वहां कृष्ण पाल, उसका भाई नेपाल और उनके साथी अपनी अपनी बंदूक लेकर पहुंच गए। सभी नशे में धुत थे। इन्होंने हर्ष फायरिंग शुरू कर दी। जिसमें दूूल्हा भी बाल-बाल बच गया। इसके बाद भी हर्ष फायरिंग बंद नहीं की गई। दो दर्जन से ज्यादा राउंड हर्ष फायरिंग की गई। जिसमें दो महिलाओं की मौत हो गई। जबकि तीन युवती और एक महिला घायल हो गई।
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महिलाओं और बच्चों को साथ लेकर भागे रिश्तेदार
मुरादाबाद। हर्ष फायरिंग की घटना के बाद शादी समारोह में भगदड़ मच गई थी। सूचना मिलने पर पुलिस गांव में पहुंची तो रिश्तेदार महिलाओं और बच्चों को लेकर जंगल की ओर भागे। इन्हें डर सता रहा था कि पुलिस कहीं उन्हें न पकड़ ले। रिश्तेदार पैदल की दस किलोमीटर दूर मूंढ़ापांड़े पहुंचे। यहां से वाहनों में बैठकर अपने अपने घर पहुंच पाए।
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