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कटघर में 95 फीसदी निर्माण अवैध
Updated Fri, 29 Jun 2018 02:20 AM IST
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मुरादाबाद।
प्राधिकरण अफसरों की अनदेखी ने शहर के एक बड़े हिस्से को बदसूरत बना डाला। कटघर, गलशहीद, मुगलपुरा में 95 फीसदी से अधिक निर्माण बगैर एमडीए से मानचित्र स्वीकृत कराए अवैध रूप से हो गया। पार्क, सड़क, सीवर समेत बुनियादी सुविधाओं की कमी ने इलाके की सूरत बिगाड़ कर रख दी है। गांगन का वजूद खत्म करके दो हजार से अधिक निर्यात फैक्ट्री भी बगैर मानचित्र के अवैध रूप से बन गईं। अफसरों का मोटा अनुमान है कि एमडीए को इन अवैध निर्माणों से करीब 2500 करोड़ रुपये के विकास शुल्क का नुकसान हुआ है।
वर्ष 1980 में मुरादाबाद विकास प्राधिकरण शहर को व्यवस्थित विकास देने के लिए वजूद में आया था। एमडीए की जिम्मेदारी थी कि वह अपनी सीमा के भीतर अवैध निर्माणों को रोकता। लेकिन एमडीए अधिकारियों और अभियंताओं की शह पर इन गुजरे सालों में शहर बेतरतीब बसता चला गया। प्राधिकरण का रिकार्ड बताता है कि कटघर, गलशहीद और मुगलपुरा थाना क्षेत्रों में सबसे अधिक अवैध निर्माण हुए। इन इलाकों में 95 फीसदी से भी अधिक निर्माण बगैर मानचित्र के हो गए। बड़ी - बड़ी फैक्ट्री, बारात घर, स्कूल, कालेज, कारखाने और मकान एमडीए अभियंताओं की शह पर अवैध रूप से बनते चले गए। रामपुर रोड पर करीब 200 फैक्ट्री, संभल रोड पर 150 से ज्यादा और मझोला थाना क्षेत्र में गांगन के किनारे करीब दो हजार फैक्ट्री प्राधिकरण को बगैर कोई विकास शुल्क दिए बन गईं। पिछले दो से ढाई दशक में हुए इन अवैध निर्माणों पर एमडीए की कार्रवाई नोटिस जारी करने तक सिमटी रही। एमडीए में अवैध निर्माण की ऐसी पुरानी फाइलों की संख्या करीब पांच हजार है। कुछेक जगह एमडीए ने सीलिंग की कार्रवाई भी की लेकिन चंद दिनों में यह सील खामोशी से खुलती चली गईं थीं।
अवैध निर्माण होने की वजह से एमडीए ने इन इलाकों में विकास कार्य भी नहीं कराए। यही वजह है कि शहर का एक बड़ा हिस्सा मलिन बस्ती की शक्ल ले चुका है। खास तौर पर कटघर थाना क्षेत्र में संभल रोड पर गांगन को पाटकर बने करुला, इस्लाम नगर और ऐसे ही करीब दर्जनभर मोहल्लों में यही स्थिति है। यहां पांच से सात फुट की गलियों में गांगन को पाटकर लोग प्लाटिंग करते रहे और एमडीए ने इसे रोकने की कोशिश नहीं की। एमडीए ने फिर से इन अवैध निर्माणों का सर्वे शुरू किया है। पिछले दिनों वीसी कनक त्रिपाठी के आदेश पर कटघर और मझोला क्षेत्र में अवैध निर्माणों पर सख्त कार्रवाई शुरू हुई है। इसके बावजूद एमडीए के निचले तबके के अधिकारियों और अभियंताओं का रवैय्या अवैध निर्माणों को शह दे रहा है।
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अवैध निर्माणों पर कार्रवाई तय: वीसी
मुरादाबाद।
मुरादाबाद विकास प्राधिकरण की उपाध्यक्ष आईएएस कनक त्रिपाठी का कहना है कि अवैध निर्माणों के खिलाफ लगातार कड़ी कार्रवाई जारी है। बगैर मानचित्र स्वीकृत कराए निर्माण करने वाले बख्शे नहीं जाएंगे। एमडीए का सचल दस्ता अवैध निर्माणों का सर्वे करके उन्हें सील करने और ध्वस्त करने की कार्रवाई करेगा।
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प्राधिकरण अफसरों की अनदेखी ने शहर के एक बड़े हिस्से को बदसूरत बना डाला। कटघर, गलशहीद, मुगलपुरा में 95 फीसदी से अधिक निर्माण बगैर एमडीए से मानचित्र स्वीकृत कराए अवैध रूप से हो गया। पार्क, सड़क, सीवर समेत बुनियादी सुविधाओं की कमी ने इलाके की सूरत बिगाड़ कर रख दी है। गांगन का वजूद खत्म करके दो हजार से अधिक निर्यात फैक्ट्री भी बगैर मानचित्र के अवैध रूप से बन गईं। अफसरों का मोटा अनुमान है कि एमडीए को इन अवैध निर्माणों से करीब 2500 करोड़ रुपये के विकास शुल्क का नुकसान हुआ है।
वर्ष 1980 में मुरादाबाद विकास प्राधिकरण शहर को व्यवस्थित विकास देने के लिए वजूद में आया था। एमडीए की जिम्मेदारी थी कि वह अपनी सीमा के भीतर अवैध निर्माणों को रोकता। लेकिन एमडीए अधिकारियों और अभियंताओं की शह पर इन गुजरे सालों में शहर बेतरतीब बसता चला गया। प्राधिकरण का रिकार्ड बताता है कि कटघर, गलशहीद और मुगलपुरा थाना क्षेत्रों में सबसे अधिक अवैध निर्माण हुए। इन इलाकों में 95 फीसदी से भी अधिक निर्माण बगैर मानचित्र के हो गए। बड़ी - बड़ी फैक्ट्री, बारात घर, स्कूल, कालेज, कारखाने और मकान एमडीए अभियंताओं की शह पर अवैध रूप से बनते चले गए। रामपुर रोड पर करीब 200 फैक्ट्री, संभल रोड पर 150 से ज्यादा और मझोला थाना क्षेत्र में गांगन के किनारे करीब दो हजार फैक्ट्री प्राधिकरण को बगैर कोई विकास शुल्क दिए बन गईं। पिछले दो से ढाई दशक में हुए इन अवैध निर्माणों पर एमडीए की कार्रवाई नोटिस जारी करने तक सिमटी रही। एमडीए में अवैध निर्माण की ऐसी पुरानी फाइलों की संख्या करीब पांच हजार है। कुछेक जगह एमडीए ने सीलिंग की कार्रवाई भी की लेकिन चंद दिनों में यह सील खामोशी से खुलती चली गईं थीं।
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अवैध निर्माण होने की वजह से एमडीए ने इन इलाकों में विकास कार्य भी नहीं कराए। यही वजह है कि शहर का एक बड़ा हिस्सा मलिन बस्ती की शक्ल ले चुका है। खास तौर पर कटघर थाना क्षेत्र में संभल रोड पर गांगन को पाटकर बने करुला, इस्लाम नगर और ऐसे ही करीब दर्जनभर मोहल्लों में यही स्थिति है। यहां पांच से सात फुट की गलियों में गांगन को पाटकर लोग प्लाटिंग करते रहे और एमडीए ने इसे रोकने की कोशिश नहीं की। एमडीए ने फिर से इन अवैध निर्माणों का सर्वे शुरू किया है। पिछले दिनों वीसी कनक त्रिपाठी के आदेश पर कटघर और मझोला क्षेत्र में अवैध निर्माणों पर सख्त कार्रवाई शुरू हुई है। इसके बावजूद एमडीए के निचले तबके के अधिकारियों और अभियंताओं का रवैय्या अवैध निर्माणों को शह दे रहा है।
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अवैध निर्माणों पर कार्रवाई तय: वीसी
मुरादाबाद।
मुरादाबाद विकास प्राधिकरण की उपाध्यक्ष आईएएस कनक त्रिपाठी का कहना है कि अवैध निर्माणों के खिलाफ लगातार कड़ी कार्रवाई जारी है। बगैर मानचित्र स्वीकृत कराए निर्माण करने वाले बख्शे नहीं जाएंगे। एमडीए का सचल दस्ता अवैध निर्माणों का सर्वे करके उन्हें सील करने और ध्वस्त करने की कार्रवाई करेगा।