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भाभी पर तेजाब से हमले में देवर को दस साल की कैद
Updated Thu, 27 Sep 2018 02:21 AM IST
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मुरादाबाद।
मझोला के पीर का बाजार में महिला पर तेजाब से हमले के मामले में एडीजे ग्यारह अनिल कुमार वशिष्ठ की अदालत ने बुधवार को मुलजिम शमीम को दोषी करार देते हुए दस साल की कैद की सजा सुनाई है। जबकि 25 हजार का जुर्माना लगाया।
मझोला थानाक्षेत्र के पीर का बाजार निवासी मो. शफीक ने पंद्रह सितंबर 2017 को अपने भाई शमीम के खिलाफ केस दर्ज कराया था। जिसमें आरोप लगाया था कि आरोपी ने उसके घर में घुसकर उसकी पत्नी पर तेजाब से हमला कर दिया। जिसमें महिला बुरी तरह से झुलस गई। दोनों भाइयों में जमीन के बंटवारे को लेकर विवाद चल रहा था। पुलिस ने इस मामले की तफ्तीश पूरी करने के बाद आरोपी शमीम के खिलाफ अदालत में चार्जशीट दाखिल की। इस मामले की सुनवाई एडीजे ग्यारह अनिल कुमार वशिष्ठ की अदालत में चली। सरकार की ओर से सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता अनिल कुमार चौहान ने पक्ष रखा और मुलजिम को कड़ी से कड़ी सजा दिलाने की मांग की। अदालत ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद मुलजिम शमीम को दोषी करार देते हुए दस साल की कैद की सजा सुनाई। जबकि 25 हजार रुपये का अर्थदंड लगाया। अदालत ने आदेश दिए हैं कि अर्थदंड की धनराशि पीड़िता को दी जाएगी।
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मझोला के पीर का बाजार में महिला पर तेजाब से हमले के मामले में एडीजे ग्यारह अनिल कुमार वशिष्ठ की अदालत ने बुधवार को मुलजिम शमीम को दोषी करार देते हुए दस साल की कैद की सजा सुनाई है। जबकि 25 हजार का जुर्माना लगाया।
मझोला थानाक्षेत्र के पीर का बाजार निवासी मो. शफीक ने पंद्रह सितंबर 2017 को अपने भाई शमीम के खिलाफ केस दर्ज कराया था। जिसमें आरोप लगाया था कि आरोपी ने उसके घर में घुसकर उसकी पत्नी पर तेजाब से हमला कर दिया। जिसमें महिला बुरी तरह से झुलस गई। दोनों भाइयों में जमीन के बंटवारे को लेकर विवाद चल रहा था। पुलिस ने इस मामले की तफ्तीश पूरी करने के बाद आरोपी शमीम के खिलाफ अदालत में चार्जशीट दाखिल की। इस मामले की सुनवाई एडीजे ग्यारह अनिल कुमार वशिष्ठ की अदालत में चली। सरकार की ओर से सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता अनिल कुमार चौहान ने पक्ष रखा और मुलजिम को कड़ी से कड़ी सजा दिलाने की मांग की। अदालत ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद मुलजिम शमीम को दोषी करार देते हुए दस साल की कैद की सजा सुनाई। जबकि 25 हजार रुपये का अर्थदंड लगाया। अदालत ने आदेश दिए हैं कि अर्थदंड की धनराशि पीड़िता को दी जाएगी।
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