{"_id":"5bef2b7fbdec221037235a22","slug":"171542400895-moradabad-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"पुलिसकर्मियों के सामने तड़पकर मर गया सिपाही का बेटा","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
पुलिसकर्मियों के सामने तड़पकर मर गया सिपाही का बेटा
Updated Sat, 17 Nov 2018 02:11 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मुरादाबाद।
राही होटल में पिटाई के बाद सिपाही के बेटे की हत्या के मामले में सीसीटीवी फुटेज से चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। हिमांशु के ताऊ राजेंद्र का आरोप है कि सूचना पर पहुंची पीआरवी में मौजूद पुलिसकर्मियों के सामने आधे घंटे तक हिमांशु तड़पता रहा और वह उसे अस्पताल लेकर नहीं गए। एंबुलेंस का इंतजार किया जाता रहा लेकिन एंबुलेंस नहीं आई। सूचना पर जब मझोला थाने से रात्रि अधिकारी पहुंचे और उन्होंने पुलिसकर्मियों की फटकार लगाई तो हिमांशु को पीआरवी में ही अस्पताल ले जाया गया लेकिन तब तक देर हो चुकी थी, डॉक्टरों ने हिमांशु को मृत घोषित कर दिया।
अब सीसीटीवी फुटेज जारी कर परिवार वालों ने आरोपी पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि जल्द ही इस संबंध में पुलिस अधिकारियों से मुलाकात कर उनको पूरी घटना की सच्चाई से अवगत कराया जाएगा। पीआरवी पर तैनात पुलिसकर्मियों का काम पीड़ित व्यक्ति को जल्द से जल्द अस्पताल पहुंचाने का है लेकिन इस मामले में पुलिसकर्मियों ने हिमांशु को अस्पताल ले जाने के बजाय वहां पर खडे़ होकर तमाशाई बने रहने का कार्य किया। पुलिस की टीम रात को 12 बजकर 22 मिनट पर राही होटल के अंदर गई थी और रात 12 बजकर 52 मिनट तक होटल से जाती दिखी है। सीसीटीवी फुटेज में पुलिसकर्मी और पीआरवी दिखाई दे रहे हैं। अगर हिमांशु का समय पर उपचार के लिए अस्पताल ले जाया जाता तो उसकी जान बच सकती थी। एसपी सिटी अंकित मित्तल ने बताया कि ये आरोप गंभीर है। इस संबंध में लापरवाही की जांच करवाई जाएगी। दोषी पाए जाने पर पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन
राही होटल में पिटाई के बाद सिपाही के बेटे की हत्या के मामले में सीसीटीवी फुटेज से चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। हिमांशु के ताऊ राजेंद्र का आरोप है कि सूचना पर पहुंची पीआरवी में मौजूद पुलिसकर्मियों के सामने आधे घंटे तक हिमांशु तड़पता रहा और वह उसे अस्पताल लेकर नहीं गए। एंबुलेंस का इंतजार किया जाता रहा लेकिन एंबुलेंस नहीं आई। सूचना पर जब मझोला थाने से रात्रि अधिकारी पहुंचे और उन्होंने पुलिसकर्मियों की फटकार लगाई तो हिमांशु को पीआरवी में ही अस्पताल ले जाया गया लेकिन तब तक देर हो चुकी थी, डॉक्टरों ने हिमांशु को मृत घोषित कर दिया।
अब सीसीटीवी फुटेज जारी कर परिवार वालों ने आरोपी पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि जल्द ही इस संबंध में पुलिस अधिकारियों से मुलाकात कर उनको पूरी घटना की सच्चाई से अवगत कराया जाएगा। पीआरवी पर तैनात पुलिसकर्मियों का काम पीड़ित व्यक्ति को जल्द से जल्द अस्पताल पहुंचाने का है लेकिन इस मामले में पुलिसकर्मियों ने हिमांशु को अस्पताल ले जाने के बजाय वहां पर खडे़ होकर तमाशाई बने रहने का कार्य किया। पुलिस की टीम रात को 12 बजकर 22 मिनट पर राही होटल के अंदर गई थी और रात 12 बजकर 52 मिनट तक होटल से जाती दिखी है। सीसीटीवी फुटेज में पुलिसकर्मी और पीआरवी दिखाई दे रहे हैं। अगर हिमांशु का समय पर उपचार के लिए अस्पताल ले जाया जाता तो उसकी जान बच सकती थी। एसपी सिटी अंकित मित्तल ने बताया कि ये आरोप गंभीर है। इस संबंध में लापरवाही की जांच करवाई जाएगी। दोषी पाए जाने पर पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन