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इमरजेंसी के बाहर रात भी पड़ा रहा दंपति
Updated Sun, 29 Apr 2018 02:08 AM IST
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मुरादाबाद।
जिला अस्पताल में डाक्टर की लापरवाही से सफाई कर्मी की मौत का मामला अभी ठंडा भी नहीं हुआ कि शुक्रवार रात फिर से डाक्टरों की संवेदनहीनता सामने आई है। संभल के असमोली क्षेत्र के जख्मी दंपती को डाक्टरों ने भर्ती करने से मना कर दिया। दंपति लहूलुहान हालत में संभल से रेफर होकर जिला अस्पताल पहुंचे थे। दंपती रात भर इमरजेंसी गेट के बाहर पड़े रहे। शनिवार सुबह ग्रामीणों के अस्पताल पहुंचकर हंगामा करने पर उन्हें भर्ती किया।
संभल के असमोली थाना क्षेत्र के पालकी मढ़ैया गांव के गंगा राम (45) और पत्नी सुरेश (40) शुक्रवार रात करीब 11 बजे जिला अस्पताल पहुंचे। साथ में 16 साल की बेटी रूबी और ममेरा भाई राजकुमार था। गंगा राम और सुरेश लहूलुहान थे। उनके सिर, पैरों और कमर में गंभीर चोटें लगी थी। राजकुमार के मुताबिक जमीनी विवाद में शुक्रवार शाम गांव के कुछ लोगों ने गंगा राम के घर में घुसकर हमला कर दिया। हमले में दोनों घायल हो गए। संभल स्थित सरकारी अस्पताल में दोनों का प्राथमिक उपचार कराया। गंभीर चोटें आने के कारण वहां से डाक्टरों ने जिला अस्पताल मुरादाबाद के लिए रेफर कर दिया।
राजकुमार का आरोप है कि जिला अस्पताल के डाक्टरों ने दोनों को भर्ती करने से मना कर दिया। डाक्टरों ने कहा कि अस्पताल धर्मशाला नहीं है। राजकुमार ने बताया कि डाक्टरों से लेकर नर्सों से काफी मिन्नतें की, लेकिन कोई नहीं पसीजा। दंपती पूरी रात इमरजेंसी गेट के बाहर अपनी नाबालिग बेटी के साथ स्ट्रेचर स्टैंड पर पड़े रहे। शनिवार सुबह गांव के कई लोग अस्पताल पहुंचे। ग्रामीणों ने अस्पताल के डाक्टरों की शर्मसार करने वाली घटना पर नाराजगी जाहिर की। इससे वहां हंगामा हो गया। हंगामे के बाद दंपती को अस्पताल में भर्ती किया गया।
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शनिवार सुबह दंपती को भर्ती कराया गया। दंपति के पास संभल में प्राथमिक उपचार किए जाने और रेफर करने के कागज नहीं थे। इमरजेंसी ड्यूटी में तैनात डाक्टर और स्टाफ को नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा गया है। - डा. राजेंद्र कुमार, एमएस
कल्लू की जांच पूरी, सोमवार को सौंपी जाएगी रिपोर्ट
सफाई कर्मी कल्लू की मौत की जांच पूरी हो गई है। कल्लू जिला अस्पताल में ही सफाई कर्मी था। समय पर इलाज नहीं मिलने से उसकी मौत हो गई थी। परिजनों की मांग पर सीएमएस डा. ज्योत्सना पंत ने जांच के लिए तीन डाक्टरों की समिति बनाई है। समिति ने जांच पूरी कर ली है। सोमवार को रिपोर्ट सीएमएस को सौंपी जाएगी।
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जिला अस्पताल में डाक्टर की लापरवाही से सफाई कर्मी की मौत का मामला अभी ठंडा भी नहीं हुआ कि शुक्रवार रात फिर से डाक्टरों की संवेदनहीनता सामने आई है। संभल के असमोली क्षेत्र के जख्मी दंपती को डाक्टरों ने भर्ती करने से मना कर दिया। दंपति लहूलुहान हालत में संभल से रेफर होकर जिला अस्पताल पहुंचे थे। दंपती रात भर इमरजेंसी गेट के बाहर पड़े रहे। शनिवार सुबह ग्रामीणों के अस्पताल पहुंचकर हंगामा करने पर उन्हें भर्ती किया।
संभल के असमोली थाना क्षेत्र के पालकी मढ़ैया गांव के गंगा राम (45) और पत्नी सुरेश (40) शुक्रवार रात करीब 11 बजे जिला अस्पताल पहुंचे। साथ में 16 साल की बेटी रूबी और ममेरा भाई राजकुमार था। गंगा राम और सुरेश लहूलुहान थे। उनके सिर, पैरों और कमर में गंभीर चोटें लगी थी। राजकुमार के मुताबिक जमीनी विवाद में शुक्रवार शाम गांव के कुछ लोगों ने गंगा राम के घर में घुसकर हमला कर दिया। हमले में दोनों घायल हो गए। संभल स्थित सरकारी अस्पताल में दोनों का प्राथमिक उपचार कराया। गंभीर चोटें आने के कारण वहां से डाक्टरों ने जिला अस्पताल मुरादाबाद के लिए रेफर कर दिया।
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राजकुमार का आरोप है कि जिला अस्पताल के डाक्टरों ने दोनों को भर्ती करने से मना कर दिया। डाक्टरों ने कहा कि अस्पताल धर्मशाला नहीं है। राजकुमार ने बताया कि डाक्टरों से लेकर नर्सों से काफी मिन्नतें की, लेकिन कोई नहीं पसीजा। दंपती पूरी रात इमरजेंसी गेट के बाहर अपनी नाबालिग बेटी के साथ स्ट्रेचर स्टैंड पर पड़े रहे। शनिवार सुबह गांव के कई लोग अस्पताल पहुंचे। ग्रामीणों ने अस्पताल के डाक्टरों की शर्मसार करने वाली घटना पर नाराजगी जाहिर की। इससे वहां हंगामा हो गया। हंगामे के बाद दंपती को अस्पताल में भर्ती किया गया।
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शनिवार सुबह दंपती को भर्ती कराया गया। दंपति के पास संभल में प्राथमिक उपचार किए जाने और रेफर करने के कागज नहीं थे। इमरजेंसी ड्यूटी में तैनात डाक्टर और स्टाफ को नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा गया है। - डा. राजेंद्र कुमार, एमएस
कल्लू की जांच पूरी, सोमवार को सौंपी जाएगी रिपोर्ट
सफाई कर्मी कल्लू की मौत की जांच पूरी हो गई है। कल्लू जिला अस्पताल में ही सफाई कर्मी था। समय पर इलाज नहीं मिलने से उसकी मौत हो गई थी। परिजनों की मांग पर सीएमएस डा. ज्योत्सना पंत ने जांच के लिए तीन डाक्टरों की समिति बनाई है। समिति ने जांच पूरी कर ली है। सोमवार को रिपोर्ट सीएमएस को सौंपी जाएगी।