फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Moradabad News ›   सिपाही के नाम पर फर्जीवाड़ा कर बैंक से पास कराए नौ लोन

सिपाही के नाम पर फर्जीवाड़ा कर बैंक से पास कराए नौ लोन

Wed, 12 Sep 2018 03:04 AM IST
Updated Wed, 12 Sep 2018 03:04 AM IST
विज्ञापन
सिपाही के नाम पर फर्जीवाड़ा कर बैंक से पास कराए नौ लोन
मुरादाबाद।
विज्ञापन

पुलिस कार्यालय स्थित सीओ कार्यालय में कार्यरत एक सिपाही के नाम पर 15 लाख रुपये के नौ लोन फर्जी तरीके से कराए जाने का खुलासा हुआ है। फर्जीवाड़ा कर कराए गए इस लोन से सिपाही सकते में आ गया। उसने मंगलवार को एसएसपी से शिकायत की। एसएसपी ने रिपोर्ट दर्ज करने के निर्देश दिए हैं।
पीड़ित सिपाही संजीव कुमार मेरठ के शास्त्री नगर का रहने वाला है। उसने बताया कि तीन माह पहले पीली कोठी स्थित भारतीय स्टेट बैंक में उसने लोन के लिए आवेदन किया। इस दौरान बैंक में पैन कार्ड सहित अन्य दस्तावेज जमा कराए गए। लोन देने से पहले बैंक अधिकारियों ने जानकारी की तो पता चला कि सिपाही के नाम पर करीब नौ लोन पहले से ही अलग-अलग बैंकों से कराए गए हैं। दस्तावेज में सिपाही का पैनकार्ड लगाया गया है। मामले की जानकारी होने पर सिपाही ने बताया कि उसने एक भी लोन पहले नहीं लिया है। सभी लोन चेक कराए जाने पर पता चला कि लोन लेने वाले व्यक्ति ने जो दस्तावेज जमा कराए हैं, उन पर फोटो सिपाही का नहीं है। अलग-अलग लोगों के फोटो थे, लोन लुधियाना में लिया गया है। इनमें से कुछ लोन ऐसे भी हैं, जिन्हें दो साल का समय हो चुका है। एक रेलकर्मी के खाते से किस्त भी बैंक में जमा की जा रही है। मंगलवार को सिपाही ने इस संबंध में एसएसपी से शिकायत की और फर्जीवाड़ा कर लोन लेेने वाले आरोपियाें पर कार्रवाई की मांग की है। एसएसपी जे रविंदर गौड ने सिविल लाइन पुलिस को रिपोर्ट दर्ज कर कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
विज्ञापन



किसी ने खरीदी बाइक तो किसी ने कार
मुरादाबाद। सिपाही के नाम पर अलग अलग बैंकों से लोन लेकर बाजार से खरीदारी की गई है। किसी व्यक्ति ने महंगी बाइक खरीदी है तो किसी ने कार के लिए लोन लिया है। फर्जीवाड़ा कर एक के बाद करीब नौ लोन बैंक से सिपाही के नाम पर पास करा लिए गए और इस दौरान बैंक अधिकारी अंजान बने रहे। न तो किसी ने सिपाही से संपर्क किया न ही दस्तावेजों की सही से जांच की गई। सिपाही का आरोप है कि लोन देते वक्त अगर संबंधित बैंक के अधिकारियों ने सतर्कता दिखाई होती तो आरोपियों को पकड़ा जा सकता था। खुद बैंक के कर्मचारियों पर इस मामले में आरोपियों की मिलीभगत का आरोप है। पुलिस से इस संबंध में जांच की जाएगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed