{"_id":"5cd9d48ebdec2207362d1327","slug":"11557779598-moradabad-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"गलशहीद में छप रहे थे नकली नोट, दो गिरफ्तार","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम","slug":"crime"}}
गलशहीद में छप रहे थे नकली नोट, दो गिरफ्तार
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मुरादाबाद। गलशहीद में दो दोस्तों ने किराए पर कमरा लेकर वहां पर नकली नोट छापना शुरू कर दिया। एक सूचना पर सोमवार को पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, इनके दो साथी भागे हुए हैं जो कि इन नकली नोटों को बाजार में चलाने का काम करते थे। पकडे़ गए आरोपियों को पुलिस ने जेल भेज दिया है।
एसपी सिटी अंकित मित्तल ने बताया कि पकडे़ गए आरोपी शाने आलम उर्फ गुड्डू सैफी निवासी मोहल्ला नसीराबाद थाना कांठ और जफर निवासी भदौड़ा थाना कटघर है। जफर का सगा भाई शमीम और उसका दोस्त छोटू भी इस वारदात में शामिल हैं, जिनकी गिरफ्तारी शेष है। इन आरोपियों ने असालतपुरा में हाजी महमूद कुरैशी के मकान में कमरा लिया था, वहां पर पिछले दो माह से नकली नोट छाप रहे थे। आरोपियों के कब्जे से 1.32 हजार रुपये (नकली करेंसी) बरामद की गई है। इनमें 100 रुपये के पुराने 706 नकली नोट, 100 रुपये के नए 253 नकली नोट, 50 रुपये के पुराने दो नकली नोट, 100 रुपये के 45 अधबने नकली नोट, 50 रुपये के 78 अधबने नकली नोट, 100 रुपये के 92 शीट प्रत्येक पर तीन अधबने नोट, एक कलर प्रिंटर, इंक कार्टेज, कागज का एक फर्मा, नोट के आकार के पेपर कतरन एवं अन्य उपकरण बरामद किए गए हैं।
यू ट्यूब के वीडियो से आइडिया लेकर छाप रहे थे नकली नोट
मुरादाबाद। एसपी सिटी ने बताया कि शाने आलम ने पूछताछ में बताया है कि उसने करीब दो माह पहले यूटयूब पर एक वीडियो देखा, जिसमें नकली नोट की छपाई का तरीका दिखाया गया था। यहीं से ही उसे नकली नोट छापने का आइडिया आया और दोस्त गुड्डू सैफी के साथ मिलकर उसने नकली नोट छापने शुरू कर दिए।
विज्ञापन
बिजनौर में ठगी के आरोपियों ने गलशहीद में डाला था डेरा
मुरादाबाद। एसओ दिनेश शर्मा ने बताया कि बिजनौर के चांदपुर में शाने आलम ने महिलाओं से सिलाई, कढाई, बुनाई के नाम पर ठगी की है। वहां पर उसके खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया गया, जिसके बाद वह अमरोहा में रहने लगा था, वहां से वह जफर के संपर्क में आया। जफर के जरिए ही वह शमीम और छोटू के संपर्क में आया और चारों ने मिलकर गलशहीद में डेरा डालकर नोट छापने का काम शुरू कर दिया था।
आईपीएल की सट्टेबाजी में खपाए जा रहे थे नकली नोट
मुरादाबाद। आईपीएल की सट्टेबाजी में भी नकली नोट खपाए जा रहे थे। फरार आरोपियों का संपर्क आईपीएल के सटोरियों से भी बताया जा रहा है। जिस वजह से आसानी से नकली नोट सटोरियों के बीच चल रहे थे, इस सीजन के फाइनल मैच में भी हजारों रुपये सट्टे पर लगाए गए थे, इस वजह से ही बडे़ पैमाने पर नकली नोट तैयार किए गए थे। कुछ लोगों को ये नकली नोट थमा दिए गए थे।
नकली नोट को तीस प्रतिशत के कमीशन पर खपाया जा रहा था, इसकी जानकारी एसओ गलशहीद दिनेश शर्मा ने दी है, उनका कहना है कि डेढ़ माह के अंदर लाखों रुपये खपाए जाने का अंदेशा है हालांकि आरोपियों का कहना है कि महज 60 हजार रुपये ही वह अभी खपा पाए हैं। छापे गए नकली नए नोटों को जल्द खपाए जाने की तैयारी थी लेकिन उससे पहले ही पुलिस ने उनको गिरफ्तार कर लिया है।
चुनावी सीजन में नकली नोटों की छपाई के एंगल से भी जांच
मुरादाबाद। पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने कबूल किया है कि वह पिछले करीब डेढ़ माह से नकली नोट छापने का काम कर रहे थे, इस दौरान ही लोकसभा का चुनाव भी मंडल में हुआ है। आरोपियों का संपर्क भी मंडल के अलग अलग जिलों में कई लोगों से था, पुलिस को ये भी शक है कि कहीं चुनाव में वोटरों को लुभाने के लिए तो नकली नोटों का इस्तेमाल तो नहीं किया गया है, इस एंगल से भी पुलिस की टीम जांच कर रही है।
विज्ञापन
एसपी सिटी अंकित मित्तल ने बताया कि पकडे़ गए आरोपी शाने आलम उर्फ गुड्डू सैफी निवासी मोहल्ला नसीराबाद थाना कांठ और जफर निवासी भदौड़ा थाना कटघर है। जफर का सगा भाई शमीम और उसका दोस्त छोटू भी इस वारदात में शामिल हैं, जिनकी गिरफ्तारी शेष है। इन आरोपियों ने असालतपुरा में हाजी महमूद कुरैशी के मकान में कमरा लिया था, वहां पर पिछले दो माह से नकली नोट छाप रहे थे। आरोपियों के कब्जे से 1.32 हजार रुपये (नकली करेंसी) बरामद की गई है। इनमें 100 रुपये के पुराने 706 नकली नोट, 100 रुपये के नए 253 नकली नोट, 50 रुपये के पुराने दो नकली नोट, 100 रुपये के 45 अधबने नकली नोट, 50 रुपये के 78 अधबने नकली नोट, 100 रुपये के 92 शीट प्रत्येक पर तीन अधबने नोट, एक कलर प्रिंटर, इंक कार्टेज, कागज का एक फर्मा, नोट के आकार के पेपर कतरन एवं अन्य उपकरण बरामद किए गए हैं।
विज्ञापन
यू ट्यूब के वीडियो से आइडिया लेकर छाप रहे थे नकली नोट
मुरादाबाद। एसपी सिटी ने बताया कि शाने आलम ने पूछताछ में बताया है कि उसने करीब दो माह पहले यूटयूब पर एक वीडियो देखा, जिसमें नकली नोट की छपाई का तरीका दिखाया गया था। यहीं से ही उसे नकली नोट छापने का आइडिया आया और दोस्त गुड्डू सैफी के साथ मिलकर उसने नकली नोट छापने शुरू कर दिए।
विज्ञापन
बिजनौर में ठगी के आरोपियों ने गलशहीद में डाला था डेरा
मुरादाबाद। एसओ दिनेश शर्मा ने बताया कि बिजनौर के चांदपुर में शाने आलम ने महिलाओं से सिलाई, कढाई, बुनाई के नाम पर ठगी की है। वहां पर उसके खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया गया, जिसके बाद वह अमरोहा में रहने लगा था, वहां से वह जफर के संपर्क में आया। जफर के जरिए ही वह शमीम और छोटू के संपर्क में आया और चारों ने मिलकर गलशहीद में डेरा डालकर नोट छापने का काम शुरू कर दिया था।
आईपीएल की सट्टेबाजी में खपाए जा रहे थे नकली नोट
मुरादाबाद। आईपीएल की सट्टेबाजी में भी नकली नोट खपाए जा रहे थे। फरार आरोपियों का संपर्क आईपीएल के सटोरियों से भी बताया जा रहा है। जिस वजह से आसानी से नकली नोट सटोरियों के बीच चल रहे थे, इस सीजन के फाइनल मैच में भी हजारों रुपये सट्टे पर लगाए गए थे, इस वजह से ही बडे़ पैमाने पर नकली नोट तैयार किए गए थे। कुछ लोगों को ये नकली नोट थमा दिए गए थे।
नकली नोट को तीस प्रतिशत के कमीशन पर खपाया जा रहा था, इसकी जानकारी एसओ गलशहीद दिनेश शर्मा ने दी है, उनका कहना है कि डेढ़ माह के अंदर लाखों रुपये खपाए जाने का अंदेशा है हालांकि आरोपियों का कहना है कि महज 60 हजार रुपये ही वह अभी खपा पाए हैं। छापे गए नकली नए नोटों को जल्द खपाए जाने की तैयारी थी लेकिन उससे पहले ही पुलिस ने उनको गिरफ्तार कर लिया है।
चुनावी सीजन में नकली नोटों की छपाई के एंगल से भी जांच
मुरादाबाद। पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने कबूल किया है कि वह पिछले करीब डेढ़ माह से नकली नोट छापने का काम कर रहे थे, इस दौरान ही लोकसभा का चुनाव भी मंडल में हुआ है। आरोपियों का संपर्क भी मंडल के अलग अलग जिलों में कई लोगों से था, पुलिस को ये भी शक है कि कहीं चुनाव में वोटरों को लुभाने के लिए तो नकली नोटों का इस्तेमाल तो नहीं किया गया है, इस एंगल से भी पुलिस की टीम जांच कर रही है।