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नकली दबा के जखीरे को एसटीएफ पकड़ेगी
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मुरादाबाद।
मुरादाबाद से संचालित हो रहे नकली और नशीली दवा का जखीरा बरामद करने के लिए एसटीएफ से मदद ली जाएगी। इसके लिए औषधि प्रशासन आयुक्त मिस्टी एस ने शासन के गृह विभाग से मदद मांगी है। एक साल के दौरान मुरादाबाद से यूपी, उत्तराखंड और उत्तराखंड में नकली और नशीली दवाएं खपाई जा रहीं हैं। इन प्रांतों के शहरों में बने डिपो की सुरागरसी और उनको बरामद कराने के लिए गोपनीय रणनीति तैयार कर ली गई है।
सहायक आयुक्त औषधि प्रशासन ने आयुक्त से अनुरोध किया है कि नकली और नशीली दवाओं का जखीरा यूपी के अलावा तीन अन्य प्रांतों के शहरों में है। जिसकी गोपनीय सूचनाएं मिलीं हैं, उनको पकड़ने के लिए स्थानीय पुलिस के साथ-साथ एसटीएफ की मदद ली जाए तो बेहतर होगा। क्योंकि दूसरे प्रांतों में छापामापी करके इन दवाओं को बरामद करने में पुलिस की स्पेशल टीम मददगार होगा।
सूत्रों का कहना है कि आयुक्त औषधि प्रशासन के एसटीएफ की मदद के अनुरोध को गंभीरता से लिया है। इस कारोबार में पुराने धंधेबाज फिर से सक्रिय हो गए हैं। मुरादाबाद और उत्तराखंड में एक साल के दौरान एक महिला सहित 42 लोग गिरफ्तार हुए थे। उनमें से छह लोग अभी भी जेल में हैं, जबकि 34 लोग हाईकोर्ट के आदेश से जेल से जमानत पर छूट आए हैं। जेल से बाहर आए यही लोग इन दिनों फिर से नकली और नशीली दवा के कारोबार में जुट गए हैं।
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मुरादाबाद से संचालित हो रहे नकली और नशीली दवा का जखीरा बरामद करने के लिए एसटीएफ से मदद ली जाएगी। इसके लिए औषधि प्रशासन आयुक्त मिस्टी एस ने शासन के गृह विभाग से मदद मांगी है। एक साल के दौरान मुरादाबाद से यूपी, उत्तराखंड और उत्तराखंड में नकली और नशीली दवाएं खपाई जा रहीं हैं। इन प्रांतों के शहरों में बने डिपो की सुरागरसी और उनको बरामद कराने के लिए गोपनीय रणनीति तैयार कर ली गई है।
सहायक आयुक्त औषधि प्रशासन ने आयुक्त से अनुरोध किया है कि नकली और नशीली दवाओं का जखीरा यूपी के अलावा तीन अन्य प्रांतों के शहरों में है। जिसकी गोपनीय सूचनाएं मिलीं हैं, उनको पकड़ने के लिए स्थानीय पुलिस के साथ-साथ एसटीएफ की मदद ली जाए तो बेहतर होगा। क्योंकि दूसरे प्रांतों में छापामापी करके इन दवाओं को बरामद करने में पुलिस की स्पेशल टीम मददगार होगा।
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सूत्रों का कहना है कि आयुक्त औषधि प्रशासन के एसटीएफ की मदद के अनुरोध को गंभीरता से लिया है। इस कारोबार में पुराने धंधेबाज फिर से सक्रिय हो गए हैं। मुरादाबाद और उत्तराखंड में एक साल के दौरान एक महिला सहित 42 लोग गिरफ्तार हुए थे। उनमें से छह लोग अभी भी जेल में हैं, जबकि 34 लोग हाईकोर्ट के आदेश से जेल से जमानत पर छूट आए हैं। जेल से बाहर आए यही लोग इन दिनों फिर से नकली और नशीली दवा के कारोबार में जुट गए हैं।
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