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धोखाधड़ी के मुकदमे में अंतिम रिपोर्ट अदालत ने की खारिज
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मुरादाबाद। जमीन की खरीद फरोख्त में धोखाधड़ी करने के मामले में पुलिस द्वारा इकतरफा कार्रवाई और अंतिम रिपोर्ट को अदालत ने खारिज करते हुए मामले को परिवाद के रूप में दर्ज कर लिया है। जिसकी सुनवाई के लिए 19 फरवरी नियत की है।
मामला मझोला थानाक्षेत्र का है। बुद्धि विहार निवासी जगदीश कुमार के अनुसार 5 जनवरी 2019 को मनीष ढल, किशन लाल ढल, अंशू ढल निवासी सिविल लाइंस शांति नगर के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था। जिसमें जगदीश कुमार ने आरोप लगाया था कि यह तीनों जमीन बेचने खरीदने का काम करते हैं। जिन्होंने एक प्लाट मझोला पश्चिम में 27 लाख 87 हजार रुपये का दिलाया था। बैनामे के बाद जब जगदीश कुमार खरीदी गई जमीन पर मकान बनाने के लिए गए तो जमीन का असली मालिक आ गया। जिसने निर्माण रुकवा दिया। इस मामले की रिपोर्ट थाना मझोला में दर्ज कराई गई।
आरोप था कि मुकदमे के विवेचक ने वादी जगदीश कुमार के न तो बयान लिए और न ही मुकदमे की सही तरीके से विवेचना की। पुलिस की ओर से अंतिम रिपोर्ट अदालत में पेश कर दी। यह रिपोर्ट एसीजेएम चार स्मिता गोस्वामी की अदालत में प्रस्तुत हुई। वादी के अधिवक्ता वैभव अग्रवाल ने बताया कि सुनवाई करते हुए अदालत ने पुलिस की अंतिम रिपोर्ट को खारिज करते हुए मामले को परिवाद के रूप में दर्ज कर लिया है। जिस पर सुनवाई के लिए 19 फरवरी नियत की है।
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मामला मझोला थानाक्षेत्र का है। बुद्धि विहार निवासी जगदीश कुमार के अनुसार 5 जनवरी 2019 को मनीष ढल, किशन लाल ढल, अंशू ढल निवासी सिविल लाइंस शांति नगर के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था। जिसमें जगदीश कुमार ने आरोप लगाया था कि यह तीनों जमीन बेचने खरीदने का काम करते हैं। जिन्होंने एक प्लाट मझोला पश्चिम में 27 लाख 87 हजार रुपये का दिलाया था। बैनामे के बाद जब जगदीश कुमार खरीदी गई जमीन पर मकान बनाने के लिए गए तो जमीन का असली मालिक आ गया। जिसने निर्माण रुकवा दिया। इस मामले की रिपोर्ट थाना मझोला में दर्ज कराई गई।
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आरोप था कि मुकदमे के विवेचक ने वादी जगदीश कुमार के न तो बयान लिए और न ही मुकदमे की सही तरीके से विवेचना की। पुलिस की ओर से अंतिम रिपोर्ट अदालत में पेश कर दी। यह रिपोर्ट एसीजेएम चार स्मिता गोस्वामी की अदालत में प्रस्तुत हुई। वादी के अधिवक्ता वैभव अग्रवाल ने बताया कि सुनवाई करते हुए अदालत ने पुलिस की अंतिम रिपोर्ट को खारिज करते हुए मामले को परिवाद के रूप में दर्ज कर लिया है। जिस पर सुनवाई के लिए 19 फरवरी नियत की है।
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