{"_id":"61098722a7703e699051d3ec","slug":"court-issues-warrant-against-acp-chakramani-tripathi-posted-in-varanasi-orders-to-stop-salary-also","type":"story","status":"publish","title_hn":"आदेश न मानना पड़ा भारी:वाराणसी में तैनात एसीपी चक्रमणि त्रिपाठी के खिलाफ वारंट, वेतन भी रोकने के आदेश","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
आदेश न मानना पड़ा भारी:वाराणसी में तैनात एसीपी चक्रमणि त्रिपाठी के खिलाफ वारंट, वेतन भी रोकने के आदेश
Tue, 03 Aug 2021 11:42 PM IST
शाहरुख खान
अमर उजाला नेटवर्क, मुरादाबाद
अमर उजाला नेटवर्क, मुरादाबाद
Published by: शाहरुख खान
Updated Tue, 03 Aug 2021 11:42 PM IST
सार
वर्तमान में वाराणसी पुलिस कमिश्नरेट में एसीपी के पद पर कार्यरत चक्रमणि त्रिपाठी के खिलाफ वारंट जारी किए हैं। त्रिपाठी बार-बार समन जारी होने के बाद भी अदालत में हाजिर नहीं हुए। अदालत ने मंगलवार को वाराणसी के पुलिस कमिश्नर को आदेश दिया है कि अग्रिम आदेशों तक सीओ चक्रमणि त्रिपाठी का वेतन रोक दिया जाए।
विज्ञापन
सांकेतिक तस्वीर।
- फोटो : अमर उजाला।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
मुरादाबाद की अदालत का आदेश न मानना वाराणसी पुलिस कमिश्नरेट के एसीपी को भारी पड़ गया। अदालत ने न सिर्फ एसीपी के खिलाफ वारंट जारी किए हैं, बल्कि अग्रिम आदेश तक वेतन रोके जाने का आदेश भी पुलिस विभाग को दिया है।
मामला बिलारी थानाक्षेत्र में वर्ष 2016 में हुए वाकये का है। थाना बिलारी में हरिराम ने मुकदमा दर्ज कराया था कि उसकी पुत्री नीरज की दहेज को लेकर उसके पति छत्रपाल ने हत्या कर दी थी। इसकी विवेचना तत्कालीन बिलारी थाना प्रभारी चक्रमणि त्रिपाठी द्वारा की गई थी।
उक्त मुकदमा अपर जिला जज द्वितीय पुनीत गुप्ता की अदालत में विचाराधीन है। इसमें सात गवाहों ने अदालत में आकर अपनी गवाही दी, लेकिन मुकदमे के विवेचक को बार-बार समन जारी हुए लेकिन वह अदालत में हाजिर नहीं हुए।
विज्ञापन
पदोन्नत के बाद चक्रमणि त्रिपाठी वर्तमान में वाराणसी पुलिस कमिश्नरेट में एसीपी के पद पर कार्यरत हैं। समन के बाद भी पेश न होने पर अदालत ने मंगलवार को वाराणसी के पुलिस कमिश्नर को आदेश दिया है कि अग्रिम आदेशों तक सीओ चक्रमणि त्रिपाठी का वेतन रोक दिया जाए। उनके खिलाफ वारंट भी जारी कर दिया है। मुकदमे में सुनवाई के लिए अदालत ने अब 11 अगस्त की तारीख तय की है।
विज्ञापन
मामला बिलारी थानाक्षेत्र में वर्ष 2016 में हुए वाकये का है। थाना बिलारी में हरिराम ने मुकदमा दर्ज कराया था कि उसकी पुत्री नीरज की दहेज को लेकर उसके पति छत्रपाल ने हत्या कर दी थी। इसकी विवेचना तत्कालीन बिलारी थाना प्रभारी चक्रमणि त्रिपाठी द्वारा की गई थी।
विज्ञापन
उक्त मुकदमा अपर जिला जज द्वितीय पुनीत गुप्ता की अदालत में विचाराधीन है। इसमें सात गवाहों ने अदालत में आकर अपनी गवाही दी, लेकिन मुकदमे के विवेचक को बार-बार समन जारी हुए लेकिन वह अदालत में हाजिर नहीं हुए।
विज्ञापन
पदोन्नत के बाद चक्रमणि त्रिपाठी वर्तमान में वाराणसी पुलिस कमिश्नरेट में एसीपी के पद पर कार्यरत हैं। समन के बाद भी पेश न होने पर अदालत ने मंगलवार को वाराणसी के पुलिस कमिश्नर को आदेश दिया है कि अग्रिम आदेशों तक सीओ चक्रमणि त्रिपाठी का वेतन रोक दिया जाए। उनके खिलाफ वारंट भी जारी कर दिया है। मुकदमे में सुनवाई के लिए अदालत ने अब 11 अगस्त की तारीख तय की है।