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मंडल में हथकरघा कनेक्शनों में फर्जीबाडा उजागर
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दुष्यंत कुमार, अमर उजाला मुरादाबाद
मुरादाबाद। मुरादाबाद मंडल में बुनकरों के लिए संचालित पावरलूम कनेक्शन योजना में फर्जीवाड़ा हुआ है। मुरादाबाद मंडल में एक हजार पावरलूम का कोई पता ठिकाना नहीं मिला है। बुनकरों के पावरलूम कनेक्शन के दोबारा सत्यापन में मामले का खुलासा हुआ है। मात्र 65 रुपये के मासिक बिजली बिल के नाम पर लाखाें की बिजली फूंककर गोलमाल किया गया। सूची में दर्ज इन बुनकरों के बारे में विभाग कुछ भी बताने को तैयार नहीं है।
विद्युत निगम के आंकड़ों में मुरादाबाद मंडल में करीब 4200 बुनकर है, जो पावरलूम से कपड़ा बुनने का काम करते हैं। शासन ने बिजली छूट में परिवर्तन किया है। इसके साथ ही सभी पावरलूम का इस्तेमाल करने वाले सभी बुनकरों का सत्यापन करने के निर्देश हथकरघा एवं वस्त्र उद्योग विभाग को दिए। विद्युत निगम ने सत्यापन के लिए मंडल में 4200 बुनकरों की सूची विभाग को सौंपी। खास बात यह है कि सत्यापन में हथकरघा एवं वस्त्र उद्योग को मंडल में मात्र 3278 पावरलूम संचालक मिले है। शेष करीब एक हजार पावरलूम संचालक की कोई सूचना नहीं है। विद्युत कनेक्शन के रिकार्ड में जो नाम पता दर्ज था, उस पते पर संबंधित नाम का कोई व्यक्ति नहीं मिला और न ही पावरलूम मिला है। विभागीय अधिकारी व कर्मचारी सत्यापन के लिए संबंधित पतों पर कई बार पूछताछ कर चुके हैं।
जिला सत्यापित पावरलूम संचालक
अमरोहा 54
मुरादाबाद 852
बिजनौर 2372
कुल 3278
नोट: ये आंकड़े विभाग से लिए गए हैं।
मामले की विस्तृत जांच हो तो प्रदेश भर में खुलेगा खेल
बुनकरों के नाम पर किन लोगों को कनेक्शन बांटे गए। इसका कोई पता नहीं चला है। इस पूरे मामले की जांच की जाए, तो फर्जीवाडा खुलकर सामने आए। किस स्तर पर बुनकरों के नाम पर कनेक्शन बांट दिए गए। इन कनेक्शनों को कौन और कितने समय से इस्तेमाल कर रहा है। अनुदान के नाम पर लाखों रुपये की बिजली फूंक दी गई है। ये जांच के बाद ही स्पष्ट हो जाएगा। विस्तृत जांच हो तो प्रदेश भर का घोटाला सामने आ जाएगा।
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मात्र 65 के बिल पर किया गया फर्जीवाडा
पावरलूम संचालन के लिए शासन ने बुनकरों को बिजली बिल में भारी छूट दे रखी थी। आधा किलो वाट के पावरलूम मात्र 65 रुपये का मासिक बिल देना पड़ता है। चाहे पावरलूम बंद रहे है, अथवा पूरे माह संचालित रहे। विभागीय अधिकारियों ने बताया कि इस मामले कुछ अधिकारियों ने खेल किया है। बुनकरों के एक मुश्त बिल के नाम पर अन्य लोगों को कनेक्शन बांट दिए गए। अपात्रों व संबंधित अधिकारियों ने इसका दोहरा लाभ लिया।
दो जिलों में नहीं है एक भी पावरलूम संचालक
विभागीय रिकार्ड के अनुसार पावरलूम संचालक केवल बिजनौर, मुरादाबाद व अमरोहा जिले में ही है। रामपुर व संभल जिले में एक भी बुनकर कपड़ा बुनने में पावरलूम का इस्तेमाल नहीं करते हैं।
मंडल में नई बुनकर स्कीम के लिए पावरलूम संचालकों का सत्यापन किया गया। इनमें से करीब 1000 पावरलूम संचालक मौके पर नहीं मिले हैं। इसकी सूचना दोबारा विद्युत निगम को भेजी जा रही हैं। इन पावरलूम संचालकों के बारे में कुछ नहीं कहा जा सकता।
अरविंद कुमार, सहायक आयुक्त हथकरघा एवं वस्त्र उद्योग।
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मुरादाबाद। मुरादाबाद मंडल में बुनकरों के लिए संचालित पावरलूम कनेक्शन योजना में फर्जीवाड़ा हुआ है। मुरादाबाद मंडल में एक हजार पावरलूम का कोई पता ठिकाना नहीं मिला है। बुनकरों के पावरलूम कनेक्शन के दोबारा सत्यापन में मामले का खुलासा हुआ है। मात्र 65 रुपये के मासिक बिजली बिल के नाम पर लाखाें की बिजली फूंककर गोलमाल किया गया। सूची में दर्ज इन बुनकरों के बारे में विभाग कुछ भी बताने को तैयार नहीं है।
विद्युत निगम के आंकड़ों में मुरादाबाद मंडल में करीब 4200 बुनकर है, जो पावरलूम से कपड़ा बुनने का काम करते हैं। शासन ने बिजली छूट में परिवर्तन किया है। इसके साथ ही सभी पावरलूम का इस्तेमाल करने वाले सभी बुनकरों का सत्यापन करने के निर्देश हथकरघा एवं वस्त्र उद्योग विभाग को दिए। विद्युत निगम ने सत्यापन के लिए मंडल में 4200 बुनकरों की सूची विभाग को सौंपी। खास बात यह है कि सत्यापन में हथकरघा एवं वस्त्र उद्योग को मंडल में मात्र 3278 पावरलूम संचालक मिले है। शेष करीब एक हजार पावरलूम संचालक की कोई सूचना नहीं है। विद्युत कनेक्शन के रिकार्ड में जो नाम पता दर्ज था, उस पते पर संबंधित नाम का कोई व्यक्ति नहीं मिला और न ही पावरलूम मिला है। विभागीय अधिकारी व कर्मचारी सत्यापन के लिए संबंधित पतों पर कई बार पूछताछ कर चुके हैं।
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जिला सत्यापित पावरलूम संचालक
अमरोहा 54
मुरादाबाद 852
बिजनौर 2372
कुल 3278
नोट: ये आंकड़े विभाग से लिए गए हैं।
मामले की विस्तृत जांच हो तो प्रदेश भर में खुलेगा खेल
बुनकरों के नाम पर किन लोगों को कनेक्शन बांटे गए। इसका कोई पता नहीं चला है। इस पूरे मामले की जांच की जाए, तो फर्जीवाडा खुलकर सामने आए। किस स्तर पर बुनकरों के नाम पर कनेक्शन बांट दिए गए। इन कनेक्शनों को कौन और कितने समय से इस्तेमाल कर रहा है। अनुदान के नाम पर लाखों रुपये की बिजली फूंक दी गई है। ये जांच के बाद ही स्पष्ट हो जाएगा। विस्तृत जांच हो तो प्रदेश भर का घोटाला सामने आ जाएगा।
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मात्र 65 के बिल पर किया गया फर्जीवाडा
पावरलूम संचालन के लिए शासन ने बुनकरों को बिजली बिल में भारी छूट दे रखी थी। आधा किलो वाट के पावरलूम मात्र 65 रुपये का मासिक बिल देना पड़ता है। चाहे पावरलूम बंद रहे है, अथवा पूरे माह संचालित रहे। विभागीय अधिकारियों ने बताया कि इस मामले कुछ अधिकारियों ने खेल किया है। बुनकरों के एक मुश्त बिल के नाम पर अन्य लोगों को कनेक्शन बांट दिए गए। अपात्रों व संबंधित अधिकारियों ने इसका दोहरा लाभ लिया।
दो जिलों में नहीं है एक भी पावरलूम संचालक
विभागीय रिकार्ड के अनुसार पावरलूम संचालक केवल बिजनौर, मुरादाबाद व अमरोहा जिले में ही है। रामपुर व संभल जिले में एक भी बुनकर कपड़ा बुनने में पावरलूम का इस्तेमाल नहीं करते हैं।
मंडल में नई बुनकर स्कीम के लिए पावरलूम संचालकों का सत्यापन किया गया। इनमें से करीब 1000 पावरलूम संचालक मौके पर नहीं मिले हैं। इसकी सूचना दोबारा विद्युत निगम को भेजी जा रही हैं। इन पावरलूम संचालकों के बारे में कुछ नहीं कहा जा सकता।
अरविंद कुमार, सहायक आयुक्त हथकरघा एवं वस्त्र उद्योग।