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फिर पुराने ढर्रे पर अस्पताल, मरीज रहे बेहाल

Wed, 11 Jul 2018 02:29 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, मुरादाबाद
ब्यूरो/अमर उजाला, मुरादाबाद Updated Wed, 11 Jul 2018 02:29 AM IST
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civic amenities failed in moradabad district hospital
अस्पताल भवन
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के दो दिवसीय मुरादाबाद दौरे पर जिला एवं महिला अस्पताल की जितनी जल्दी व्यवस्थाएं दुरुस्त हुई थी उतनी ही जल्दी व्यवस्थाएं चरमरा गई। मुख्यमंत्री के जाते ही अस्पताल अपने पुराने ढर्रे पर आ गए। मंगलवार को ओपीडी से डाक्टरों के गायब रहने से मरीज भटकते रहे। अस्पताल के बरामदों में जगह-जगह सजाए गमले गायब हो गए। 
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रविवार और सोमवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मुरादाबाद में थे। अस्पतालों के औचक निरीक्षण की आशंका को देखते हुए दोनों ही अस्पतालों में चिकित्सा व्यवस्थाएं एवं सेवाओं को दुरुस्त किया गया था। साफ-सफाई और रंग-रोगन के साथ पौधे एवं फूलों के गमलों सजाकर अस्पतालों का कायाकल्प किया गया था। डाक्टरों और स्टाफ नर्सों की छुट्टियां निरस्त होने से ओपीडी से लेकर इमरजेंसी और वार्डों में डाक्टरों की लगातार राउंड पर रहे। इससे मरीजों को बड़ी राहत मिली। यह व्यवस्था एक दिन से ज्यादा नहीं टिक सकी।  
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सुबह आठ बजे से दोपहर दो बजे तक ओपीडी चलती है। जिला अस्पताल की ओपीडी में दो हजार से अधिक मरीज पहुंचते हैं। मंगलवार को हड्डी एवं फिजीशियन समेत कई ओपीडी कक्षों में डाक्टर अपनी मनमर्जी से बैठे। जबकि बाहर मरीजों की लाइन लगी रही। मरीजों ने बताया कि डाक्टर इमरजेंसी के बहाने ओपीडी से गायब रहे। इमरजेंसी में भी एक डाक्टर की तैनाती रही। जबकि सोमवार को पांच डाक्टरों का पैनल ड्यूटी पर था।
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अस्पताल परिसर एवं बरामदों में सजाए गमलों की जगह आवारा कुत्ते लेेटे नजर आए। इमरजेंसी में बिछाई नई चादरें बाक्सों में पैक हो गई। रैन बसेरे में खोली गई वैकल्पिक इमरजेंसी को खोल दिया गया है। यह कामचलाऊ इमरजेंसी दो दिन बंद थी। इमरजेंसी के बाहर और अस्पताल परिसर डस्टबिन गंदगी से भरे नजर आए। अस्पताल प्रवेश द्वार पर फिर से फास्ट फूड एवं खाने के फड़ एवं ठेलियां सज गई। यही हाल महिला अस्पताल का रहा। 


डाक्टर अपनी ओपीडी में बैठे। इमरजेंसी केस आने की स्थिति में डाक्टरों ने ओपीडी छोड़ी होगी। ऐसे में ओपीडी मरीजों को कुछ समय इंतजार करना पड़ा होगा। गमले अस्थायी तौर पर सजाए गए थे और उन्हें मंगलवार को हटा दिया।
- डा. ज्योत्सना पंत, सीएमएस 
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