Chandrayaan 3: मुरादाबाद के तीन वैज्ञानिक बने हैं मिशन का खास हिस्सा, अनीश के कैमरों से दिख रही चंद्रमा की आभा
भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) का मिशन चंद्रयान-3 आज शाम चंद्रमा की सतह पर साफ्ट लैंडिंग करेगा। इसके लिए मुरादाबाद के तीन परिवारों के साथ शहर भर के लोगों में खासा उत्साह। इसका कारण शहर के तीन वैज्ञानिकों का इसमें विशेष योगदान देना है।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
पूरा देश चंद्रयान-3 की चांद पर सफल लैंडिंग की मनोकामना कर रहा है। हर वर्ग के लोग अपने-अपने तरीके से पूजा-पाठ कर रहे हैं। भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) का मिशन चंद्रयान-3 आज शाम चंद्रमा की सतह पर साफ्ट लैंडिंग करेगा। इसके लिए मुरादाबाद के तीन परिवारों के साथ शहर भर के लोगों में खासा उत्साह।
इसका कारण शहर के तीन वैज्ञानिकों का इसमें अहम योगदान है। इसरो में कार्यरत मुरादाबाद निवासी अनीश सक्सेना चंद्रयान मिशन 1 से लेकर अब तक जुड़े हैं। उनके बनाए गए हाई रिजोल्यूशन कैमरों से चांद की आभा को निहार रहे हैं।
उन्होंने चंद्रयान टू में लैंडर गिरने के बारे में सटीक जानकारी टीम को उपलब्ध करवाई थी। दूसरे वैज्ञानिक मेघ भटनागर हैं। वह चंद्रयान के महत्वपूर्ण हिस्सा ऑनबोर्ड सॉफ्टवेयर के क्वालिटी कंट्रोलिंग का जिम्मा संभाल रहे हैं। तीसरे वैज्ञानिक रजत प्रताप सिंह भी रॉकेट की कंट्रोलिंग करने वाली टीम में अपना योगदान दे रहे हैं।
सफल लैंडिंग के क्षण को देखने के उत्साहित मुरादाबादवासी
चंद्रयान-3 के चांद को छूने के ऐतिहासिक क्षण को देखने के लिए शहरवासी उत्साहित हैं। शैक्षिक संस्थाओं में लाइव प्रसारण को देखने की तैयारियां की गई हैं, तो शहरवासियों ने हवन-पूजन कर मिशन के सफल होने के लिए प्रार्थनाएं शुरू कर दी हैं। हर कोई ऐतिहासिक क्षण का गवाह बनने को आतुर है।
विद्यालयों और शैक्षणिक संस्थाओं ने विद्यार्थियों और शिक्षकों की विशेष सभाओं के आयोजन की तैयारी की है, ताकि चंद्रमा पर चंद्रयान-3 के उतरने का सीधे प्रसारण को देखा जा सके। तीर्थंकर महावीर विश्वविद्यालय के ऑडिटोरियम में चंद्रयान-3 की लैंडिंग का सीधा प्रसारण दिखाया जाएगा।