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अरिल नदी पुर्नजीवित करने को आगे भी जारी रहे अभियान : मुकुट
Sun, 03 Aug 2025 02:06 AM IST
मुरादाबाद ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, मुरादाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, मुरादाबाद
Updated Sun, 03 Aug 2025 02:06 AM IST
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बिलारी के ग्रामोदय महाविद्यालय अमरपुरकाशी के संस्थापक मुकुट सिंह-संवाद
बिलारी। ग्रामोदय महाविद्यालय अमरपुरकाशी के संस्थापक और शिक्षाविद मुकुट सिंह का कहना है कि अरिल नदी को पुर्नजीवित करने के लिए आगे भी अभियान जारी रखने की जरूरत है। प्रशासन को चाहिए की क्षेत्र के सामाजिक सोच के लोगों की बैठक बुलाए और अरिल नदी में जल प्रवाह तेज होने के लिए जरूरी कदम उठाए जाएं।
मुकुट सिंह शनिवार सुबह ग्रामोदय महाविद्यालय संस्थान में जल संरक्षण विषय को लेकर स्टाफ के साथ बैठक के बाद पत्रकारों से वार्ता कर रहे थे। ग्रामोदय महाविद्यालय, ग्रामोदय लॉ कॉलेज, कृषि औद्योगिक इंटर कॉलेज आदि के स्टाफ के साथ बैठक में बताया गया कि भूमिगत जलस्तर काफी नीचे होने की वजह से बिलारी ब्लॉक शासन की ओर से डार्क जोन की श्रेणी में है। गिरता भूमिगत जलस्तर ऊंचा उठाने के लिए नदी का पुर्नजीवित होना और बारिश के पानी का संरक्षण करना जरूरी है। बैठक के बाद मुकुट सिंह ने कहा कि अरिल नदी से बिलारी क्षेत्र की अपनी अलग पहचान है। क्षेत्र में विलुप्त हो चुकी अरिल नदी को पुर्नजीवित करने का तहसील बिलारी प्रशासन का काम सराहनीय है।
मुकुट सिंह ने कहा कि अरिल नदी की खुदाई का जो थोड़ा काम शेष रह गया है उसे भी प्रशासन को पूरा कराना चाहिए। तहसील प्रशासन बिलारी क्षेत्र के सामाजिक सोच वाले जागरूक लोगों की बैठक बुलाए। अरिल नदी को पुर्नजीवित करने के अभियान को जन आंदोलन का रूप दिया जाए। अभियान में आम जन मानस की सहभागिता सुनिश्चित कराई जाए। एक प्रश्न के उत्तर में मुकुट सिंह ने कहा कि प्रदेश के मुख्यमंत्री द्वारा छुटटा गोवंशीय पशुओं की सुरक्षा के लिए राजकीय गोशालाएं खुलवाने और कांवड़ यात्रियों की सुरक्षा के लिए जरूरी कदम उठाने जैसे सराहनीय कार्य किए गए हैं।
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मुकुट सिंह शनिवार सुबह ग्रामोदय महाविद्यालय संस्थान में जल संरक्षण विषय को लेकर स्टाफ के साथ बैठक के बाद पत्रकारों से वार्ता कर रहे थे। ग्रामोदय महाविद्यालय, ग्रामोदय लॉ कॉलेज, कृषि औद्योगिक इंटर कॉलेज आदि के स्टाफ के साथ बैठक में बताया गया कि भूमिगत जलस्तर काफी नीचे होने की वजह से बिलारी ब्लॉक शासन की ओर से डार्क जोन की श्रेणी में है। गिरता भूमिगत जलस्तर ऊंचा उठाने के लिए नदी का पुर्नजीवित होना और बारिश के पानी का संरक्षण करना जरूरी है। बैठक के बाद मुकुट सिंह ने कहा कि अरिल नदी से बिलारी क्षेत्र की अपनी अलग पहचान है। क्षेत्र में विलुप्त हो चुकी अरिल नदी को पुर्नजीवित करने का तहसील बिलारी प्रशासन का काम सराहनीय है।
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मुकुट सिंह ने कहा कि अरिल नदी की खुदाई का जो थोड़ा काम शेष रह गया है उसे भी प्रशासन को पूरा कराना चाहिए। तहसील प्रशासन बिलारी क्षेत्र के सामाजिक सोच वाले जागरूक लोगों की बैठक बुलाए। अरिल नदी को पुर्नजीवित करने के अभियान को जन आंदोलन का रूप दिया जाए। अभियान में आम जन मानस की सहभागिता सुनिश्चित कराई जाए। एक प्रश्न के उत्तर में मुकुट सिंह ने कहा कि प्रदेश के मुख्यमंत्री द्वारा छुटटा गोवंशीय पशुओं की सुरक्षा के लिए राजकीय गोशालाएं खुलवाने और कांवड़ यात्रियों की सुरक्षा के लिए जरूरी कदम उठाने जैसे सराहनीय कार्य किए गए हैं।
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