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आपत्ति जनक पोस्ट पर मौलाना के खिलाफ एफआईआर
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कांठ (मुरादाबाद)। सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक पोस्ट डालने के आरोप में पुलिस ने एक मौलाना के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। मौलाना एआईएमआईएम के प्रदेश सचिव भी हैं। पिछले दिनों पुलिस ने इन्हें नागरिकता संशोधन कानून का विरोध प्रदर्शन किए जाने के ऐलान पर हिरासत में ले लिया था। हालांकि कई घंटे थाने में रखने के बाद इन्हें थाने से जाने दिया था।
छजलैट थाने के गांव सराय खजूर निवासी मौलाना मोहम्मद जाकिर ने पिछले दिनों सोशल मीडिया एक आपत्तिजनक पोस्ट डाली थी। पुलिस का आरोप है जिसका आशय भड़काऊ था। पोस्ट सामने आने पर पुलिस ने मौलाना मोहम्मद जाकिर के खिलाफ धारा 153 ए और 153 बी के तहत एफआईआर दर्ज की है। थानाध्यक्ष छजलैट प्रिंस शर्मा ने कहा कि पोस्ट एकदम भड़काऊ थी। मौलाना मोहम्मद जाकिर एआईएमआईएम के प्रदेश सचिव भी हैं।
मौलाना ने 16 दिसंबर को नागरिकता संशोधन कानून का विरोध प्रदर्शन कराने का ऐलान करते हुए 17 दिसंबर को लोगों से अधिक से अधिक संख्या में सरायखजूर में एकत्र होने को कहा था। जिसपर छजलैट पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया था। बाद में एआईएमआईएम के कुछ पदाधिकारी और कार्यकर्ता थाने पहुंच गए थे। उन्होंने दावा किया था कि वह अपना विरोध प्रदर्शन शांतिपूर्ण ढंग से करना चाहते हैं। पुलिस प्रशासन ने इसकी इजाजत नहीं दी तो इन्होंने थाने में ही उपजिलाधिकारी प्रेरणा सिंह को अपना ज्ञापन सौंप दिया था। पुलिस ने मौलाना मोहम्मद जाकिर को भी थाने से छोड़ दिया था।
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छजलैट थाने के गांव सराय खजूर निवासी मौलाना मोहम्मद जाकिर ने पिछले दिनों सोशल मीडिया एक आपत्तिजनक पोस्ट डाली थी। पुलिस का आरोप है जिसका आशय भड़काऊ था। पोस्ट सामने आने पर पुलिस ने मौलाना मोहम्मद जाकिर के खिलाफ धारा 153 ए और 153 बी के तहत एफआईआर दर्ज की है। थानाध्यक्ष छजलैट प्रिंस शर्मा ने कहा कि पोस्ट एकदम भड़काऊ थी। मौलाना मोहम्मद जाकिर एआईएमआईएम के प्रदेश सचिव भी हैं।
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मौलाना ने 16 दिसंबर को नागरिकता संशोधन कानून का विरोध प्रदर्शन कराने का ऐलान करते हुए 17 दिसंबर को लोगों से अधिक से अधिक संख्या में सरायखजूर में एकत्र होने को कहा था। जिसपर छजलैट पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया था। बाद में एआईएमआईएम के कुछ पदाधिकारी और कार्यकर्ता थाने पहुंच गए थे। उन्होंने दावा किया था कि वह अपना विरोध प्रदर्शन शांतिपूर्ण ढंग से करना चाहते हैं। पुलिस प्रशासन ने इसकी इजाजत नहीं दी तो इन्होंने थाने में ही उपजिलाधिकारी प्रेरणा सिंह को अपना ज्ञापन सौंप दिया था। पुलिस ने मौलाना मोहम्मद जाकिर को भी थाने से छोड़ दिया था।
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