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पुरानी रामगंगा में पलटी बैल गाड़ी, किशोरी की मौत, किसान समेत तीन को बचाया
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मुरादाबाद। खेत से चारा लेने जा रहे एक किसान की बैलगाड़ी रामगंगा नदी में पलट गई। जिससे बैलगाड़ी में सवार एक किशोरी की नदी में डूबने से मौत हो गई। जबकि किशोरी की बहन, उसके चाचा और पड़ोसी किशोर को किसी तरह से बचा लिया गया है। एक बैल की जान भी डूबने से चली गई। पुलिस और तहसील की टीम भी मौके पर पहुंची और जानकारी की।
सीओ हाईवे राम सागर ने बताया कि दौलतपुर अजमतपुर गांव निवासी किसान इकरार (55) शुक्रवार सुबह साढ़े नौ बजे बैलगाड़ी से अपने खेत से चारा लेने जा रहा था। इकरार की बैल गाड़ी में उसकी दो निशा(14) और गुलनाज(16) पुत्री गफ्फार और पड़ोसी शरीफ का बेटा जिशान (12) भी थे। खेत पर जाने के लिए ग्रामीणों को पुरानी रामगंगा से गुजरना पड़ता है। पिछले तीनों से लगातार बढ़ रहे पानी के कारण पुरानी रामगंगा के किनारों के गड्ढाें तक में पानी भर गया था। इकरार ने बैल गाड़ी पुरानी रामगंगा में उतार दी। उसे शायद अंदाजा नहीं था कि पानी इतना गहरा है। अचानक गहरी खाई में जाकर बैल गाड़ी पलट गई। इसके नीचे किसान और किशोरियां व किशोर भी दब गए। आस पड़ोस के खेताें में काम कर रहे ग्रामीण दौड़े और उन्होंने किसान इकरार, गुलनाज, जिशान को तो किसी तरह से बचा लिया, जबकि निशा बह गई। इस हादसे की सूचना गांव में पहुंची तो इनके परिवारों में चीख पुकार मच गई। अन्य ग्रामीणों के साथ ही परिजन भी पहुंच गए। सूचना मिलने पर गोताखोर भी मौके पर आ गए और शुक्रवार दोपहर करीब ढाई बजे पांच घंटे बाद किशोरी निशा की लाश तलाश कर ली गई। पुलिस ने पंचनामा भरने के बाद शव पीएम को भेजने चाहा, लेकिन परिजनों ने पीएम कराने से इनकार कर दिया। सीओ हाईवे राम सागर ने बताया कि बिना पोस्टमार्टम के ही शव परिजनों की सुपुर्दगी में दे दिया गया है।
वर्षों पहले यहीं थी रामगंगा की मुख्य धार
मुरादाबाद। ग्रामीणों ने बताया कि जिस जगह किशोरी की डूबकर मौत हुई है यहीं वर्षों पहले रामगंगा की मुख्य धार थी। अब रामगंगा कटान करते हुए करीब तीन किलोमीटर दूर पहुंच चुकी है। ये गड्ढे करीब चालीस साल पुराने हैं। बारिश होेने या बाढ़ आने पर इसमें पानी भर जाता है। जिससे खेत पर जाने वाले ग्रामीणों को दिक्कतें उठानी पड़ती हैं।
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पांच घंटे बाद मिली लाश
मुरादाबाद। शुक्रवार सुबह करीब नौ बजे बैल गाड़ी पलटी थी। किसान इकरार, उसकी भतीजे गुलनाज और जिशान को बचाकर ग्रामीण गांव ले गए और उनका इलाज भी कराया गया था। इसके बाद से ही ग्रामीण निशा की तलाश में थे, लेकिन काफी खोजबीन के बाद भी निशा नही मिल पाई। इसकी सूचना मिलने पर मूंढापांडे की पुलिस भी मौके पर पहुंच गई। इसके बाद गोताखोर बुला लिए गए। करीब पांच घंटे की मशक्कत के बाद किशोरी की लाश बरामद हो सकी।
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सीओ हाईवे राम सागर ने बताया कि दौलतपुर अजमतपुर गांव निवासी किसान इकरार (55) शुक्रवार सुबह साढ़े नौ बजे बैलगाड़ी से अपने खेत से चारा लेने जा रहा था। इकरार की बैल गाड़ी में उसकी दो निशा(14) और गुलनाज(16) पुत्री गफ्फार और पड़ोसी शरीफ का बेटा जिशान (12) भी थे। खेत पर जाने के लिए ग्रामीणों को पुरानी रामगंगा से गुजरना पड़ता है। पिछले तीनों से लगातार बढ़ रहे पानी के कारण पुरानी रामगंगा के किनारों के गड्ढाें तक में पानी भर गया था। इकरार ने बैल गाड़ी पुरानी रामगंगा में उतार दी। उसे शायद अंदाजा नहीं था कि पानी इतना गहरा है। अचानक गहरी खाई में जाकर बैल गाड़ी पलट गई। इसके नीचे किसान और किशोरियां व किशोर भी दब गए। आस पड़ोस के खेताें में काम कर रहे ग्रामीण दौड़े और उन्होंने किसान इकरार, गुलनाज, जिशान को तो किसी तरह से बचा लिया, जबकि निशा बह गई। इस हादसे की सूचना गांव में पहुंची तो इनके परिवारों में चीख पुकार मच गई। अन्य ग्रामीणों के साथ ही परिजन भी पहुंच गए। सूचना मिलने पर गोताखोर भी मौके पर आ गए और शुक्रवार दोपहर करीब ढाई बजे पांच घंटे बाद किशोरी निशा की लाश तलाश कर ली गई। पुलिस ने पंचनामा भरने के बाद शव पीएम को भेजने चाहा, लेकिन परिजनों ने पीएम कराने से इनकार कर दिया। सीओ हाईवे राम सागर ने बताया कि बिना पोस्टमार्टम के ही शव परिजनों की सुपुर्दगी में दे दिया गया है।
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वर्षों पहले यहीं थी रामगंगा की मुख्य धार
मुरादाबाद। ग्रामीणों ने बताया कि जिस जगह किशोरी की डूबकर मौत हुई है यहीं वर्षों पहले रामगंगा की मुख्य धार थी। अब रामगंगा कटान करते हुए करीब तीन किलोमीटर दूर पहुंच चुकी है। ये गड्ढे करीब चालीस साल पुराने हैं। बारिश होेने या बाढ़ आने पर इसमें पानी भर जाता है। जिससे खेत पर जाने वाले ग्रामीणों को दिक्कतें उठानी पड़ती हैं।
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पांच घंटे बाद मिली लाश
मुरादाबाद। शुक्रवार सुबह करीब नौ बजे बैल गाड़ी पलटी थी। किसान इकरार, उसकी भतीजे गुलनाज और जिशान को बचाकर ग्रामीण गांव ले गए और उनका इलाज भी कराया गया था। इसके बाद से ही ग्रामीण निशा की तलाश में थे, लेकिन काफी खोजबीन के बाद भी निशा नही मिल पाई। इसकी सूचना मिलने पर मूंढापांडे की पुलिस भी मौके पर पहुंच गई। इसके बाद गोताखोर बुला लिए गए। करीब पांच घंटे की मशक्कत के बाद किशोरी की लाश बरामद हो सकी।