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Moradabad News: मंडी में पांच घंटे गरजा बुलडोजर, नोकझोंक के बीच 100 से ज्यादा अवैध निर्माण ध्वस्त
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मुरादाबाद। सचिव संजीव कुमार की पिटाई के दूसरे दिन मंडी समिति परिसर में प्रशासन का बुलडोजर गरजा। विरोध और नोकझोंक के बीच मंगलवार सुबह एडीएम सिटी ज्योति सिंह और एसपी सिटी कुमार रणविजय सिंह के नेतृत्व में टीम ने 100 से अधिक दुकानों पर किए गए अवैध निर्माण को ध्वस्त कर दिया। पांच घंटे चली इस कार्रवाई के दौरान व्यापारियों और आढ़तियों में भगदड़ जैसी स्थिति बनी रही। इस दौरान विरोध करने वाले आढ़तियों को पुलिस ने हिरासत में लेकर गाड़ी में बिठा लिया। बाद में उन्हें छोड़ दिया गया।
सोमवार को मंडी समिति के सचिव से हुई मारपीट की घटना के बाद मंगलवार को जिला प्रशासन की टीम ने अतिक्रमण के खिलाफ बड़ा अभियान चलाया। मंडी समिति परिसर में करीब पांच घंटे तक पांच बुलडोजरों से 100 से अधिक अस्थाई और स्थाई रूप से बनी दुकानों, छप्परों और टीन शेड को ध्वस्त कर दिया गया। इससे पहले सुबह साढ़े दस बजे तक मंडी में व्यापार और खरीदारी का माहौल था लेकिन 11 बजे जैसे ही प्रशासन ने कार्रवाई शुरू की तो देखते ही देखते पूरा परिसर मलबे के ढेर और बिखरी सब्जियों के दृश्य में तब्दील हो गया।
व्यापारियों और आढ़तियों ने प्रशासन की कार्रवाई को मनमाना करार देते हुए आरोप लगाया कि बिना किसी पूर्व सूचना के उन्हें उजाड़ दिया गया। इससे उनका रोजगार भी प्रभावित हुआ और उनके स्टॉक किए गए सामान भी खराब हो गए हैं। आढ़ती राजपाल ने कहा कि वह कई साल से कारोबार कर रहे हैं। प्रशासन ने उनके टीन शेड तोड़ डाले। ऊपर से अचानक हुई बारिश ने रही-सही सब्जियां भी खराब कर दीं।
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प्रशासन को कार्रवाई के दौरान कई बार विरोध भी झेलना पड़ा। व्यापारियों की अधिकारियों के साथ नोकझोंक भी हुई। इस बीच कई व्यापारी इकट्ठा हुए और इस कार्रवाई के विरोध में नारेबाजी करने लगे। मौके पर मौजूद पुलिस बल ने उन्हें तितर-बितर कर दिया और नेतृत्व करने वाले आढ़ती को हिरासत में लेकर गाड़ी में बिठा लिया। हालांकि माहौल शांत होने और माफी मांगने के बाद आढ़ती को छोड़ दिया गया।
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बारिश के बाद खराब हुईं सब्जियां
जिला प्रशासन की कार्रवाई के दौरान ही बारिश होने लगी। इससे व्यापारी अपना सामान स्टोर नहीं कर सके और कई दुकानदारों की सब्जियां व फल बारिश में भीग गए। परिसर में कीचड़ फैल जाने से व्यापारी तेजी से अपने सामान को समेट नहीं सके। बोरे और क्रेट में भरी सब्जियां पानी में भीग गईं।
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मारपीट के विरोध में उतरे आढ़ती
कार्रवाई के दौरान सोमवार को मंडी समिति के सचिव के साथ हुई मारपीट की घटना की भी चर्चा होती रही। अधिकतर आढ़तियों एवं व्यापारियों ने सचिव के साथ हुई मारपीट की घटना पर अपना विरोध जताया। उनका कहना था कि मंडी सचिव के साथ मारपीट नहीं करनी थी। इससे सभी लोगों का नुकसान हुआ है और उनकी रोजी-रोटी पर संकट आ गया है। आढ़तियों का कहना था कि जिन लोगों ने सचिव को मारा है उन्हें सचिव से सिर्फ बात करनी चाहिए थी। अधिकारी के साथ हुई मारपीट का नुकसान उन्हें झेलना पड़ा है।
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- विधायक ने जिसकी की पैरवी, उस पर भी कार्रवाई
व्यापारियों ने जिला प्रशासन की इस कार्रवाई को पूरी तरह से एकतरफा बताया। कुछ दुकानदारों ने यह भी बताया कि शहर विधायक ने जिन आढ़तियों की पैरवी की थी उनके भी अवैध निर्माण ध्वस्त कर दिए गए।
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- भारी पुलिस बल रहा तैनात
मंडी परिसर में दिनभर तनाव बना रहा। कार्रवाई के दौरान भारी संख्या में पुलिस बल की भी तैनाती की गई थी। वहीं लोगों की आवाजाही भी सीमित कर दी गई थी। कार्रवाई का विरोध करने वाले व्यापारियों पर पुलिस ने सख्ती भी की।
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- इस कार्रवाई का समिति पूरी तरह से विरोध करती है। बुधवार को समिति बैठक करेगी और जिलाधिकारी से मिलकर अपनी बात रखेगी। इस तरह की कार्रवाई नहीं होनी चाहिए थी। सभी व्यापारियों में इस कार्रवाई को लेकर रोष है। - विनोद शर्मा, प्रवक्ता, फल-सब्जी विक्रेता कल्याण समिति
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सोमवार को मंडी समिति के सचिव से हुई मारपीट की घटना के बाद मंगलवार को जिला प्रशासन की टीम ने अतिक्रमण के खिलाफ बड़ा अभियान चलाया। मंडी समिति परिसर में करीब पांच घंटे तक पांच बुलडोजरों से 100 से अधिक अस्थाई और स्थाई रूप से बनी दुकानों, छप्परों और टीन शेड को ध्वस्त कर दिया गया। इससे पहले सुबह साढ़े दस बजे तक मंडी में व्यापार और खरीदारी का माहौल था लेकिन 11 बजे जैसे ही प्रशासन ने कार्रवाई शुरू की तो देखते ही देखते पूरा परिसर मलबे के ढेर और बिखरी सब्जियों के दृश्य में तब्दील हो गया।
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व्यापारियों और आढ़तियों ने प्रशासन की कार्रवाई को मनमाना करार देते हुए आरोप लगाया कि बिना किसी पूर्व सूचना के उन्हें उजाड़ दिया गया। इससे उनका रोजगार भी प्रभावित हुआ और उनके स्टॉक किए गए सामान भी खराब हो गए हैं। आढ़ती राजपाल ने कहा कि वह कई साल से कारोबार कर रहे हैं। प्रशासन ने उनके टीन शेड तोड़ डाले। ऊपर से अचानक हुई बारिश ने रही-सही सब्जियां भी खराब कर दीं।
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प्रशासन को कार्रवाई के दौरान कई बार विरोध भी झेलना पड़ा। व्यापारियों की अधिकारियों के साथ नोकझोंक भी हुई। इस बीच कई व्यापारी इकट्ठा हुए और इस कार्रवाई के विरोध में नारेबाजी करने लगे। मौके पर मौजूद पुलिस बल ने उन्हें तितर-बितर कर दिया और नेतृत्व करने वाले आढ़ती को हिरासत में लेकर गाड़ी में बिठा लिया। हालांकि माहौल शांत होने और माफी मांगने के बाद आढ़ती को छोड़ दिया गया।
बारिश के बाद खराब हुईं सब्जियां
जिला प्रशासन की कार्रवाई के दौरान ही बारिश होने लगी। इससे व्यापारी अपना सामान स्टोर नहीं कर सके और कई दुकानदारों की सब्जियां व फल बारिश में भीग गए। परिसर में कीचड़ फैल जाने से व्यापारी तेजी से अपने सामान को समेट नहीं सके। बोरे और क्रेट में भरी सब्जियां पानी में भीग गईं।
मारपीट के विरोध में उतरे आढ़ती
कार्रवाई के दौरान सोमवार को मंडी समिति के सचिव के साथ हुई मारपीट की घटना की भी चर्चा होती रही। अधिकतर आढ़तियों एवं व्यापारियों ने सचिव के साथ हुई मारपीट की घटना पर अपना विरोध जताया। उनका कहना था कि मंडी सचिव के साथ मारपीट नहीं करनी थी। इससे सभी लोगों का नुकसान हुआ है और उनकी रोजी-रोटी पर संकट आ गया है। आढ़तियों का कहना था कि जिन लोगों ने सचिव को मारा है उन्हें सचिव से सिर्फ बात करनी चाहिए थी। अधिकारी के साथ हुई मारपीट का नुकसान उन्हें झेलना पड़ा है।
- विधायक ने जिसकी की पैरवी, उस पर भी कार्रवाई
व्यापारियों ने जिला प्रशासन की इस कार्रवाई को पूरी तरह से एकतरफा बताया। कुछ दुकानदारों ने यह भी बताया कि शहर विधायक ने जिन आढ़तियों की पैरवी की थी उनके भी अवैध निर्माण ध्वस्त कर दिए गए।
- भारी पुलिस बल रहा तैनात
मंडी परिसर में दिनभर तनाव बना रहा। कार्रवाई के दौरान भारी संख्या में पुलिस बल की भी तैनाती की गई थी। वहीं लोगों की आवाजाही भी सीमित कर दी गई थी। कार्रवाई का विरोध करने वाले व्यापारियों पर पुलिस ने सख्ती भी की।
- इस कार्रवाई का समिति पूरी तरह से विरोध करती है। बुधवार को समिति बैठक करेगी और जिलाधिकारी से मिलकर अपनी बात रखेगी। इस तरह की कार्रवाई नहीं होनी चाहिए थी। सभी व्यापारियों में इस कार्रवाई को लेकर रोष है। - विनोद शर्मा, प्रवक्ता, फल-सब्जी विक्रेता कल्याण समिति