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Moradabad News: साले-भांजे भी एसआईआर फीडिंग में लगे फिर नहीं बच सकी बीएलओ की जान

Moradabad  Bureau मुरादाबाद ब्यूरो
Updated Mon, 01 Dec 2025 01:35 AM IST
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Brother-in-law and nephew also engaged in SIR feeding, then the BLO's life could not be saved.
मुरादाबाद। एसआईआर की फीडिंग का कार्य पूरा नहीं होने के कारण तनाव में आए सर्वेश सिंह को किसी अनहोनी से बचाने के लिए परिजन और रिश्तेदार हर संभव प्रयास करते रहे। उनकी पत्नी बबली, भांजा जितेंद्र कुमार और साला अरुण पिछले चार दिन से दिनरात एसआईआर का काम कर रहे। 70 प्रतिशत से ज्यादा काम पूरा भी हो गया बावजूद इसके सर्वेश सिंह पत्नी, भांजे और साले को सोता छोड़कर चले गए और उन्होंने जान दे दी।
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भोजपुर के बहेड़ी ब्रह्मनान निवासी सहायक अध्यापक सर्वेश सिंह को सात अक्तूबर को बीएलओ बनाया गया था। सर्वेश सिंह की पत्नी बबली ने बताया कि वह पहली बार बीएलओ बने थे। उन्होंने शुरुआत में खुद ही एसआईआर का डाटा फीड किया। उन्होंने घर-घर जाकर एसआईआर के लिए दस्तावेज इकट्ठा किए। किसी घर में फोटो नहीं मिल पा रहे थे तो कोई दस्तावेज देने को तैयार नहीं हो रहा था। जिन्हें वोटर बनाए जाने हैं उनमें कोई शादी में जाने की बात कहकर फोन काट रहा था तो कोई अपने दादा, पापा और भाई पर अपने दस्तावेज होने की बात कह रहा था। जिस कारण सर्वेश सिंह घर में आकर रोज अपनी परेशान बयां कर रहे थे। उन्हें तनाव बढ़ता रहा था।
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सर्वेश सिंह की परेशान को देखते हुए उनकी बीएससी एमएड, टीईटी उत्तीर्ण पत्नी बबली भी उनके साथ डाटा फीडिंग के कार्य में जुट गई थीं लेकिन पति-पत्नी भी ज्यादा काम आगे नहीं बढ़ा पा रहे थे। बबली ने अपने भाई अरुण कुमार और भांजे जितेंद्र कुमार को भी मदद के लिए बुला लिया। जितेंद्र ने बताया कि वह चार दिन से मामा के साथ एसआईआर काम कर रहे थे। वह शनिवार को उनके साथ बूथ पर भी गया और वहां से लोगों के दस्तावेज इकट्ठा किए। अरुण, जितेंद्र और बबली ने रात 12 बजे तक 70 प्रतिशत से ज्यादा काम पूरा कर दिया था बावजूद इसके सर्वेश सिंह का तनाव कम नहीं हुआ और उन्होंने फंदे पर लटककर जान दे दी।
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90 फार्म लापता होने से बढ़ गया था तनाव
मुरादाबाद। परिवार के लोगों का कहना है कि सर्वेश सिंह जब से बीएलओ बनाए गए थे तब से ही परेशान चल रहे थे। उनकी परेशान तब और बढ़ गई जब उनके 90 फार्म कहीं गायब हो गए। इसके बाद उन्होंने लापता फार्माें को काफी तलाशने का प्रयास किया लेकिन फार्म नहीं मिल रहे थे। सर्वेश सिंह के साले अरुण कुमार और भांजे का कहना है कि उनके अधिकारी लगातार उन्हें धमकियां दे रहे थे कि अगर फार्म नहीं मिलेंगे तो तुम्हारा वेतन रुक जाएगा और सस्पेंड कर दिए जाओगे। पहले एसआईआर का कार्य चार दिसंबर तक पूरा करने का लक्ष्य दिया गया था लेकिन फार्म लापता होने से उनकी बेचैनी बढ़ रही थी।
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