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UP: 95 लाख के लिए दिव्यांग का कत्ल... सड़क पर सिर पटककर मार डाला; कातिल भाई की कहानी सुन पुलिस भी हैरान

Sat, 10 May 2025 04:29 PM IST
शाहरुख खान अमर उजाला नेटवर्क, संभल
अमर उजाला नेटवर्क, संभल Published by: शाहरुख खान Updated Sat, 10 May 2025 04:29 PM IST
सार

यूपी के संभल जिले से एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसका सच जानकर हर कोई हैरान है। 95 लाख हड़पने के लिए दिव्यांग को सड़क पर पटक कर मार डाला। छोटे भाई ने ही वारदात को अंजाम दिया गया था। मामले में अधिवक्ता और भाई को गिरफ्तार किया गया है।

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Brother had committed murder to grab Rs 95 lakh insurance claim IN Sambhal
जानकारी देते पुलिस अफसर - फोटो : संवाद

विस्तार

संभल में बीमे के 95 लाख रुपये की रकम हड़पने के लिए छोटे भाई ने बड़े दिव्यांग भाई को पहले चलते ई-रिक्शा से धक्का मारकर गिरा दिया और जब सांस चलने का अहसास हुआ तो सड़क पर जोर से सिर पटका और जान ले ली। मरा जानकर मौके से चला गया। जब लोग एकत्र हुए तो उन्होंने एंबुलेंस के माध्यम से सरकारी अस्पताल भेजा। जहां मृत होने की पुष्टि की गई। 
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हत्या को हादसा बताकर आरोपी भाई ने एफआईआर भी दर्ज कराई। जब पुलिस को साक्ष्य नहीं मिले तो मुकदमे में अंतिम रिपोर्ट लगा दी। इसका पूरा फायदा आरोपी भाई को मिला। जो बीमे कराए गए थे। उसमें से एक कंपनी ने 20 लाख रुपये भी आरोपी के खाते में दे दिए। इस हत्या का खुलासा संभल एसपी कृष्ण कुमार विश्नोई ने किया है। 
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बहजोई थाना पुलिस ने मृतक के भाई और हत्या व बीमा कराने की सलाह देने वाले अधिवक्ता को गिरफ्तार किया है। शुक्रवार को एसपी ने संभल स्थित एएसपी कार्यालय में हत्या का खुलासा करते हुए बताया कि बदायूं जिले के थाना इस्लामनगर अंतर्गत मोहल्ला बमनपुरी निवासी दिव्यांग संजय की 20 जून 2024 को मौत हो गई थी। 
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संजय के भाई नवीन ने बताया था कि वह अपने भाई को दवाई दिलाने के लिए जा रहा था। तभी ई-रिक्शा को अज्ञात वाहन ने टक्कर मार दी थी। जिसमें उपचार को ले जाते समय संजय की मौत हो गई। पुलिस ने तहरीर के आधार पर हादसे में मौत होने की रिपोर्ट दर्ज की थी लेकिन साक्ष्य नहीं मिलने पर अंतिम रिपोर्ट लगा दी थी।

एसपी ने बताया कि फर्जी बीमा करने वाले गिरोह के खिलाफ जिले में अभियान चल रहा है। इसी क्रम में यह मामला सामने आया। जब इसकी जांच पड़ताल की तो संजय की हत्या किए जाने की आशंका लगी। गहराई से जांच करने के लिए संजय के भाई नवीन को हिरासत में लेकर कड़ाई से पूछताछ की तो पूरी कहानी प्याज के छिलकों की तरह खुलती चली गई।

पुलिस ने आरोपी के सहयोगी अधिवक्ता अखिलेश को भी गिरफ्तार कर लिया। एक अन्य आरोपी भागा हुआ है। एसपी ने बताया कि आरोपियों ने पूरी साजिश के तहत हत्या की घटना को अंजाम दिया था। आरोपी नवीन ने बताया कि अलग-अलग बीमा कंपनियों से 95 लाख रुपये की धनराशि पाने के लिए हत्या की थी। 

 

हत्या से पहले टाटा एआईजी की 10 लाख रुपये की पॉलिसी कराई थी। इसके अलावा नीवा कंपनी में 10 लाख, आईसीआईसीआई लोम्बर्ड की 50 लाख, एसबीआई जनरल 20 लाख व एक पॉलिसी पांच लाख रुपये की कराई गई थी। सभी पॉलिसी में क्लेम करने पर 95 लाख रुपये मिलने थे। इसमें 20 लाख रुपये एक पॉलिसी के मिल गए हैं जो खर्च कर दिए।

शराब ने संजय का घर बिगाड़ा, फिर जिंदगी ढाती रही सितम
संजय कई साल पहले तक इस्लामनगर में स्टेशनरी की दुकान चलाते थे। परिवार में पत्नी थी जो शराब का नशा करने से खफा रहती थी। औलाद नहीं होने के चलते भी झगड़ा होता था। पत्नी से विवाद तलाक तक पहुंच गया। तलाक होने के बाद संजय की शराब की लत बढ़ती चली गई और स्टेशनरी का काम पूरी तरह खराब हो गया था। 

 

आखिर में संजय सहारा पाने के लिए छोटे भाई नवीन के घर आकर रहने लगे। नवीन ने पुलिस को पूछताछ में बताया कि उसके ऊपर काफी कर्जा हो गया था। सितंबर 2023 में अपने डाकिया दोस्त राजू और अधिवक्ता अखिलेश को अपनी परेशानी बताई थी। अखिलेश अधिवक्ता के साथ बीमा करने का भी काम करता था। 

 

अखिलेश और राजू ने कहा कि संजय का परिवार नहीं है। इसलिए उसकी बीमा पॉलिसी करा लो और फिर हत्या कर देना। हत्या ऐसे करना जिससे हादसा लगे। जो भी पॉलिसी चलेंगी उनका प्रीमियम भरते रहना। लाखों रुपये आएंगे तो कर्ज भी चुका देना और हमारा हिस्सा भी दे देना। 

 

नवीन ने बताया कि जनवरी 2024 में अचानक उसके भाई संजय को लकवा हो गया था। 20 जून 2024 को अखिलेश और राजू मिलने के लिए पहुंचे थे और कहा कि हत्या कर दो लेकिन हादसा लगना चाहिए। उनके कहने के बाद ई-रिक्शा में लेकर घर से निकल गया था। गांव मऊ कठेर के नजदीक अचानक से ई-रिक्शा से गिरा दिया था। इसके बाद हत्या कर दी थी।

ई-रिक्शा चालक ने कहा अस्पताल ले चलो तो उसे भगा दिया
नवीन ने पुलिस को पूछताछ में यह भी बताया कि जब उसने ई-रिक्शा से अपने भाई संजय को गिराया तो वह गंभीर रूप से घायल हो गया था लेकिन जिंदा था। ई-रिक्शा चालक चाहता था कि वह अस्पताल ले जाए लेकिन ई-रिक्शा चालक पर लापरवाही से ई-रिक्शा चलाने का आरोप लगाते हुए रिपोर्ट दर्ज कराने की धमकी दी तो वह भाग गया।

बदायूं का दूसरा मामला संभल पुलिस ने पकड़ा
31 जुलाई को बदायूं जिले के थाना बिसौली अंतर्गत गांव दिलवारी निवासी दरियाब (38) की गाड़ी से कुचलकर व हथौड़े से पीटकर हत्या की थी। दरियाब भी दिव्यांग थे और सड़क हादसा चंदौसी के आटा-पतरौआ मार्ग दिखाया गया था। पुलिस ने इस हत्या के मामले में भी 29 दिसंबर 2024 को कोर्ट में अंतिम रिपोर्ट दाखिल कर दी थी। बीमा कंपनी टाटा एआईए के इन्वेस्टीगेटर को घटना संदिग्ध लगी तो उन्होंने पुलिस को सूचना दी थी। इसके बाद चंदौसी और बहजोई थाना पुलिस ने जांच शुरू की। जानकारी सामने आई कि दरियाब के नाम पर टाटा एआईए, बजाज एलियांस, आईसीआईसीआई, रिलायंस जनरल और किसान बीमा सहित कुल 50,68,000 रुपये की पॉलिसी थी। जबकि वह दिव्यांग होने के साथ आर्थिक रूप से बेहद कमजोर थे। इसके बाद भी उनकी पॉलिसी की प्रीमियम लगातार भरी जा रही थीं। पुलिस ने जांच पड़ताल की तो मामला हत्या का सामने आया। तीन आरोपी गिरफ्तार कर जेल भेजे जा चुके हैं।

कई हादसे अब पुलिस की जांच में शामिल
एसपी कृष्ण कुमार विश्नोई ने बताया कि एएसपी अनुकृति शर्मा के नेतृत्व में टीम काम कर रही है। कई हादसे पुलिस की जांच में शामिल हो गए हैं। यह वह हादसे हैं जिसमें किसी की जान गई और बीमा धनराशि क्लेम की गई है। एसपी का कहना है कि जांच जिस तरह से आगे बढ़ रही है। उससे तय है कि आगे खुलासे हो सकते हैं। एसपी का कहना है कि यह गंभीर मामले हैं कि बीमा धनराशि पाने के लिए हत्या की साजिश रची जा रही है और इसमें परिवार के लोग भी शामिल मिल रहे हैं। इसलिए इस मामले को गंभीरता से लिया गया है। 
 

फर्जी बीमा कर धनराशि हड़पने वाले गिरोह के खिलाफ लगातार कार्रवाई जारी है। इसमें गंभीर मामले भी सामने आए हैं। इस पूरे गिरोह के सदस्यों के खिलाफ गैंगस्टर की कार्रवाई की जाएगी। अभी इस गिरोह के खिलाफ जांच चल रही है। - कृष्ण कुमार विश्नोई, एसपी, संभल

फर्जी बीमा करा क्लेम हड़पने वाले गिरोह के पांच सदस्यों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल
चंदौसी थाना बनियाठेर पुलिस ने फर्जी बीमा पॉलिसी कर क्लेम हड़पने वाले अंतरराज्यीय गिरोह के पांच सदस्यों के खिलाफ न्यायालय में आरोपपत्र दाखिल किया है। अब तक जनपद के विभिन्न थाना क्षेत्र से 26 लोग गिरफ्तार कर जेल भेजे जा चुके हैं। गिरोह में और भी लोग शामिल होने की संभावना है। पुलिस की जांच जारी है। 

एसपी कृष्ण कुमार विश्नोई व एएसपी दक्षिणी अनुकृति शर्मा के निर्देशन और सीओ गुन्नौर दीपक तिवारी के नेतृत्व में जनपद की पुलिस टीम द्वारा फर्जी बीमा पॉलिसी करने वाले अंतरराज्यीय गिरोह के 26 सदस्यों को जेल भेजा जा चुका है। एएसपी दक्षिणी अनुकृति शर्मा ने बताया कि थाना बनियाठेर में दर्ज किए गए मुकदमे में पुलिस ने गिरफ्तार किए गए गिरोह के सदस्य आरोपी आराम सिंह निवासी ग्राम अल्हापुर थाना बिलारी जिला मुरादाबाद, करन मिश्रा उर्फ ओंकारेश्वर मिश्रा करन निवासी फुलवरिया थाना कैंट जिला बनारस, अमित निवासी मोहल्ला मस्जिद कस्बा बबराला थाना गुन्नौर, रवि शर्मा निवासी कस्बा बबराला थाना गुन्नौर व सूरजपाल निवासी मेहुआ हसनगंज थाना रजपुरा के विरुद्ध दो मई को 230 पेज की केस डायरी के साथ आरोपपत्र न्यायालय दाखिल किया है।

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