आजम खां बोले- सुरक्षा वापस ले लो, शस्त्र बेचने की अनुमति दे दो
-आजम खां ने चुनाव आयोग और मंडलायुक्त से किया अनुरोध
-23 मई को होनी वाली मतगणना में गड़बड़ी की जताई आशंका
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पूर्व मंत्री और रामपुर संसदीय सीट से सपा-बसपा-रालोद गठबंधन के प्रत्याशी आजम खां ने 23 मई होने वाली मतगणना में गड़बड़ी की आशंका जताई है। आजम खां ने कहा है कि उनकी जानकारी में आया है कि जिला प्रशासन के अधिकारियों ने इसकी पेशबंदी करनी शुरू कर दी है और उनसे अपनी जान का खतरा बताते हुए एडीएम ने एसपी को पत्र भेजा है। आजम खां ने कहा कि वह अपनी सुरक्षा वापस करना चाहते हैं और अपना, अपने बेटे अब्दुल्ला आजम और पत्नी डॉ. तजीन फात्मा के शस्त्र बेचना चाहते हैं। इसके लिए उन्होंने मंडलायुक्त मुरादाबाद को पत्र भेजा है और पूरे घटनाक्रम से चुनाव आयोग को अवगत करा दिया है।
सपा कार्यालय पर मंगलवार को आयोजित प्रेस कांफ्रेंस में आजम खां ने कहा कि रामपुर के माहौल और यूपी सरकार की नीयत के बारे में वह चुनाव आयोग को पहले भी कई बार अवगत करा चुके हैं। उन्होंने कहा कि मतदान वाले दिन पूरे रामपुर में दहशत का माहौल था। 77 हजार लोगों को रेड कार्ड जारी किए थे। अब जिला प्रशासन की कोशिश मतगणना में गड़बड़ी करने की है। जिला प्रशासन रामपुर में कर्फ्यू लगाकर मतगणना करना चाहता है। आजम खां ने कहा कि मेरी जानकारी में आया कि एडीएम ने मुझसे अपनी जान को खतरा बताते हुए एसपी को पत्र भेजा है। उन्होंने कहा कि यह मुझे मारने और वोटों की गिनती में गड़बड़ी करने की जिला प्रशासन की भूमिका है।
सरकार को चाहिए वह ऐसे अधिकारियों को पूरी सुरक्षा उपलब्ध कराए। उन्होंने कहा कि वह अपना गनर भी वापस करना चाहते हैं और उनके और उनके परिवार के सदस्यों के शस्त्र लाइसेंस को डीएम ने निलंबित कर दिया है। वह इन शस्त्रों को बेचना चाहते हैं। इसकी अनुमति के लिए वह मंडलायुक्त को पत्र भेज रहे हैं। आजम खां ने दावा किया कि चुनाव के दौरान जिला प्रशासन ने उन पर जो 16 मुकदमे दर्ज कराए थे उसमें पांच में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने गिरफ्तारी पर रोक लगा दी है। आजम खां ने कहा कि अधिकारी मेरी हत्या का षड़यंत्र रच रहे हैं और उनकी हर संभव कोशिश भाजपा प्रत्याशी को चुनाव जीताने की है।
मंडी समिति में डीएम के जाने पर जताया एतराज
आजम खां ने मंडी समिति में डीएम के जाने पर एतराज जताया है। उन्होंने कहा कि हो सकता है कि डीएम अपने साथ हैकिंग मशीन लेकर गए हों। हमें इन पर भरोसा नहीं है। इनकी गाड़ी की तलाशी होनी चाहिए। जब ईवीएम हैक कर ली गईं हैं तो मतगणना को लाइव दिखाने से क्या फायदा होगा।
-मैं होता तो एक मिनट में कुर्सी छोड़ देता
आजम खां ने कहा कि टाइम्स पात्रिका ने प्रधानमंत्री को लेकर खतरनाक टिप्पणी की है। अगर इसमें सत्यता नहीं है तो मोदी जी को इस पत्रिका के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करनी चाहिए। अगर इसमें सत्यता है तो उनको अपने पद से त्यागपत्र देकर देश की जनता तो यह बताना चाहिए वह सत्ता के लोभी नहीं, बल्कि त्यागी हैं। उन्होंने कहा कि अगर मैं इस पद पर होता जिसकी संभावना है तो कुर्सी छोड़ने में एक मिनट भी नहीं लगाता।