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अब एंटीजन टेस्ट से संक्रमण की रफ्तार से लगाया जाएगा ब्रेक
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मुरादाबाद। कोरोना संक्रमण के बढ़ते फैलाव को रोकने के लिए अब दिल्ली मॉडल पर मुरादाबाद में भी एंटीजन टेस्टिंग की जाएगी। इसकी तैयारियां शुरू हो गई हैं। सोमवार से आशंकित लोगों की एंटीजन किट से टेस्टिंग की जाएगी। इससे तत्काल रिपोर्ट पता चलने पर पॉजिटिव मरीजों को आइसोलेट कर संक्रमण को फैलने से रोका जा सकेगा। शुरुआत में पांच सौ आशंकितों के टेस्टिंग हो सकेगी। स्टाफ और संसाधन बढ़ने के साथ पॉजिटिव मरीजों के संपर्क में आए लोगों के अलावा प्राथमिक और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर चिह्नित होने वाले मरीजों के सैंपल भी लिए जाएंगे।
मुरादाबाद में कोरोना संक्रमित मरीजों का आंकड़ा 906 पहुंच गया है। संक्रमण तेजी से फैल रहा है। आशंकित मरीजों को भर्ती करने के लिए अस्पतालों में बेड क्षमता लगातार बढ़ाई जा रही है। जिले से आशंकित मरीजों के सैंपल ट्रू नेट मशीन और केजीएमयू लखनऊ भेजे जा रहे हैं। ट्रू नेट से प्रतिदिन औसतन 15 और केजीएमयू औसतन 550 से अधिक सैंपल जा रहे हैं। केजीएमयू से रिपोर्ट दो दिन में आ रही है। आशंकित की रिपोर्ट पॉजिटिव आने तक वह घर से बाहर घूम रहा है और संक्रमण फैला रहा है। जिला अस्पताल में आरटीपीसीआर लैब का उद्घाटन हो चुका है, लेकिन सैंपल जांच अभी शुरू नहीं हुई है। लैब में जांच शुरू होती भी है तो उसकी क्षमता एक बार में मात्र 96 सैंपल करने की है। स्टाफ की कमी और मशीन की क्षमता कम होने से संक्रमण रोकना चुनौती बना है।
सीएमओ डा. एमसी गर्ग के मुताबिक संक्रमण का फैलाव रोकने के लिए एंटीजन टेस्ट की सोमवार से शुरुआत होगी। एंटीजन टेस्टिंग से दिल्ली में संक्रमण पर ब्रेक लगाने में बड़ी कामयाबी मिली है। मुरादाबाद में शुरुआती चरण में पांच सौ लोगों के टेस्ट किए जाएंगे। इसके लिए कर्मियों की ट्रेनिंग दी जा रही गई है। टेस्टिंग किट उपलब्ध हो गई हैं। उन्होंने बताया कि अभी आशंकित और सीएचसी, पीएचसी में चिह्नित मरीजों के सैंपल होंगे। टीम बीच-बीच में संक्रमण का फैलाव जांचने के लिए रैपिड टेस्ट भी करेगी।
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- एंटीजन टेस्टिंग संक्रमण के फैलाव को रोकने में काफी मददगार साबित होगा। पॉजिटिव रिपोर्ट आते ही मरीज को अस्पताल में आइसोलेट किया जाएगा। इससे उनके परिवार और दूसरे लोगों में संक्रमण फैलने से रोका जा सकेगा।
- डा. एमसी गर्ग, सीएमओ।
- एंटीजन टेस्ट से 20 से 30 मिनट में रिपोर्ट आ जाती है। एंटीजन टेस्ट वायरल प्रोटीन की तलाश करता है। इसमें मरीज पॉजिटिव आने पर उसे अस्पताल में भर्ती कराया जाता है। जबकि निगेटिव आने पर उसका आरटीपीसीआर टेस्ट होता है। एंटीजन की प्रमाणिकता आरटीपीसीआर की तुलना में कम है।
- डा. नीलमणि, माइक्रोबायोलॉजिस्ट, जिला अस्पताल।
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मुरादाबाद में कोरोना संक्रमित मरीजों का आंकड़ा 906 पहुंच गया है। संक्रमण तेजी से फैल रहा है। आशंकित मरीजों को भर्ती करने के लिए अस्पतालों में बेड क्षमता लगातार बढ़ाई जा रही है। जिले से आशंकित मरीजों के सैंपल ट्रू नेट मशीन और केजीएमयू लखनऊ भेजे जा रहे हैं। ट्रू नेट से प्रतिदिन औसतन 15 और केजीएमयू औसतन 550 से अधिक सैंपल जा रहे हैं। केजीएमयू से रिपोर्ट दो दिन में आ रही है। आशंकित की रिपोर्ट पॉजिटिव आने तक वह घर से बाहर घूम रहा है और संक्रमण फैला रहा है। जिला अस्पताल में आरटीपीसीआर लैब का उद्घाटन हो चुका है, लेकिन सैंपल जांच अभी शुरू नहीं हुई है। लैब में जांच शुरू होती भी है तो उसकी क्षमता एक बार में मात्र 96 सैंपल करने की है। स्टाफ की कमी और मशीन की क्षमता कम होने से संक्रमण रोकना चुनौती बना है।
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सीएमओ डा. एमसी गर्ग के मुताबिक संक्रमण का फैलाव रोकने के लिए एंटीजन टेस्ट की सोमवार से शुरुआत होगी। एंटीजन टेस्टिंग से दिल्ली में संक्रमण पर ब्रेक लगाने में बड़ी कामयाबी मिली है। मुरादाबाद में शुरुआती चरण में पांच सौ लोगों के टेस्ट किए जाएंगे। इसके लिए कर्मियों की ट्रेनिंग दी जा रही गई है। टेस्टिंग किट उपलब्ध हो गई हैं। उन्होंने बताया कि अभी आशंकित और सीएचसी, पीएचसी में चिह्नित मरीजों के सैंपल होंगे। टीम बीच-बीच में संक्रमण का फैलाव जांचने के लिए रैपिड टेस्ट भी करेगी।
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- एंटीजन टेस्टिंग संक्रमण के फैलाव को रोकने में काफी मददगार साबित होगा। पॉजिटिव रिपोर्ट आते ही मरीज को अस्पताल में आइसोलेट किया जाएगा। इससे उनके परिवार और दूसरे लोगों में संक्रमण फैलने से रोका जा सकेगा।
- डा. एमसी गर्ग, सीएमओ।
- एंटीजन टेस्ट से 20 से 30 मिनट में रिपोर्ट आ जाती है। एंटीजन टेस्ट वायरल प्रोटीन की तलाश करता है। इसमें मरीज पॉजिटिव आने पर उसे अस्पताल में भर्ती कराया जाता है। जबकि निगेटिव आने पर उसका आरटीपीसीआर टेस्ट होता है। एंटीजन की प्रमाणिकता आरटीपीसीआर की तुलना में कम है।
- डा. नीलमणि, माइक्रोबायोलॉजिस्ट, जिला अस्पताल।