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Moradabad News: तेंदुए ने नील गाय के बच्चे को बनाया निवाला
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कांठ। तेंदुए ने नील गाय के बच्चे को अपना निवाला बना लिया। वहीं तेंदुआ भी दिखाई देने से ग्रामीणों में उसकी दहशत व्याप्त हो गई है। वन विभाग की टीम ने ग्रामीणों को जागरूक करते हुए उन्हें सतर्क किया है।
छजलैट क्षेत्र में शुक्ला की पुलिया के पास एक तेंदुए ने नील गाय के बच्चे को पकड़कर उसे अपना निवाला बना लिया। यहां नील गाय के बच्चे का अवशेष पड़ा हुआ था। शुक्रवार की शाम तेंदुआ इस स्थान पर फिर से दिखाई दिया। इधर से गुजर रहे राहगीरों ने भी उसे को देखा। जिस पर यहां ग्रामीणों की भीड़ भी एकत्र हो गई। कुछ लोगों के द्वारा रोड पर खड़े होकर दूर से तेंदुए की वीडियो बनाए जाने की बात भी कही है। गांव शुक्ला निवासी ऑटो चालक सुबोध ने बताया कि उसने भी तेंदुए को दीवार पर बैठा देखा है। इसकी सूचना वन विभाग को दी गई। जिस पर टीम ने मौके पर पहुंचकर नील गाय के बच्चे के अवशेष को गड्ढा खोदवाकर दबवाया। साथ ही ग्रामीणों को भी सतर्क करते हुए अकेले खेतों पर न जाने की सलाह दी। तेंदुए की दस्तक से ग्रामीणों में दहशत व्याप्त है। उन्होंने इसे पकड़वाने की मांग की है।
..फोटो सं. 11, 12
-- लगातार दिखाई दे रहे हैं तेंदुए, पकड़े भी जा रहे
कांठ। तहसील क्षेत्र में लगातार तेंदुए दिखाई दे रहे हैं। वन विभाग द्वारा क्षेत्र को पहले से ही तेंदुआ वाहुल्य घोषित किया हुआ है। बता दें कि एक साल में कांठ क्षेत्र से अब तक सात तेंदुए पकड़े भी जा चुके हैं। शुक्रवार को जिस स्थान पर तेंदुए ने नील गाय के बच्चे को अपना निवाला बनाया है, उस स्थान से करीब दो किलोमीटर की दूरी पर नौ जनवरी को भी किसान के खेत में बने नलकूप के कुएं में एक तेंदुआ गिर गया था। जिसे घंटों की मशक्कत के बाद वन विभाग की टीम ने रेस्क्यू कर पकड़ लिया था और उसे अमानगढ़ के जंगल में छोड़ा था। संवाद
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.... तेंदुए द्वारा नील गाय के बच्चे को मारने की सूचना प्राप्त हुई थी। जिस पर टीम ने मौके पर पहुंचकर जांच पड़ताल की। नील गाय के बच्चे के अवशेष को गड्ढे में दवा दिया गया है। ग्रामीणों ने तेंदुए को भी देखने की बात कही है। जिस पर उन्हें जागरूक करते हुए सतर्क रहने के लिए कहा गया है।
पुष्पेंद्र सिंह डिप्टी वन रेंजर, कांठ
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छजलैट क्षेत्र में शुक्ला की पुलिया के पास एक तेंदुए ने नील गाय के बच्चे को पकड़कर उसे अपना निवाला बना लिया। यहां नील गाय के बच्चे का अवशेष पड़ा हुआ था। शुक्रवार की शाम तेंदुआ इस स्थान पर फिर से दिखाई दिया। इधर से गुजर रहे राहगीरों ने भी उसे को देखा। जिस पर यहां ग्रामीणों की भीड़ भी एकत्र हो गई। कुछ लोगों के द्वारा रोड पर खड़े होकर दूर से तेंदुए की वीडियो बनाए जाने की बात भी कही है। गांव शुक्ला निवासी ऑटो चालक सुबोध ने बताया कि उसने भी तेंदुए को दीवार पर बैठा देखा है। इसकी सूचना वन विभाग को दी गई। जिस पर टीम ने मौके पर पहुंचकर नील गाय के बच्चे के अवशेष को गड्ढा खोदवाकर दबवाया। साथ ही ग्रामीणों को भी सतर्क करते हुए अकेले खेतों पर न जाने की सलाह दी। तेंदुए की दस्तक से ग्रामीणों में दहशत व्याप्त है। उन्होंने इसे पकड़वाने की मांग की है।
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..फोटो सं. 11, 12
कांठ। तहसील क्षेत्र में लगातार तेंदुए दिखाई दे रहे हैं। वन विभाग द्वारा क्षेत्र को पहले से ही तेंदुआ वाहुल्य घोषित किया हुआ है। बता दें कि एक साल में कांठ क्षेत्र से अब तक सात तेंदुए पकड़े भी जा चुके हैं। शुक्रवार को जिस स्थान पर तेंदुए ने नील गाय के बच्चे को अपना निवाला बनाया है, उस स्थान से करीब दो किलोमीटर की दूरी पर नौ जनवरी को भी किसान के खेत में बने नलकूप के कुएं में एक तेंदुआ गिर गया था। जिसे घंटों की मशक्कत के बाद वन विभाग की टीम ने रेस्क्यू कर पकड़ लिया था और उसे अमानगढ़ के जंगल में छोड़ा था। संवाद
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.... तेंदुए द्वारा नील गाय के बच्चे को मारने की सूचना प्राप्त हुई थी। जिस पर टीम ने मौके पर पहुंचकर जांच पड़ताल की। नील गाय के बच्चे के अवशेष को गड्ढे में दवा दिया गया है। ग्रामीणों ने तेंदुए को भी देखने की बात कही है। जिस पर उन्हें जागरूक करते हुए सतर्क रहने के लिए कहा गया है।
पुष्पेंद्र सिंह डिप्टी वन रेंजर, कांठ