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माता लक्ष्मी की पूजा अर्चना मांगा वरदान
Moradabad
Updated Sat, 25 Oct 2014 05:33 AM IST
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मुरादाबाद। कार्तिक मास के अमावस्या को दीपावली की धूम रही। घरों और प्रतिष्ठानों को मनोहारी ढंग से सजाया गया। मां लक्ष्मी की पूजा कर उनका अपने साथ ही रखने का आह्वान किया गया। धन तेरस से सजने शुरू हुए प्रतिष्ठान और घर दीपावली तक चर्मोत्कृष्टता पर पहुंच गए। लोगों ने इस दिन भगवान राम के लंका को जीत कर लौटने के दिन का जश्न मनाया। वहीं मां लक्ष्मी की पूजा कर उन्हें भी मनाने का प्रयास किया। उन्हें खील बताशों के साथ चीनी के खिलौनों का भोग भी अर्पित किया गया। प्रतिष्ठानों पर बहीखाते भी बदले गए। घरों को भी आकर्षक रूप से सजाया गया। पूजा के लिये नई लाई गईं लक्ष्मी गणेश की प्रतिमाएं स्थापित कर धन तेरस को लाए गए नए बर्तन, जेवर, चांदी के सिक्के आदि से पूजा एवं मां लक्ष्मी की विशेष आराधना की गई। हनुमान जी को रोट का भोग लगाकर उनकी भी आराधना की गई। घरों में मां सरस्वती की पूजा के साथ उनका दीपक भी जलाया गया। जो अगले दिन गोवर्धन की पूजा तक नियमित जलता रहा। बाद में बच्चों ने आतिशबाजी कर पर्व का आनंद लिया। कई घंटे तक आतिशबाजी की आवाज गूंजती रही। बच्चे फुलझड़ी की चिंगारियां देखकर चहकते रहे तो किशोर और युवाओं के साथ बुजुर्ग और महिलाएं भी पटाखों और अनार की रोशनी के साथ दिवाली बनाती रहीं। लोग बाजार में रोशनी देखने भी निकले। जिसके कारण बाजारों में भी भीड़ उमड़ी रही। हालांकि रात आठ बजे के बाद दुकानें बंद होनी शुरू हो गईं। इस लिये भीड़ ने बिजली की जगमगाती रोशनी और चाट तथा खेल खिलौनों का ही आनंद लिया। लोगों ने एक दूसरे को दीपावली पर्व की शुभकामनाएं दीं और मिठाई खिलाकर उज्ज्वल भविष्य की कामना की। यह सिलसिला देर रात तक जार रहा।