फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Moradabad News ›   अस्थि विसर्जन याद दिलाएगा अटल स्वप्न

अस्थि विसर्जन याद दिलाएगा अटल स्वप्न

Sat, 18 Aug 2018 02:20 AM IST
Updated Sat, 18 Aug 2018 02:20 AM IST
विज्ञापन
अस्थि विसर्जन याद दिलाएगा अटल स्वप्न
मुरादाबाद।
विज्ञापन

सरकार ने भारत रत्न अटल बिहारी बाजपेई की अस्थियों को सूबे के प्रत्येक जिले की प्रमुख नदियों में विसर्जित कराने का निर्णय लिया है। इसमें जिले की रामगंगा को भी शामिल किया गया है। अस्थि विसर्जन के साथ ही पूर्व प्रधानमंत्री का वह स्वप्न भी लोगों को याद आएगा, जिसमें उन्होंने नदियों का आपस में जोड़ने को कहा था। उसे सूखे और बाढ़ की बड़ी समस्याओं का समाधान हो जाता।
रामगंगा किनारे की ज्यादातर कालोनियों में बाढ़ जैसे हालात हैं। यहां पानी रास्तों में भरकर लोगों के घरों तक जा पहुंचा है। इस क्षेत्र के बाढ़ से डरे लोग मदद की गुहार लगा रहे हैं। वहीं भाकियू नेताओं ने दोपहर में कमिश्नर से मुलाकात कर गांगन नदी में पानी छोड़ने की मांग की। गांगन के सूखा रह जाने से आसपास के क्षेत्रों का भूजल स्तर गिरने लगा है। यदि रामगंगा और गांगन नदी आपस में जुड़ जातीं तो दोनाें क्षेत्र के लोगों की समस्याओं का समाधान हो जाता। यही अटल जी वह सपना था, जो प्रधानमंत्री रहने के दौरान उन्होंने देखा था। सामजस्य के अभाव में ज्यादातर नदियों का हाल बेहाल है। एक ओर ज्यादा पानी से हाहाकार मचता है तो दूसरी ओर सूखे से परेशानी आती है।
विज्ञापन

अब अटल जी की अस्थियों के विसर्जन के साथ ही उनके संकल्प का स्मरण होना स्वाभाविक है। सरकार बड़ी न सही, शुरूआत में जिलों की छोटी-छोटी नदियों को आपस में जोड़ने की पहल शुरू करती है तो सूखे और बाढ़ की स्थानीय समस्याओं से निजात मिल सकेगी।
विज्ञापन
विज्ञापन

...
स्थानीय नदियों में जल प्रवास का असंतुलन है। यही कारण है कि रामगंगा में ज्यादा पानी है और गांगन नदी सूखी पड़ी है। यदि थोड़ा पानी गांगन को दिया जाना संभव हो तो बरसात में दोनों नदियों का सामजस्य लोगों को राहत देगा। - मनोज कुमार, एक्सईएन बाढ़ नियंत्रण।
..
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed