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भाजपाइयों से वापस होंगे कांठ बवाल के मुकदमे
Updated Tue, 17 Jul 2018 02:05 AM IST
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मुरादाबाद।
कांठ बवाल में फंसे 100 से अधिक भाजपाइयों पर दर्ज मुकदमे वापस लेने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। कांठ बवाल के मुकदमों में राज्य मंत्री भूपेंद्र सिंह समेत मंडल के 100 से अधिक भाजपाई नामजद हैं। प्रदेश में भाजपा सरकार बनने के बाद से ही इन मुकदमों को वापस लेने की मांग उठ रही थी। विधि विभाग ने इसकी समीक्षा शुरू कर दी है। स्थानीय प्रशासन से भी इस बारे में रिपोर्ट मांगी जा रही हैं।
जुलाई 2014 में कांठ में मंदिर पर लगे लाउडस्पीकर को हटाने के बाद बवाल हुआ था। हिंदू संगठनों और भाजपा ने मंदिर से जबरन लाउडस्पीकर उतारे जाने का विरोध किया था। कई दिन तक कांठ और छजलैट में हिंदू संगठनों का धरना - प्रदर्शन चला था। पुलिस के लाठी चार्ज के बाद भाजपा इसमें कूद गई थी। भाजपा ने कांठ में महापंचायत बुलाई थी। प्रशासन ने महापंचायत पर रोक लगा दी थी। इस दौरान जमकर बवाल हुआ था। रेलवे ट्रैक पर पथराव में तत्कालीन डीएम चंद्रकांत की आंख पत्थर लगने से फूट गई थी। पुलिस ने 87 भाजपाइयों को मौके से गिरफ्तार किया था। कांठ जाते समय मुरादाबाद में ही हिरासत में लिए गए भाजपा के तत्कालीन क्षेत्रीय अध्यक्ष भूपेंद्र सिंह और महानगर अध्यक्ष रितेश गुप्ता समेत अन्य भाजपाइयों पर भी मुकदमे दर्ज किए गए थे। भाजपा के महानगर अध्यक्ष महेंद्र गुप्ता ने बताया कि कांठ बवाल के मुकदमों को वापस लेने के लिए शासन में मामला रखा गया था। विधि विभाग ने इस पर काम शुरू कर दिया है। स्थानीय प्रशासन की रिपोर्ट के बाद आगे की प्रक्रिया शुरू होगी।
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कांठ बवाल में फंसे 100 से अधिक भाजपाइयों पर दर्ज मुकदमे वापस लेने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। कांठ बवाल के मुकदमों में राज्य मंत्री भूपेंद्र सिंह समेत मंडल के 100 से अधिक भाजपाई नामजद हैं। प्रदेश में भाजपा सरकार बनने के बाद से ही इन मुकदमों को वापस लेने की मांग उठ रही थी। विधि विभाग ने इसकी समीक्षा शुरू कर दी है। स्थानीय प्रशासन से भी इस बारे में रिपोर्ट मांगी जा रही हैं।
जुलाई 2014 में कांठ में मंदिर पर लगे लाउडस्पीकर को हटाने के बाद बवाल हुआ था। हिंदू संगठनों और भाजपा ने मंदिर से जबरन लाउडस्पीकर उतारे जाने का विरोध किया था। कई दिन तक कांठ और छजलैट में हिंदू संगठनों का धरना - प्रदर्शन चला था। पुलिस के लाठी चार्ज के बाद भाजपा इसमें कूद गई थी। भाजपा ने कांठ में महापंचायत बुलाई थी। प्रशासन ने महापंचायत पर रोक लगा दी थी। इस दौरान जमकर बवाल हुआ था। रेलवे ट्रैक पर पथराव में तत्कालीन डीएम चंद्रकांत की आंख पत्थर लगने से फूट गई थी। पुलिस ने 87 भाजपाइयों को मौके से गिरफ्तार किया था। कांठ जाते समय मुरादाबाद में ही हिरासत में लिए गए भाजपा के तत्कालीन क्षेत्रीय अध्यक्ष भूपेंद्र सिंह और महानगर अध्यक्ष रितेश गुप्ता समेत अन्य भाजपाइयों पर भी मुकदमे दर्ज किए गए थे। भाजपा के महानगर अध्यक्ष महेंद्र गुप्ता ने बताया कि कांठ बवाल के मुकदमों को वापस लेने के लिए शासन में मामला रखा गया था। विधि विभाग ने इस पर काम शुरू कर दिया है। स्थानीय प्रशासन की रिपोर्ट के बाद आगे की प्रक्रिया शुरू होगी।
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