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अब भी गन्ना किसानों के 1.26 अरब बकाया
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मुरादाबाद।
15 जनवरी तक मंडल के किसानों का 1.26 अरब रुपयों का भुगतान होने के आसार नजर नहीं आ रहे हैं। यह राशि मंडल की छह चीनी मिलों पर हैं, इनमें सबसे ज्यादा बकाया बिजनौर जिले की बिजनौर, चांदपुर और मुरादाबाद की बिलारी चीनी मिलों पर हैं। इन मिलों को मंडलायुक्त यशवंत राव ने 15 जनवरी तक भुगतान करने के आदेश दिए थे। इस अवधि के बाद कार्रवाई की चेतावनी दी थी। इसीलिए गन्ना विभाग केसभी कार्यालय इन दो दिनों में अवकाश के बावजूद खुले रहेंगे।
गन्ना विभाग के आंकड़ों के अनुसार बिजनौर चीनी मिल पर अभी भी 35 करोड़ रुपये किसानों का बकाया है। इसी तरह चांदपुर चीनी मिल पर भी किसानों का 34 करोड़ रुपये बकाया हैं। मुरादाबाद की बिलारी चीनी मिल पर किसानों के27 करोड़ रुपये बकाया है। अगवानपुर चीनी मिल पर भी किसानों के20 करोड़ रुपये की बाकी है। तीन अन्य चीनी मिलों पर थोड़ी थोड़ी धनराशि बाकी है, जिसे 15 जनवरी तक देने का वादा कर दिया है।
सरकार ने चीनी मिलों को किसानों के बकाए का भुगतान करने के लिए साफ्ट लान की व्यवस्था की है। लेकिन बैंकों ने साख खराब होने केकारण मंडल की इन तीन चीनी मिलों को साफ ऋण प्रदान करने से इंकार कर दिया है। ऐसे में इन मिलों के प्रबंधतंत्र के सामने अपनी चीनी बेचकर ही किसानों का भुगतान करने का ही विकल्प बचा है।
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दूसरी ओर शासन और कमिश्नर की सख्ती केबाद उपायुक्त गन्ना ने इन मिलों को चेतावनी दी है। 15 जनवरी तक का अल्टीमेट दिया है। वहीं दूसरी ओर गन्ना समितियों को निर्देश दिए हैं कि वह किसानों के गन्ने की राशि मिलों से मिली है। उसे 24 घंटे केअंदर हस्तांतरित करा दें, इसमें किसी भी तरह की कोताही नहीं बरतें। इसीलिए अवकाश केबावजूद 14 व 15 जनवरी के अवकाश के दिनों में गन्ना विभाग के कार्यालय खुले रहेंगे।
इस साल के भी दो अरब मिलों पर बकाया हो गए
मुरादाबाद। मंडल की 22 चीनी मिलों ने किसानों को गन्ने का पिछले साल का भुगतान किया नहीं है। नए साल के करीब दो अरब रुपये बकाया हो गए हैं। अधिकारियों का कहना है कि पहले मौजूदा राशि का भुगतान हो जाए। उसी के बाद बकाया वाली मिलों से नए साल के भुगतान के लिए दबाव बनाएंगे। मंडल की पांच चीनी मिल ऐसी हैं, जिन्होंने थोड़ा बहुत नए साल का किसानों के बकाए का भुगतान कर दिया है। यह राशि बकाए की 12 फीसदी बताई जा रही है।
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15 जनवरी तक मंडल के किसानों का 1.26 अरब रुपयों का भुगतान होने के आसार नजर नहीं आ रहे हैं। यह राशि मंडल की छह चीनी मिलों पर हैं, इनमें सबसे ज्यादा बकाया बिजनौर जिले की बिजनौर, चांदपुर और मुरादाबाद की बिलारी चीनी मिलों पर हैं। इन मिलों को मंडलायुक्त यशवंत राव ने 15 जनवरी तक भुगतान करने के आदेश दिए थे। इस अवधि के बाद कार्रवाई की चेतावनी दी थी। इसीलिए गन्ना विभाग केसभी कार्यालय इन दो दिनों में अवकाश के बावजूद खुले रहेंगे।
गन्ना विभाग के आंकड़ों के अनुसार बिजनौर चीनी मिल पर अभी भी 35 करोड़ रुपये किसानों का बकाया है। इसी तरह चांदपुर चीनी मिल पर भी किसानों का 34 करोड़ रुपये बकाया हैं। मुरादाबाद की बिलारी चीनी मिल पर किसानों के27 करोड़ रुपये बकाया है। अगवानपुर चीनी मिल पर भी किसानों के20 करोड़ रुपये की बाकी है। तीन अन्य चीनी मिलों पर थोड़ी थोड़ी धनराशि बाकी है, जिसे 15 जनवरी तक देने का वादा कर दिया है।
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सरकार ने चीनी मिलों को किसानों के बकाए का भुगतान करने के लिए साफ्ट लान की व्यवस्था की है। लेकिन बैंकों ने साख खराब होने केकारण मंडल की इन तीन चीनी मिलों को साफ ऋण प्रदान करने से इंकार कर दिया है। ऐसे में इन मिलों के प्रबंधतंत्र के सामने अपनी चीनी बेचकर ही किसानों का भुगतान करने का ही विकल्प बचा है।
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दूसरी ओर शासन और कमिश्नर की सख्ती केबाद उपायुक्त गन्ना ने इन मिलों को चेतावनी दी है। 15 जनवरी तक का अल्टीमेट दिया है। वहीं दूसरी ओर गन्ना समितियों को निर्देश दिए हैं कि वह किसानों के गन्ने की राशि मिलों से मिली है। उसे 24 घंटे केअंदर हस्तांतरित करा दें, इसमें किसी भी तरह की कोताही नहीं बरतें। इसीलिए अवकाश केबावजूद 14 व 15 जनवरी के अवकाश के दिनों में गन्ना विभाग के कार्यालय खुले रहेंगे।
इस साल के भी दो अरब मिलों पर बकाया हो गए
मुरादाबाद। मंडल की 22 चीनी मिलों ने किसानों को गन्ने का पिछले साल का भुगतान किया नहीं है। नए साल के करीब दो अरब रुपये बकाया हो गए हैं। अधिकारियों का कहना है कि पहले मौजूदा राशि का भुगतान हो जाए। उसी के बाद बकाया वाली मिलों से नए साल के भुगतान के लिए दबाव बनाएंगे। मंडल की पांच चीनी मिल ऐसी हैं, जिन्होंने थोड़ा बहुत नए साल का किसानों के बकाए का भुगतान कर दिया है। यह राशि बकाए की 12 फीसदी बताई जा रही है।