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रोजगार के नाम पर फेल हो रहे कालेज
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मुरादाबाद।
शासन द्वारा राजकीय इंटरमीडिएट कालेजों के विद्यार्थियों को 70 फीसदी अंक प्राप्त करने पर रोजगार देने की योजना बनाई जा रही है, लेकिन स्नातक और परास्नातक कालेजों में संचालित व्यावसायिक पाठ्यक्रम के विद्यार्थियों के लिए रोजगार की व्यवस्था नहीं है। क्षेत्रीय उच्च शिक्षा अधिकारी का कहना है कि इस संबंध में कालेजों से जानकारी ली जाएगी।
शहर के पांच अशासकीय कालेजों में बीएड, विधि, बीबीए, बीकॉम ऑनर्स, बायोटेक आदि प्रोफेशन कोर्स संचालित किए जा रहे हैं। इनमें करीब हजार विद्यार्थी प्रतिवर्ष उत्तीर्ण होकर निकलते हैं। नैक मूल्यांकन के समय कालेजों को रोजगार देने की स्थिति भी बताई जाती है। इसके बावजूद रोजगार शून्य है। कंपनियों को बुलाकर साक्षात्कार नहीं करवाया जा रहा है। हिंदू कालेज में करियर गाइडेंस सेल के प्रभारी डॉ. राकेश कुमार ने बताया कि इस वर्ष एक भी कंपनी को नहीं बुलाया गया है। विद्यार्थियों को उनके भविष्य की संभावनाओं की जानकारी देने के लिए कार्यशाला करवाई गई है। गत वर्ष एक विद्यार्थी को नौकरी दिलवाई थी। उन्होंने बताया कि रोजगार देना इंजीनियरिंग कालेजों में ही संभव है। दयानंद आर्य कन्या महाविद्यालय की करियर गाइडेंस सेल की प्रभारी डॉ. सीमा महेंद्रा ने बताया कि इस वर्ष चार कार्यशालाएं करवाई गई हैं। सेल्फ फाइनेंस में संचालित पत्रकारिता के कोर्स में प्रवेश नहीं हैं। बीएड की छात्राएं अपने स्तर से स्कूलों में नौकरी प्राप्त करती हैं। उन्होंने बताया कि स्कूल संचालक जून-जुलाई में साक्षात्कार करवाते हैं, उस समय कालेज में अवकाश होता है। क्षेत्रीय उच्च शिक्षा अधिकारी डॉ. राजेश प्रकाश ने बताया कि कुछ जगह पर प्लेसमेंट सेल खोले गए हैं। कंपनी आ रही हैं। यदि विद्यार्थी योग्य हैं तो वह साक्षात्कार में पास हो जाते हैं। कालेजों में प्रोफेशन कोर्स में रोजगार की क्या स्थिति है, प्राचार्यों को पत्र लिखकर इसकी जानकारी ली जाएगी।
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शासन द्वारा राजकीय इंटरमीडिएट कालेजों के विद्यार्थियों को 70 फीसदी अंक प्राप्त करने पर रोजगार देने की योजना बनाई जा रही है, लेकिन स्नातक और परास्नातक कालेजों में संचालित व्यावसायिक पाठ्यक्रम के विद्यार्थियों के लिए रोजगार की व्यवस्था नहीं है। क्षेत्रीय उच्च शिक्षा अधिकारी का कहना है कि इस संबंध में कालेजों से जानकारी ली जाएगी।
शहर के पांच अशासकीय कालेजों में बीएड, विधि, बीबीए, बीकॉम ऑनर्स, बायोटेक आदि प्रोफेशन कोर्स संचालित किए जा रहे हैं। इनमें करीब हजार विद्यार्थी प्रतिवर्ष उत्तीर्ण होकर निकलते हैं। नैक मूल्यांकन के समय कालेजों को रोजगार देने की स्थिति भी बताई जाती है। इसके बावजूद रोजगार शून्य है। कंपनियों को बुलाकर साक्षात्कार नहीं करवाया जा रहा है। हिंदू कालेज में करियर गाइडेंस सेल के प्रभारी डॉ. राकेश कुमार ने बताया कि इस वर्ष एक भी कंपनी को नहीं बुलाया गया है। विद्यार्थियों को उनके भविष्य की संभावनाओं की जानकारी देने के लिए कार्यशाला करवाई गई है। गत वर्ष एक विद्यार्थी को नौकरी दिलवाई थी। उन्होंने बताया कि रोजगार देना इंजीनियरिंग कालेजों में ही संभव है। दयानंद आर्य कन्या महाविद्यालय की करियर गाइडेंस सेल की प्रभारी डॉ. सीमा महेंद्रा ने बताया कि इस वर्ष चार कार्यशालाएं करवाई गई हैं। सेल्फ फाइनेंस में संचालित पत्रकारिता के कोर्स में प्रवेश नहीं हैं। बीएड की छात्राएं अपने स्तर से स्कूलों में नौकरी प्राप्त करती हैं। उन्होंने बताया कि स्कूल संचालक जून-जुलाई में साक्षात्कार करवाते हैं, उस समय कालेज में अवकाश होता है। क्षेत्रीय उच्च शिक्षा अधिकारी डॉ. राजेश प्रकाश ने बताया कि कुछ जगह पर प्लेसमेंट सेल खोले गए हैं। कंपनी आ रही हैं। यदि विद्यार्थी योग्य हैं तो वह साक्षात्कार में पास हो जाते हैं। कालेजों में प्रोफेशन कोर्स में रोजगार की क्या स्थिति है, प्राचार्यों को पत्र लिखकर इसकी जानकारी ली जाएगी।
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