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‘परमात्मा से मिलन को आत्मचिंतन जरूरी’
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मुरादाबाद।
एक तू सच्चा तेरा नाम सच्चा धर्मार्थ समिति के तत्वावधान में रामलीला मैदान में चल रहे दिव्य सत्संग के दूसरे दिन मंगलवार को सतपुरुष बाबा फुलसंदे वालों ने कहा कि परमात्मा के मार्ग में सिद्धि और सफलता का एक ही रहस्य है कि व्यक्ति को गुरु ने परमात्मा से एकाकार होने का जो मार्ग दिया है, उस पर पूरे विश्वास और दृढ़ता से चलते रहना है। दूसरे के कहने में आकर अपने लक्ष्य से मत भटको।
परमब्रह्म की आराधना के लिए जो योग मार्ग दिखाया है, वह आराधना का श्रेष्ठ रास्ता है। बिना विचलित हुए, प्रतिदिन नियम के पालन से सफलता के साथ मंजिल भी मिलेगी। जैसे दूध में मक्खन मिला हुआ है, ऐसे ही तुममें परमब्रह्म का वास है। दूध को मथने से घी निकलता है, वैसे ही मन-आत्मा के चिंतन से साधना करके परमब्रह्म से मिला जा सकता है। नियमित परमेश्वर की आराधना, दान और सत्संग करने से उनकी आत्मा शुद्ध हो जाती है। स्वर्ग जाने के बाद वहां कल्पतरु के नीचे पुण्यात्मा वाले ही ठहरते हैं। दृढ़ता हममें और हमारे समाज में एकता आने पर ही आएगी। इसलिए परमेश्वर की राह में निर्भय होकर आगे बढ़ो और पवित्र हृदय से लोगों की सेवा करो। प्रवचनों के बाद आरती और नामदान (मंत्रदीक्षा) हुए। इस दौरान जागेश कुमार शर्मा, ओमपाल यादव, राकेश यादव, वीरेंद्र चौहान, शीला देवी आदि मौजूद रहे।
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एक तू सच्चा तेरा नाम सच्चा धर्मार्थ समिति के तत्वावधान में रामलीला मैदान में चल रहे दिव्य सत्संग के दूसरे दिन मंगलवार को सतपुरुष बाबा फुलसंदे वालों ने कहा कि परमात्मा के मार्ग में सिद्धि और सफलता का एक ही रहस्य है कि व्यक्ति को गुरु ने परमात्मा से एकाकार होने का जो मार्ग दिया है, उस पर पूरे विश्वास और दृढ़ता से चलते रहना है। दूसरे के कहने में आकर अपने लक्ष्य से मत भटको।
परमब्रह्म की आराधना के लिए जो योग मार्ग दिखाया है, वह आराधना का श्रेष्ठ रास्ता है। बिना विचलित हुए, प्रतिदिन नियम के पालन से सफलता के साथ मंजिल भी मिलेगी। जैसे दूध में मक्खन मिला हुआ है, ऐसे ही तुममें परमब्रह्म का वास है। दूध को मथने से घी निकलता है, वैसे ही मन-आत्मा के चिंतन से साधना करके परमब्रह्म से मिला जा सकता है। नियमित परमेश्वर की आराधना, दान और सत्संग करने से उनकी आत्मा शुद्ध हो जाती है। स्वर्ग जाने के बाद वहां कल्पतरु के नीचे पुण्यात्मा वाले ही ठहरते हैं। दृढ़ता हममें और हमारे समाज में एकता आने पर ही आएगी। इसलिए परमेश्वर की राह में निर्भय होकर आगे बढ़ो और पवित्र हृदय से लोगों की सेवा करो। प्रवचनों के बाद आरती और नामदान (मंत्रदीक्षा) हुए। इस दौरान जागेश कुमार शर्मा, ओमपाल यादव, राकेश यादव, वीरेंद्र चौहान, शीला देवी आदि मौजूद रहे।
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