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मस्ती का माहौल हुआ दूर, पढ़ाई का चढ़ा सुरूर
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मुरादाबाद।
आधा जनवरी बीत गया है। ऐसे में माहौल में मौज-मस्ती के बजाय पढ़ाई की गंभीरता छाने लगी है। परिवार में भी बच्चों की सहूलियत का ज्यादा ध्यान दिया जा रहा है। परिजन भी अब घूमने-फिरने या फिर पार्टियां करने के बजाय पढ़ाई को प्राथमिकता देने लगे हैं। इसका कारण बोर्ड परीक्षाओं के अलावा प्रतियोगी परीक्षाओं की आहट है। विशेषज्ञों का कहना है कि यह समय बच्चों के साथ अभिभावकों के लिए चुनौतीपूर्ण है। उन्हें अपेक्षाओं के बजाय आत्मविश्वास को बनाए रखना है।
उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा बोर्ड की परीक्षा सात फरवरी से शुरू हो रही हैं तो एमजेपी रुहेलखंड विश्वविद्यालय की परीक्षा एक मार्च से शुरू होने वाली हैं। वहीं एक और दो फरवरी को पीजीटी, आठ और नौ मार्च को टीजीटी की परीक्षा प्रस्तावित है। सीबीएसई की 21 फरवरी से दसवीं की और 15 फरवरी से इंटरमीडिएट की परीक्षा शुरू होंगी। यूपी संयुक्त प्रवेश परीक्षा 28 अप्रैल को होगी। ऐसे में हाईस्कूल से लेकर उच्च शिक्षा तक के विद्यार्थी पढ़ाई में जुट गए हैं।
विद्यार्थियों को समय प्रबंधन का विशेष ध्यान रखना है। पाठ्यक्रम को विषय और चैप्टर के हिसाब से बांट लें। अब पूरा पाठ्यक्रम एक साथ पढ़ने के बजाय खुद के नोट्स पर ध्यान दें। मुश्किल सवालों को हल करने में ध्यान एकाग्रचित करें। आसान सवालों पर सरसरी नजर बनाए रखें। इस तरह से अभ्यर्थी परीक्षा पास करने के साथ मेरिट में भी स्थान बना पाएंगे।
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सूरज देओल, विशेषज्ञ।
परीक्षा में सफल होने के लिए सबसे काम की चीज आत्मविश्वास है। परिजनों को विद्यार्थियों का बहुत साथ देना पड़ेगा। बच्चों को कभी भी दबाव महसूस नहीं होने दें। विद्यार्थी जितना पढ़ना चाहते हैं, उन्हें पढ़ने दें। दूसरों से अपने बच्चों की तुलना करना सही नहीं हैं। उन्हें प्रोत्साहित करना है। विद्यार्थी भी अपने ऊपर भरोसा रखें। जितनी तैयारी की है, उसकी निडरता पूर्वक परीक्षा देंगे तो जरूर पास होंगे।
डॉ. कार्तिकेय गुप्ता, मनोरोग विशेषज्ञ।
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आधा जनवरी बीत गया है। ऐसे में माहौल में मौज-मस्ती के बजाय पढ़ाई की गंभीरता छाने लगी है। परिवार में भी बच्चों की सहूलियत का ज्यादा ध्यान दिया जा रहा है। परिजन भी अब घूमने-फिरने या फिर पार्टियां करने के बजाय पढ़ाई को प्राथमिकता देने लगे हैं। इसका कारण बोर्ड परीक्षाओं के अलावा प्रतियोगी परीक्षाओं की आहट है। विशेषज्ञों का कहना है कि यह समय बच्चों के साथ अभिभावकों के लिए चुनौतीपूर्ण है। उन्हें अपेक्षाओं के बजाय आत्मविश्वास को बनाए रखना है।
उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा बोर्ड की परीक्षा सात फरवरी से शुरू हो रही हैं तो एमजेपी रुहेलखंड विश्वविद्यालय की परीक्षा एक मार्च से शुरू होने वाली हैं। वहीं एक और दो फरवरी को पीजीटी, आठ और नौ मार्च को टीजीटी की परीक्षा प्रस्तावित है। सीबीएसई की 21 फरवरी से दसवीं की और 15 फरवरी से इंटरमीडिएट की परीक्षा शुरू होंगी। यूपी संयुक्त प्रवेश परीक्षा 28 अप्रैल को होगी। ऐसे में हाईस्कूल से लेकर उच्च शिक्षा तक के विद्यार्थी पढ़ाई में जुट गए हैं।
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विद्यार्थियों को समय प्रबंधन का विशेष ध्यान रखना है। पाठ्यक्रम को विषय और चैप्टर के हिसाब से बांट लें। अब पूरा पाठ्यक्रम एक साथ पढ़ने के बजाय खुद के नोट्स पर ध्यान दें। मुश्किल सवालों को हल करने में ध्यान एकाग्रचित करें। आसान सवालों पर सरसरी नजर बनाए रखें। इस तरह से अभ्यर्थी परीक्षा पास करने के साथ मेरिट में भी स्थान बना पाएंगे।
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सूरज देओल, विशेषज्ञ।
परीक्षा में सफल होने के लिए सबसे काम की चीज आत्मविश्वास है। परिजनों को विद्यार्थियों का बहुत साथ देना पड़ेगा। बच्चों को कभी भी दबाव महसूस नहीं होने दें। विद्यार्थी जितना पढ़ना चाहते हैं, उन्हें पढ़ने दें। दूसरों से अपने बच्चों की तुलना करना सही नहीं हैं। उन्हें प्रोत्साहित करना है। विद्यार्थी भी अपने ऊपर भरोसा रखें। जितनी तैयारी की है, उसकी निडरता पूर्वक परीक्षा देंगे तो जरूर पास होंगे।
डॉ. कार्तिकेय गुप्ता, मनोरोग विशेषज्ञ।