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गार्ड बोले, मैं तो जिंदगी की आस ही छोड़ चुका था
Updated Fri, 23 Nov 2018 02:08 AM IST
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मुरादाबाद।
बेपटरी हुई पैसेंजर ट्रेन के गार्ड सतीश चंद्र शर्मा ने बताया कि ट्रेन सामान्य गति से चल रही थी। ट्रेन की रफ्तार 60 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे होगी। ट्रेन धमौरा से गुजर चुकी थी और दुगन की ओर बढ़ रही थी। इसी दौरान जोरदार झटका लगा और कोच पटरी से उतर गया। मैं कोच के अंदर ही फंस गया था। काफी देर तक वह कोच में ही फंसा रहा था। इंजन और शुरुआत के चार कोच आगे निकल गए। इसके बाद चालक अजीत सिंह ने इमरजेंसी ब्रेक लगाकर इंजन की रफ्तार कम की। तब तक सात कोच और गार्ड कोच पटरी से उतर चुके थे। शाहजहांपुर निवासी सतीश चंद्र शर्मा ने बताया कि वह रोजा में तैनात हैं। कोच लेकर लखनऊ जा रहे थे। हादसे की जानकारी मिलने आरपीएफ के जवान और रेलवे कर्मचारी आ गए। गार्ड को कोच से बाहर निकलाकर अस्पताल भिजवा दिया गया।
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बेपटरी हुई पैसेंजर ट्रेन के गार्ड सतीश चंद्र शर्मा ने बताया कि ट्रेन सामान्य गति से चल रही थी। ट्रेन की रफ्तार 60 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे होगी। ट्रेन धमौरा से गुजर चुकी थी और दुगन की ओर बढ़ रही थी। इसी दौरान जोरदार झटका लगा और कोच पटरी से उतर गया। मैं कोच के अंदर ही फंस गया था। काफी देर तक वह कोच में ही फंसा रहा था। इंजन और शुरुआत के चार कोच आगे निकल गए। इसके बाद चालक अजीत सिंह ने इमरजेंसी ब्रेक लगाकर इंजन की रफ्तार कम की। तब तक सात कोच और गार्ड कोच पटरी से उतर चुके थे। शाहजहांपुर निवासी सतीश चंद्र शर्मा ने बताया कि वह रोजा में तैनात हैं। कोच लेकर लखनऊ जा रहे थे। हादसे की जानकारी मिलने आरपीएफ के जवान और रेलवे कर्मचारी आ गए। गार्ड को कोच से बाहर निकलाकर अस्पताल भिजवा दिया गया।