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धोखाधड़ी में बीएसएनएल के सेवानिवृत अभियंता को सजा
Updated Tue, 04 Dec 2018 02:03 AM IST
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मुरादाबाद।
मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट पंकज जैसवाल की अदालत ने धोखाधड़ी के एक मामले में बीएसएनएल के सेवा निवृत्त मंडलीय अभियंता बनारसी दास को तीन साल की सजा सुनाई है। जबकि दो हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया।
अभियोजना अधिकारी नागेंद्र गोस्वामी ने किसरौल निवासी अदनान हुसैन ने 23 मई 2008 को बीएसएनएल के सेवानिवृत्त मंडलीय अभियंता बनारसी दास पर धोखाधड़ी का आरोप लगाकर केस दर्ज कराया था। जिसमें आरोप था कि बनारसी दास ने प्लाट का सौदा अदनान किया था। जिसमें चार लाख रुपये भी बनारसी दास को दिए गए, लेकिन बनारसी दास ने इस प्लाट पर पहले ही बैंक से लोन ले रखा था। जिस कारण बैनामा नहीं हो पाया। पुलिस ने इस मामले की तफ्तीश की ओर आरोपी बनारसी दास के खिलाफ अदालत में चार्जशीट दाखिल की। इस मामले की सुनवाई में मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट पंकज जैसवाल की अदालत में चली। सरकार की ओर से नागेंद्र गोस्वामी ने पक्ष रखा। अदालत ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद मुलजिम को दोषी मानते हुए तीन साल की सजा सुनाई। जबकि दो हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया।
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मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट पंकज जैसवाल की अदालत ने धोखाधड़ी के एक मामले में बीएसएनएल के सेवा निवृत्त मंडलीय अभियंता बनारसी दास को तीन साल की सजा सुनाई है। जबकि दो हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया।
अभियोजना अधिकारी नागेंद्र गोस्वामी ने किसरौल निवासी अदनान हुसैन ने 23 मई 2008 को बीएसएनएल के सेवानिवृत्त मंडलीय अभियंता बनारसी दास पर धोखाधड़ी का आरोप लगाकर केस दर्ज कराया था। जिसमें आरोप था कि बनारसी दास ने प्लाट का सौदा अदनान किया था। जिसमें चार लाख रुपये भी बनारसी दास को दिए गए, लेकिन बनारसी दास ने इस प्लाट पर पहले ही बैंक से लोन ले रखा था। जिस कारण बैनामा नहीं हो पाया। पुलिस ने इस मामले की तफ्तीश की ओर आरोपी बनारसी दास के खिलाफ अदालत में चार्जशीट दाखिल की। इस मामले की सुनवाई में मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट पंकज जैसवाल की अदालत में चली। सरकार की ओर से नागेंद्र गोस्वामी ने पक्ष रखा। अदालत ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद मुलजिम को दोषी मानते हुए तीन साल की सजा सुनाई। जबकि दो हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया।
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